लखनऊ। उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की पहली ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई है। प्रदेश के करोड़ों मतदाता अब चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या कोई गलती है, तो सुधार के लिए 6 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है।Read also:-मेरठ में 'दृश्यम' फेल: बोर्ड परीक्षा के डर से छात्र ने रची खुद के अपहरण की साजिश, परिवार को मैसेज भेजकर मांगे 5 लाख; पुलिस ने चंद घंटों में किया 'द एंड'
\r\n\r\n\r\nमुख्य समाचार: 30 दिनों का मिलेगा सुधार का समय
\r\nउत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन आज 6 जनवरी को कर दिया गया है। इस पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी और दोहरे नामों को हटाकर एक पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। मतदाता अगले 30 दिनों के भीतर यानी 6 फरवरी तक अपनी आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।
\r\nपृष्ठभूमि: क्यों जरूरी था SIR अभियान?
\r\nभारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) शुरू किया है। दरअसल, साल 2002-2004 के बाद से कोई राष्ट्रव्यापी डोर-टू-डोर सर्वे नहीं हुआ था। इसके कारण मतदाता सूची में कई तकनीकी खामियां और 'लेगेसी डेटा' से जुड़ी समस्याएं आ रही थीं। इसी को ठीक करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे किया गया और अब यह ड्राफ्ट लिस्ट तैयार की गई है।
\r\nताज़ा अपडेट: 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने का अनुमान
\r\nइस बार की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर नामों की छंटनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए जा सकते हैं। इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके लोग और डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल हैं। लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े शहरी केंद्रों में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं।
\r\nआधिकारिक बयान: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का निर्देश
\r\nमुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि "जिन नागरिकों ने 27 अक्टूबर 2025 के बाद आवेदन किया था, उनके नाम शायद इस ड्राफ्ट लिस्ट में न दिखें। लेकिन उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, अंतिम सूची में उनके नाम जोड़ दिए जाएंगे।" उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन या अपने बीएलओ (BLO) के पास जाकर लिस्ट जरूर चेक करें।
\r\nअसर और आगे की दिशा
\r\nड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद अब 27 फरवरी तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 6 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की अंतिम (Final) मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। यह सूची आगामी चुनावों के लिए निर्णायक साबित होगी।
\r\nअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
\r\nQ1. मैं अपना नाम ऑनलाइन कैसे चेक कर सकता हूँ? आप voters.eci.gov.in पर जाकर 'Search your name in Last SIR' विकल्प चुनकर अपना नाम देख सकते हैं।
\r\nQ2. लिस्ट में नाम न होने पर क्या करें? अगर आपका नाम लिस्ट से हट गया है, तो आप फॉर्म 6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों उपलब्ध है।
\r\nQ3. नाम या पते में सुधार के लिए कौन सा फॉर्म भरें? मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए आपको फॉर्म 8 भरना होगा।
\r\nQ4. क्या पुराने वोटर आईडी कार्ड अब बेकार हो गए हैं? नहीं, वोटर आईडी कार्ड वैध है, लेकिन मतदान के लिए आपका नाम मौजूदा 'मतदाता सूची' में होना अनिवार्य है।
External Link Suggestion: आधिकारिक निर्देशों और अधिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
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