मेरठ (खबरीलाल न्यूज़ डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और खाकी वर्दी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज में महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली पुलिस का एक दरोगा ही जब भक्षक बन जाए, तो आम जनता न्याय की गुहार लगाने कहाँ जाए?READ ALSO:-सरधना में वहशियत की हदें पार: गन्ने के खेत में मिली युवती की रक्तरंजित लाश, पहचान मिटाने के लिए ईंट से कुचला चेहरा; दहशत में ग्रामीण
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मेरठ के प्रतिष्ठित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में स्नातकोत्तर (PG) अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ तेजगढ़ी चौकी पर तैनात दरोगा ने शादी का झांसा देकर घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी अविनाश पांडेय के कड़े निर्देशों के बाद आरोपी दरोगा ललित मोहन के खिलाफ न केवल एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है, बल्कि उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) भी कर दिया गया है।
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इस घटना के बाद से आरोपी दरोगा फरार है और गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ले रहा है। आइए, 'खबरीलाल' की इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर कैसे एक दरोगा ने छात्रा को अपने जाल में फंसाया और इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है।
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कैसे बिछाया दरोगा ने दोस्ती और प्यार का जाल?
\r\n\r\nइस खौफनाक वारदात का शिकार हुई छात्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली है और वर्तमान में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) से अपनी स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई कर रही है।
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पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपी दरोगा ललित मोहन से कुछ महीने पहले हुई थी। उस समय दरोगा ललित मोहन मेडिकल थाने की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात था।
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- \r\n सहेली ने कराया था परिचय: छात्रा की एक शामली निवासी सहेली ने ही दरोगा ललित से उसका परिचय कराया था।\r\n \r\n
- \r\n नंबरों का आदान-प्रदान और बातचीत: पहली मुलाकात में ही दरोगा ने पुलिसिया रुतबे और मीठी बातों में उलझाकर छात्रा का मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद वह आए दिन किसी न किसी बहाने से छात्रा को फोन करने लगा।\r\n \r\n
- \r\n नजदीकियां बढ़ना: छात्रा जब भी शामली से मेरठ अपनी पढ़ाई या किसी काम के सिलसिले में आती थी, तो दरोगा उससे मुलाकात करने पहुंच जाता था। लगातार मुलाकातों और फोन पर बातचीत के कारण दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं और धीरे-धीरे दरोगा ने छात्रा का विश्वास जीत लिया।\r\n \r\n
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खौफनाक दिन: डिग्री लेने आई थी छात्रा, दरोगा ने रची घिनौनी साजिश
\r\n\r\nवारदात का वह काला दिन करीब दो सप्ताह पहले का है। छात्रा अपनी स्नातकोत्तर की डिग्री लेने के लिए सीसीएस यूनिवर्सिटी (CCSU) कैंपस आई हुई थी। दरोगा ललित मोहन को इस बात की भनक लग गई और वह वर्दी का रौब झाड़ते हुए छात्रा से मिलने यूनिवर्सिटी पहुंच गया।
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शादी का प्रस्ताव और रेस्टोरेंट का झांसा: कैंपस में मुलाकात के दौरान दरोगा ने अचानक छात्रा के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। छात्रा अभी इस अचानक आए प्रस्ताव को समझ ही रही थी कि दरोगा ने उसे रेस्टोरेंट में बैठकर तसल्ली से बातचीत करने और खाना खाने का ऑफर दिया। छात्रा उसके झांसे में आ गई और उसकी कार में बैठ गई।
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दोस्त के फ्लैट पर ले जाकर दरिंदगी: रेस्टोरेंट ले जाने के बजाय, दरोगा कार को मेडिकल क्षेत्र की एक सुनसान कॉलोनी की तरफ ले गया। वहां वह छात्रा को अपने एक अन्य दरोगा मित्र के फ्लैट पर ले गया। छात्रा का आरोप है कि बंद फ्लैट में दरोगा ललित मोहन ने शादी का पक्का झांसा दिया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध (दुष्कर्म) बनाए।
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वारदात को अंजाम देने के बाद कुछ दिनों तक तो आरोपी दरोगा फोन पर संपर्क में रहा, लेकिन जैसे ही छात्रा ने शादी का दबाव बनाया, उसने न केवल शादी से साफ इंकार कर दिया, बल्कि छात्रा से दूरी भी बना ली।
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न्याय के लिए भटकती छात्रा: थाने में बनाया गया समझौते का दबाव
\r\n\r\nजब दरोगा ने शादी से इंकार कर दिया और संपर्क तोड़ दिया, तो ठगी और शारीरिक शोषण का शिकार हुई छात्रा ने न्याय के लिए आवाज उठाने का फैसला किया।
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- \r\n 14 अगस्त को SSP से शिकायत: पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए 14 अगस्त को सीधे एसएसपी अविनाश पांडेय के कार्यालय पहुंचकर उन्हें अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी दास्तान सुनाई।\r\n \r\n
- \r\n भावनपुर थाने में मुकदमा: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत भावनपुर थाने में दरोगा ललित मोहन के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।\r\n \r\n
- \r\n पुलिसिया दबाव: पीड़िता का सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद जब उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया गया, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी दरोगा को बचाने के लिए उस पर 'समझौता' करने का भारी दबाव बनाया। लेकिन छात्रा अपने न्याय की मांग पर अड़ी रही और बुधवार को पुनः एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरी स्थिति से आला अधिकारियों को अवगत कराया।\r\n \r\n
