मेरठ (ब्यूरो/पुलिस मुख्यालय): उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे (UP Police Department) के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी खबरों के साथ हुई है। शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के कई अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अहम जिले मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. विपिन ताडा का है।READ ALSO:-Bijnor School News: बिजनौर में शीतलहर का कहर! 2 जनवरी को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, DM ने जारी किया सख्त आदेश; शिक्षकों को भी मिली राहत
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अपनी सख्त कार्यशैली, जीरो टॉलरेंस की नीति और सौम्य व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. विपिन ताडा को शासन ने एसएसपी से पदोन्नत कर पुलिस उपमहानिरीक्षक (Deputy Inspector General of Police - DIG) बना दिया है। 2012 बैच के इस तेजतर्रार अधिकारी की पदोन्नति को पश्चिमी यूपी में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
उनके साथ ही 44वीं वाहिनी पीएसी (PAC) के सेनानायक सचिंद्र पटेल को भी डीआईजी पद पर प्रोन्नति मिली है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

26 जून को संभाली थी मेरठ की कमान

\r\n\r\n
डॉ. विपिन ताडा का मेरठ कार्यकाल अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कार्यभार: उन्होंने 26 जून 2024 को मेरठ के एसएसपी का पदभार संभाला था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चुनौतीपूर्ण जिला: मेरठ को पश्चिमी यूपी की क्राइम कैपिटल कहा जाता था, लेकिन डॉ. ताडा ने अपनी रणनीतिक पुलिसिंग से अपराधियों पर नकेल कसी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सेलेक्शन ग्रेड: इससे पहले, पिछले साल 1 जनवरी को ही उन्हें आईपीएस सेवा का 'सेलेक्शन ग्रेड' (Selection Grade) प्रदान किया गया था, जो उनकी बेदाग सेवा का प्रमाण था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

प्रोफाइल: डॉक्टर से आईपीएस बनने का सफर (From Stethoscope to Service Revolver)

\r\n\r\n
डॉ. विपिन ताडा की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। वे उन चुनिंदा अधिकारियों में से हैं जो मेडिकल साइंस की कठिन पढ़ाई करने के बाद सिविल सेवा में आए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    मूल निवासी: डॉ. ताडा मूल रूप से वीरों की भूमि राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur) के रहने वाले हैं।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    शिक्षा: उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई (MBBS) पूरी की है। एक डॉक्टर होने के नाते उनमें संवेदनशीलता और बारीकियों को समझने की क्षमता कूट-कूट कर भरी है, जो उनकी पुलिसिंग में भी झलकती है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    बैच: वे 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पिछले 12-13 सालों की सेवा में उन्होंने यूपी के कई जिलों में अपनी छाप छोड़ी है।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

अनुभव का खजाना: अमरोहा से गोरखपुर तक का सफर

\r\n\r\n
डीआईजी बनने से पहले डॉ. विपिन ताडा के पास जिलों की कप्तानी का लंबा अनुभव है। उन्हें अक्सर उन जिलों की जिम्मेदारी दी गई जो कानून-व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में एसएसपी रहना किसी भी अधिकारी के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। डॉ. ताडा ने वहां सफलतापूर्वक कप्तानी की।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सहारनपुर: पश्चिमी यूपी का सहारनपुर जिला, जो अपनी सांप्रदायिक संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है, वहां भी उन्होंने शांति व्यवस्था कायम रखी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अन्य जिले: इसके अलावा वे अमरोहा, रामपुर और बलिया जैसे जिलों में भी पुलिस अधीक्षक (SP/SSP) रह चुके हैं। रामपुर और अमरोहा में उनके कार्यकाल को जनता आज भी याद करती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
क्या बदल जाएगा डीआईजी बनने से?
\r\n\r\n
पुलिस महकमे में एसएसपी (SSP) से डीआईजी (DIG) बनना एक बड़ी उपलब्धि होती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पद का कद: एसएसपी एक जिले का प्रमुख होता है, जबकि डीआईजी एक 'रेंज' (Range) का प्रमुख होता है, जिसके अंतर्गत कई जिले आते हैं। हालांकि, कई बार डीआईजी रैंक के अधिकारी को भी बड़े जिलों (जैसे लखनऊ, कानपुर, नोएडा या मेरठ) में कमिश्नरेट सिस्टम या एसएसपी के तौर पर तैनात रखा जाता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अधिकार: डीआईजी बनने के बाद प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार बढ़ जाते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जिम्मेदारी: अब उन पर न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि कनिष्ठ अधिकारियों (SP/ASP) को गाइड करने और नीतिगत फैसले लेने की जिम्मेदारी भी होगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पदोन्नति के बाद उनका तबादला होगा या वे मेरठ में ही डीआईजी के तौर पर तैनात रहेंगे, लेकिन उनकी पदोन्नति से विभाग में उत्साह है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सचिंद्र पटेल भी बने डीआईजी

\r\n\r\n
डॉ. ताडा के साथ-साथ 2012 बैच के ही एक और काबिल अफसर सचिंद्र पटेल को भी डीआईजी बनाया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    वर्तमान तैनाती: सचिंद्र पटेल वर्तमान में मेरठ स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी (Provincial Armed Constabulary) में सेनानायक (Commandant) के पद पर तैनात हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रिकॉर्ड: पीएसी में अनुशासन बनाए रखने और फोर्स को मोटिवेट करने में उनका अहम योगदान रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

पश्चिमी यूपी के लिए क्यों खास हैं डॉ. ताडा?

\r\n\r\n
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग करना आसान नहीं है। यहां संगठित अपराध, गैंगवार और कांवड़ यात्रा जैसी विशाल धार्मिक यात्राओं को मैनेज करना बड़ी चुनौती होती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कांवड़ यात्रा प्रबंधन: मेरठ एसएसपी रहते हुए डॉ. ताडा ने हाल ही में कांवड़ यात्रा का कुशल प्रबंधन किया था, जिसकी शासन स्तर पर सराहना हुई थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    टेक-सैवी ऑफिसर: एक डॉक्टर होने के नाते वे फॉरेंसिक साइंस और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हैं। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के बीच उनका तकनीकी ज्ञान विभाग के काम आ रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जनता से जुड़ाव: उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की है जो फरियादियों की बात शांति से सुनते हैं लेकिन अपराधियों के लिए काल समान हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

उम्मीदें और चुनौतियां

\r\n\r\n
नए साल 2026 में मिली यह पदोन्नति डॉ. विपिन ताडा के कंधों पर नई जिम्मेदारियां लेकर आई है। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में अपराध का बदलता स्वरूप (जैसे साइबर ठगी और ड्रग्स तस्करी) पुलिस के लिए चुनौती है। उम्मीद है कि डीआईजी रैंक पर रहते हुए डॉ. ताडा अपने अनुभव का इस्तेमाल कर पुलिसिंग को और हाई-टेक और जन-केंद्रित (People-centric) बनाएंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
'खबरीलाल' की ओर से डॉ. विपिन ताडा और सचिंद्र पटेल को इस नई उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई।
विज्ञापन
विज्ञापन