बिजनौर (ब्यूरो/एजुकेशन डेस्क): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में मौसम ने करवट ले ली है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में चल रही बर्फीली हवाओं (Cold Wave) ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच, स्कूली छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बिजनौर जिला प्रशासन ने कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए 2 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।READ ALSO:-बिजनौर: नए साल की रात 'धर्मांतरण' का खेल? घनुवाला में खेत के बीचों-बीच मिला 'क्रॉस' और मोमबत्तियां; भड़के ग्रामीणों ने घेरा थाना, पुलिस छावनी बना गांव
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यह फैसला नन्हे-मुन्ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो सुबह-सुबह घने कोहरे और गलन भरी सर्दी में स्कूल जाने को मजबूर थे। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत प्रभाव से सभी स्कूलों को नोटिस भेज दिया है।
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क्या है पूरा आदेश? (Official Order Details)
\r\n\r\nजिलाधिकारी बिजनौर, श्रीमती जसजीत कौर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया। उनके निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।
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आदेश के मुख्य बिंदु:
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- \r\n तारीख: अवकाश केवल 2 जनवरी 2026 के लिए घोषित किया गया है। मौसम के मिजाज को देखते हुए आगे का निर्णय बाद में लिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n कक्षाएं: यह आदेश नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों पर लागू होगा।\r\n \r\n
- \r\n स्कूल बोर्ड: आदेश के दायरे में जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त (Aided), सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), मदरसा बोर्ड और यूपी बोर्ड के विद्यालय आएंगे।\r\n \r\n
- \r\n सख्ताई: बीएसए ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।\r\n \r\n
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शिक्षकों के लिए भी अवकाश (Relief for Teachers)
\r\n\r\nअक्सर देखा जाता है कि छात्रों की छुट्टी होने के बावजूद शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूल बुलाया जाता है। लेकिन इस बार की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने शिक्षकों को भी बड़ी राहत दी है। बीएसए सचिन कसाना ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि 2 जनवरी को घोषित अवकाश में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षक और शिक्षिकाओं के लिए भी छुट्टी रहेगी। उन्हें भी स्कूल आने की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले का शिक्षक संघों ने स्वागत किया है।
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क्यों लिया गया यह फैसला? (Reason Behind Closure)
\r\n\r\nबिजनौर और आसपास के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में पिछले 48 घंटों से मौसम बेहद खराब बना हुआ है। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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- \r\n गलन और ठिठुरन: पारा तेजी से नीचे गिरा है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे जाने के कारण सुबह और शाम के वक्त जबरदस्त गलन महसूस हो रही है।\r\n \r\n
- \r\n घना कोहरा (Dense Fog): सुबह के समय विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह गई है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन का सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।\r\n \r\n
- \r\n शीतलहर (Cold Wave): मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि बर्फीली हवाएं अभी और सताएंगी। छोटे बच्चों में ठंड के कारण निमोनिया, सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ जाता है।\r\n \r\n
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अभिभावकों की चिंता और राहत
\r\n\r\nपिछले कई दिनों से अभिभावक लगातार मांग कर रहे थे कि स्कूलों का समय बदला जाए या छुट्टी घोषित की जाए। सुबह 7 या 8 बजे बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजना माता-पिता के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं था।
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एक अभिभावक ने बताया, "सुबह कोहरा इतना ज्यादा होता है कि कुछ दिखाई नहीं देता। बस का इंतजार करते समय बच्चे ठंड से कांपते रहते हैं। डीएम साहब का यह फैसला स्वागत योग्य है।"
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वहीं, डॉक्टरों का भी मानना है कि अत्यधिक ठंड में बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ते हैं। ऐसे मौसम में घर के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
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कोहरे में सड़क सुरक्षा की चुनौती
\r\n\r\nस्कूल बंद करने का एक बड़ा कारण यातायात सुरक्षा भी है। बिजनौर में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है।
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- \r\n स्कूल बसों का खतरा: कोहरे में स्कूल बसें अक्सर हादसों का शिकार हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के लिए जोखिम और भी अधिक होता है।\r\n \r\n
- \r\n विजिबिलिटी जीरो: कई इलाकों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक 'जीरो विजिबिलिटी' की स्थिति बनी रहती है।\r\n \r\n
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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कोहरे में गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट्स (Fog Lights) का इस्तेमाल करें और गति धीमी रखें।
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स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: ठंड से बच्चों को कैसे बचाएं?
\r\n\r\nछुट्टी होने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे बाहर खेलें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस शीतलहर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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- \r\n लेयर्ड कपड़े (Layering): बच्चों को एक मोटे स्वेटर के बजाय कई परतों में कपड़े पहनाएं (जैसे- इनर, शर्ट, और फिर जैकेट)। इससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती।\r\n \r\n
- \r\n सिर और कान ढकें: ठंड का असर सबसे पहले सिर और कानों से होता है। बच्चों को मफलर या टोपी जरूर पहनाएं।\r\n \r\n
- \r\n गरम तासीर वाली चीजें: खाने में गुड़, मूंगफली, तिल, और खजूर जैसी चीजों का इस्तेमाल बढ़ाएं। गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।\r\n \r\n
- \r\n हीटर का सही इस्तेमाल: अगर आप कमरे में हीटर या ब्लोअर चला रहे हैं, तो वेंटिलेशन का ध्यान रखें। बंद कमरे में हीटर चलाने से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है जो जानलेवा साबित हो सकती है।\r\n \r\n
आगे क्या? (What Next?)
\r\n\r\nफिलहाल प्रशासन ने केवल एक दिन (2 जनवरी) के अवकाश की घोषणा की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यदि शीतलहर का प्रकोप जारी रहता है, तो प्रशासन छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकता है। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अगले आदेश के लिए न्यूज़ चैनल्स और अपने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप्स पर नज़र बनाए रखें।
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बिजनौर प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। पढ़ाई जरूरी है, लेकिन जान है तो जहान है। इस कड़ाके की सर्दी में बच्चों को घर पर रखकर उन्हें सुरक्षित रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। 'खबरीलाल' आपसे अपील करता है कि आप भी इस मौसम में अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें। अलाव जलाते समय सावधानी बरतें और जरूरतमंदों की मदद करें।
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(नोट: यह खबर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के आधार पर प्रकाशित की गई है। किसी भी भ्रम की स्थिति में अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क करें।)
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