लोकतंत्र के आंकड़ों में भूचाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र माने जाने वाले मेरठ में आज एक ऐसा प्रशासनिक भूचाल आया है, जिसने सियासी गलियारों से लेकर आम जनता तक सबको चौंका दिया है। लोकतंत्र का आधार 'मतदाता' होता है, लेकिन जब एक ही झटके में जिले की मतदाता सूची से साढ़े छह लाख से अधिक नाम गायब हो जाएं, तो इसे सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि 'वोटर स्ट्राइक' कहना गलत नहीं होगा।READ ALSO:-UP: SIR की पहली ड्राफ्ट सूची जारी, मतदाता सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को मेरठ जिला प्रशासन ने विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का विशेष पुनरीक्षण-2026 (Special Summary Revision) के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) जारी कर दिया। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने जब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आंकड़ों का पिटारा खोला, तो हर कोई दंग रह गया।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
जिले भर में कुल 6,65,647 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह संख्या कई छोटे राज्यों की कुल आबादी के बराबर है। प्रशासन का दावा है कि यह एक पारदर्शी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसका उद्देश्य फर्जी, मृत और शिफ्ट हो चुके वोटरों को हटाकर एक 'स्वच्छ और निष्पक्ष' सूची तैयार करना था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर नाम क्यों कटे? किस विधानसभा में सबसे ज्यादा गाज गिरी? और सबसे महत्वपूर्ण— अगर आपका नाम कट गया है, तो अब आप क्या कर सकते हैं?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. महा-अभियान का शुभारंभ: एक नई शुरुआत

\r\n\r\n
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस मौके पर जिले के तमाम आला अधिकारी, एडीएम प्रशासन, सभी एसडीएम और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

डीएम का संबोधन:

\r\n\r\n
जिलाधिकारी डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कड़े निर्देशों के अनुपालन में यह कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना है। पिछले कई महीनों से हमारे बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर सर्वे कर रहे थे। उसी सर्वे के आधार पर यह ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसकी एक प्रति (CD और हार्ड कॉपी) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सौंप दी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 20,34,185 रह गई है। यह आंकड़ा भविष्य के चुनावों की दशा और दिशा दोनों तय करेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. विधानसभा-वार 'सर्जिकल स्ट्राइक': कहां चली सबसे तेज कैंची?

\r\n\r\n
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि शहरी इलाकों में मतदाताओं की संख्या में सबसे भारी गिरावट आई है। आइए, एक-एक विधानसभा का हाल जानते हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

(A) मेरठ दक्षिण (Meerut South): सबसे बड़ी कटौती

\r\n\r\n
मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट, जो घनी आबादी वाला क्षेत्र है, यहां सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    हटाए गए वोटर्स: 1,54,739
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वजह: यह क्षेत्र मिश्रित आबादी वाला है। यहां बड़ी संख्या में लोग किराए पर रहते हैं या काम के सिलसिले में शहर छोड़कर चले जाते हैं। प्रशासन के अनुसार, शिफ्टेड वोटर्स की संख्या यहां सर्वाधिक थी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

(B) मेरठ कैंट (Meerut Cantt): दूसरे नंबर पर

\r\n\r\n
मेरठ छावनी क्षेत्र, जो अपनी विशिष्ट जनसांख्यिकी के लिए जाना जाता है, यहां भी प्रशासन की कैंची खूब चली है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    हटाए गए वोटर्स: 1,49,000
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वजह: कैंट क्षेत्र में सेना और अस्थायी निवासियों की संख्या अधिक होती है। इसके अलावा, पुराने मकानों में रहने वाले कई परिवार शिफ्ट हो चुके थे, लेकिन उनके नाम अभी भी दर्ज थे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

(C) मेरठ शहर (Meerut City): पुराना शहर, पुराने नाम

\r\n\r\n
पुरानी बसावट वाले इस इलाके में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    हटाए गए वोटर्स: 89,057
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वजह: यहां मृत मतदाताओं (Deceased Voters) और दोहरे पंजीकरण (Duplicate Entries) के मामले ज्यादा पाए गए।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

