उत्तर प्रदेश (UP) के मेरठ में BJP की आंतरिक गुटबाजी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले विकल चपराना और व्यापारी सत्यम रस्तोगी के बीच का विवाद अब नाटकीय रूप से समाप्त हो गया है। BJP के विधायक से लेकर सांसद तक के शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में, दोनों पक्षों और संबंधित समाजों (वैश्य और गुर्जर) के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, जिसमें शांतिपूर्ण समझौता (Samjhauta) संपन्न हुआ। इसके बाद, वादी सत्यम रस्तोगी स्वयं एसएसपी के पास पहुँचकर मुकदमे में लगी ज्यादा धाराएँ हटाने की मांग कर रहे हैं।
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नाक रगड़वाने का विवाद और राजनीतिक संकट
\r\n\r\nपार्किंग विवाद में विकल चपराना द्वारा सत्यम रस्तोगी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के वायरल वीडियो ने BJP को दो गुटों (सोमेंद्र तोमर बनाम वाजपेयी गुट) में बाँट दिया था। वैश्य समाज के दबाव के बाद, SSP ने ठीक से कार्यवाही न करने पर कोतवाल को सस्पेंड किया था और विकल चपराना पर रंगदारी की गैर-जमानती धाराएँ जोड़ी गई थीं।
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सभी बड़े BJP नेता डैमेज कंट्रोल में उतरे
\r\n\r\nBJP नेतृत्व ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डैमेज कंट्रोल (Damage Control) शुरू किया। विधायक अमित अग्रवाल ने Facebook पर पोस्ट कर शांतिपूर्ण समाधान की जानकारी दी।
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समझौते की पहल: विधायक अमित अग्रवाल के निवास पर प्रारंभिक बैठक हुई। इसके बाद सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यमंत्री दिनेश खटिक, महापौर हरिकांत अहलूवालिया और अन्य बड़े नेता अंतिम समाधान के लिए एक मंच पर जुटे।
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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
\r\n\r\nरस्तोगी समाज (वैश्य): राष्ट्रीय महामंत्री राकेश रस्तोगी, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजू रसराज, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री संजीव रस्तोगी आदि।
\r\n\r\nगुर्जर समाज: संयुक्त गुर्जर परिषद के अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर, संयोजक वीरेंद्र सिंह गुर्जर, नवाब सिंह लखवाया और ब्लॉक प्रमुख नितिन कसाना सहित अन्य प्रमुख नेता।
\r\n\r\nमुख्य उद्देश्य: क्षेत्र में शांति, आपसी सम्मान और भाईचारा बनाए रखना था।
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आधिकारिक ऐलान: वादी SSP से बोले- 'धाराएं हटाओ'
\r\n\r\nबैठक के बाद दोनों समाजों ने समझौता नामे पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का सबसे बड़ा नाटकीय मोड़ यह है कि वादी सत्यम रस्तोगी स्वयं (अपने वकील के साथ) एसएसपी को शपथ पत्र सौंपने पहुंचे।
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रस्तोगी का रुख: सत्यम रस्तोगी ने SSP से गुहार लगाई कि पुलिस ने उनके मुकदमे में विकल चपराना और उनके साथियों पर गैर-जरूरी और ज्यादा धाराएँ लगा दी हैं (जिसका खुलासा शपथ पत्र में हुआ है)। उन्होंने इन धाराओं को निष्पक्ष जांच करते हुए हटाने की मांग की। (संदर्भित शपथ पत्र: मुक़दमा अपराध संख्या 447/2025, धारा 352, 323, 190, 191, 127, 308, 304(S) आदि का उल्लेख है)।
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BJP नेताओं का संदेश
\r\n\r\nसांसद अरुण गोविल: "यह समझौता सामाजिक एकता और सौहार्द की ऐतिहासिक मिसाल बनेगा। संवाद से ही स्थायी समाधान संभव है।"
\r\n\r\nडॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी: उन्होंने कहा कि BJP का नेतृत्व सभी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर शहर की एकता के लिए प्रतिबद्ध है।
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UP Police पर अंतिम दबाव
\r\n\r\nइस समझौते ने UP Police के लिए एक अजीब स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ गुर्जर समाज रंगदारी की धारा हटाने की मांग कर रहा था, वहीं अब वैश्य समाज के पीड़ित खुद कह रहे हैं कि पुलिस ने ज्यादा धाराएँ लगाई हैं। SSP को अब समझौते और शपथ पत्र के आधार पर कानूनी राय लेकर अंतिम फैसला लेना होगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.