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जेल से बचने की नई चाल: दरोगा के परिवार ने रखा शादी का प्रस्ताव
\r\n\r\nजैसे ही भावनपुर थाने में रेप की एफआईआर दर्ज हुई, दरोगा ललित मोहन तुरंत छुट्टी लेकर फरार हो गया और तब से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस से बचने के साथ-साथ आरोपी ने कानूनी फंदे से निकलने के लिए एक नई साजिश रची।
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शामली पहुंचा दरोगा का परिवार: रेप के मुकदमे में कानूनी पचड़े से बचने और समझौते का रास्ता निकालने के लिए दो दिन पहले आरोपी दरोगा का परिवार शामली में युवती के घर पहुंच गया। परिवार के सदस्यों ने युवती और उसके परिजनों के सामने प्रस्ताव रखा कि वे दरोगा ललित मोहन से उसकी शादी कराने को तैयार हैं, बशर्ते वह मुकदमा वापस ले ले।
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छात्रा का साहसिक फैसला: छात्रा ने इस दिखावटी शादी के प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया। छात्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि, "आरोपी को मुझसे कोई प्यार नहीं है, वह केवल जेल जाने और अपनी नौकरी खोने के डर से मुकदमे से बचने के लिए शादी की यह झूठी योजना बना रहा है।" छात्रा का यह कदम साबित करता है कि वह न्याय पाने के लिए किस कदर दृढ़ संकल्पित है।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण में आरोपी दरोगा
\r\n\r\nएफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी दरोगा ललित मोहन पुलिस की रडार से बाहर है। वह अपनी ही पुलिस फोर्स से आंख-मिचौली खेल रहा है। 'खबरीलाल' के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी की लटकती तलवार को देखते हुए आरोपी दरोगा अब इलाहाबाद हाईकोर्ट (High Court) पहुंच गया है। वह अपने वकीलों के माध्यम से गिरफ्तारी पर स्टे (Stay on Arrest) लेने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।
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एक नज़र में पूरा घटनाक्रम
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n तथ्य / जानकारी \r\n | \r\n
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| \r\n पीड़िता \r\n | \r\n \r\n CCSU की स्नातकोत्तर (अंतिम वर्ष) छात्रा \r\n | \r\n
| \r\n मूल निवास \r\n | \r\n \r\n शामली (उत्तर प्रदेश) \r\n | \r\n
| \r\n आरोपी का नाम \r\n | \r\n \r\n दरोगा ललित मोहन (तत्कालीन तैनाती: तेजगढ़ी चौकी, मेडिकल थाना) \r\n | \r\n
| \r\n अपराध स्थल \r\n | \r\n \r\n मेडिकल क्षेत्र स्थित दरोगा के मित्र का फ्लैट \r\n | \r\n
| \r\n शिकायत की तिथि \r\n | \r\n \r\n 14 अगस्त (SSP कार्यालय में) \r\n | \r\n
| \r\n मुकदमा दर्ज \r\n | \r\n \r\n भावनपुर थाना, मेरठ \r\n | \r\n
| \r\n वर्तमान स्थिति \r\n | \r\n \r\n दरोगा निलंबित (Suspended), गिरफ्तारी हेतु टीमें गठित \r\n | \r\n
SSP अविनाश पांडेय का सख्त एक्शन: "बख्शा नहीं जाएगा"
\r\n\r\nइस पूरे प्रकरण पर मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। खाकी को दागदार करने वाले इस कृत्य पर उन्होंने त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की है।
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एसएसपी अविनाश पांडेय ने आधिकारिक बयान देते हुए बताया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"छात्रा की लिखित शिकायत और प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर दरोगा ललित मोहन के खिलाफ दुष्कर्म का नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों के चलते गुरुवार को आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी शुरू कर दी गई है।"\r\n
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गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित: एसएसपी ने आगे बताया कि, "आरोपी फिलहाल फरार है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। विवेचना अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉल डिटेल्स (CDR), व्हाट्सएप चैट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (Electronic Evidence) तत्काल जुटाएं। पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान (164 के बयान) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। किसी भी दोषी को, चाहे वह पुलिस विभाग का ही क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।"
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यह घटना न केवल मेरठ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि समाज में उन छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है जो दूसरे शहरों से आकर यहाँ शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। जिस पुलिस पर आम जनता आंख बंद करके भरोसा करती है, उसी का एक अधिकारी जब ऐसा जघन्य अपराध करता है, तो सिस्टम से विश्वास उठने लगता है। अब देखना यह होगा कि मेरठ पुलिस कितनी जल्दी अपने ही इस दागी दरोगा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है और शामली की इस बहादुर बेटी को न्याय दिला पाती है।
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महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर चुप्पी न साधें। यदि आपके या आपके किसी परिचित के साथ ऐसा कोई कृत्य होता है, तो निडर होकर पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क करें। मेरठ और आसपास की हर बड़ी और निष्पक्ष खबर के लिए लगातार पढ़ते रहें 'खबरीलाल'।
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