(D) ग्रामीण क्षेत्र: सरधना, किठौर, हस्तिनापुर और सिवालखास

\r\n\r\n
सिर्फ शहर ही नहीं, ग्रामीण विधानसभाओं में भी सफाई अभियान चलाया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सरधना: 79,006 नाम हटाए गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    किठौर: 64,740 नाम हटाए गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सिवालखास: 64,555 नाम हटाए गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हस्तिनापुर (सुरक्षित): 64,550 नाम हटाए गए।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. आखिर क्यों कटे 6.65 लाख नाम? (तकनीकी विश्लेषण)

\r\n\r\n
आम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में नाम क्यों काटे गए? क्या यह कोई गलती है? 'खबरिलाल' ने इस प्रक्रिया को विस्तार से समझा:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    मृत मतदाता (Deceased Voters): कोरोना काल और उसके बाद के वर्षों में कई बुजुर्ग मतदाताओं का निधन हुआ, लेकिन उनके नाम परिवार वालों ने फॉर्म-7 भरकर नहीं कटवाए थे। घर-घर सर्वे (House-to-House Survey) में ऐसे हजारों नाम मिले।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    शिफ्टेड वोटर्स (Shifted Voters): रोजगार, शादी या मकान बदलने के कारण लाखों लोग एक विधानसभा से दूसरी विधानसभा या दूसरे शहर चले गए। लेकिन उनका नाम पुरानी जगह भी चल रहा था और नई जगह भी। इसे 'Demographically Similar Entries' (DSE) कहा जाता है। सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे डुप्लीकेट नामों को पहचाना गया।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    दोहरा पंजीकरण (Duplication): कई लोगों के पास एक ही पते पर या अलग-अलग पतों पर दो वोटर आईडी कार्ड थे। आयोग ने फोटो सिमिलरिटी तकनीक (Photo Matching) का इस्तेमाल कर ऐसे बोगस वोटरों की पहचान की।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    1 जनवरी 2026 की अर्हता: जो मतदाता अब इस क्षेत्र में निवास नहीं करते, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. अच्छी खबर: पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ी, अब नहीं लगानी होगी लंबी लाइन

\r\n\r\n
प्रशासन ने जहां फर्जी वोटरों को बाहर किया है, वहीं असली मतदाताओं की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा है। चुनाव आयोग ने 'संभाजन' (Rationalization) प्रक्रिया के तहत मतदेय स्थलों (Polling Stations) की संख्या में बढ़ोतरी की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पुराने बूथ: 2,758
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नए बूथ: 2,981
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फायदा: अब एक बूथ पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी। मतदान की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को वोट डालने के लिए घंटों धूप में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रमुख बदलाव:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मेरठ दक्षिण: यहां बूथों की संख्या 488 से बढ़ाकर 545 कर दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सिवालखास: यहां बूथों की संख्या 371 से बढ़कर 390 हो गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5. 'रेड अलर्ट' फॉर वोटर्स: अब आपके पास है सिर्फ 1 महीना

\r\n\r\n
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि यह 'ड्राफ्ट लिस्ट' है, फाइनल नहीं। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

समय सीमा:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शुरुआत: 6 जनवरी 2026 (आज से)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अंतिम तारीख: 6 फरवरी 2026 (अगले 30 दिन तक)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस एक महीने की अवधि में विशेष अभियान (Special Campaign Dates) भी चलाए जाएंगे, जब बीएलओ आपके नजदीकी पोलिंग बूथ पर बैठकर फॉर्म जमा करेंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आपको क्या करना है?

\r\n\r\n
सबसे पहले अपना नाम चेक करें। यह न सोचें कि आपके पास वोटर कार्ड है तो नाम होगा ही। 6.65 लाख लोग बाहर हुए हैं, उनमें आप भी हो सकते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

6. कैसे चेक करें अपना नाम? (Step-by-Step Guide)

\r\n\r\n
'खबरिलाल' आपकी सुविधा के लिए आसान तरीका बता रहा है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तरीका 1: ऑनलाइन (घर बैठे)

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    'Search in Electoral Roll' पर क्लिक करें।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    अपना राज्य (Uttar Pradesh) और जिला (Meerut) चुनें।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    अपना नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि डालें।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    अगर आपका रिकॉर्ड नहीं दिखता है, तो समझ लीजिए आपका नाम कट चुका है।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तरीका 2: ऑफलाइन (बूथ पर)

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से संपर्क करें। उनके पास नई ड्राफ्ट लिस्ट आ चुकी है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    जिला निर्वाचन कार्यालय या एसडीएम दफ्तर जाकर सूची देख सकते हैं।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

7. समाधान: अगर नाम कट गया या गलत है तो क्या करें?

\r\n\r\n
घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने तीन प्रमुख फॉर्म जारी किए हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से फॉर्म भर सकते हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
फॉर्म नंबर
\r\n
\r\n
किसके लिए है?
\r\n
\r\n
फॉर्म - 6 (Form 6)
\r\n
\r\n
नया नाम जोड़ने के लिए: अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या आप 1 जनवरी 2026 को 18 साल के हो गए हैं।
\r\n
\r\n
फॉर्म - 7 (Form 7)
\r\n
\r\n
नाम हटवाने के लिए: अगर आपके घर के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है या वह शिफ्ट हो गया है, तो उसका नाम हटवाने के लिए।
\r\n
\r\n
फॉर्म - 8 (Form 8)
\r\n
\r\n
करेक्शन/शिफ्टिंग के लिए: अगर नाम, पते, फोटो या उम्र में कोई गलती है। या आप एक ही विधानसभा में घर बदल रहे हैं।
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आवेदन कैसे करें?

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ऑनलाइन: ECI की वेबसाइट या 'Voter Helpline App' डाउनलोड करके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ऑफलाइन: अपने बीएलओ को भरकर फॉर्म दें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

8. राजनीतिक मायने: पार्टियों में खलबली

\r\n\r\n
6.65 लाख मतदाताओं का कम होना मेरठ की राजनीति के समीकरण बदल सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    विपक्ष का रुख: अक्सर विपक्षी दल प्रशासन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने पर विपक्षी दल सवाल उठा सकते हैं कि कहीं उनके समर्थकों के नाम तो नहीं काटे गए?
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सत्ता पक्ष: सरकार और प्रशासन इसे पारदर्शी चुनाव की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं। बोगस वोटिंग (Farzi Voting) पर लगाम लगाने के लिए यह जरूरी था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हार-जीत का अंतर: मेरठ दक्षिण और कैंट जैसी सीटों पर जहां हार-जीत का अंतर कभी-कभी कुछ हजार वोटों का होता है, वहां डेढ़-डेढ़ लाख वोट कटना उम्मीदवारों की नींद उड़ा सकता है। अब हर पार्टी को अपनी रणनीति नए सिरे से बनानी होगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ में मतदाता सूची का यह शुद्धीकरण एक साहसिक और आवश्यक कदम है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह जरूरी था। लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में नाम कटना यह आशंका भी पैदा करता है कि कहीं कुछ असली (Genuine) मतदाता भी तकनीकी खामियों का शिकार न हो गए हों।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। आज ही अपना नाम लिस्ट में चेक करें। अगर नाम कटा है, तो प्रशासन को कोसने के बजाय तुरंत फॉर्म-6 भरें। आपके पास एक महीने का समय है। याद रखें, आपका एक वोट सरकार बना भी सकता है और गिरा भी सकता है।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

महत्वपूर्ण लिंक और हेल्पलाइन

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    वेबसाइट: voters.eci.gov.in
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हेल्पलाइन नंबर: 1950 (टोल-फ्री)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जिला निर्वाचन कार्यालय मेरठ: 0121-xxxxxxx
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
(मेरठ की हर खबर, सबसे पहले और सबसे सटीक, सिर्फ खबरीलाल पर)
विज्ञापन
विज्ञापन