मेरठ (उत्तर प्रदेश): ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, मेरठ पुलिस ने नागरिकों को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ महोदय के निर्देश पर, दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को जिले भर में "साइबर जागरूकता अभियान" चलाया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के गुर सिखाए गए।READ ALSO:-अलीगढ़ हत्याकांड: चर्चित बाइक शोरूम मालिक अभिषेक गुप्ता की हत्या की साजिशकर्ता महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय गिरफ्तार, बुर्का पहनकर हुई थी फरार; पुलिस जल्द करेगी पूरे मामले का खुलासा
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यह अभियान केवल एक थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि एक ही दिन में चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया गया, ताकि अधिकतम लोगों तक सुरक्षा संदेश पहुँचाया जा सके।
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अभियान की रूपरेखा और प्रमुख क्षेत्र
\r\n\r\nमेरठ पुलिस का यह जागरूकता कार्यक्रम चार प्रमुख थाना क्षेत्रों में आयोजित किया गया। पुलिस टीमों ने सीधे नागरिकों के बीच पहुंचकर उन्हें डिजिटल खतरों के बारे में आगाह किया।
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कार्यक्रम स्थल और सहभागी
\r\n\r\n| \r\n थाना क्षेत्र \r\n | \r\n \r\n कार्यक्रम स्थल \r\n | \r\n \r\n नागरिकों की संख्या (अनुमानित) \r\n | \r\n
| \r\n इंचौली \r\n | \r\n \r\n इंटर कॉलेज मसूरी तिराहा इंचौली \r\n | \r\n \r\n लगभग 800 \r\n | \r\n
| \r\n फलावदा \r\n | \r\n \r\n ग्राम गढ़ीना पंचायत भवन व विद्यालय \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n लोहियानगर \r\n | \r\n \r\n ग्राम अल्लीपुर, ग्राम बजौट \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n मेडिकल कॉलेज \r\n | \r\n \r\n इनॉक्स मॉल थिएटर \r\n | \r\n \r\n | \r\n
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पुलिस के अनुसार, इन कार्यक्रमों में लगभग 800 नागरिक, महिलाएँ, विद्यार्थी और व्यापारीगण उपस्थित रहे। यह संख्या दर्शाती है कि पुलिस का यह अभियान जनता से सीधे जुड़ने में सफल रहा है।
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किन साइबर खतरों से बचने की दी गई विस्तृत जानकारी?
\r\n\r\nप्रशिक्षण सत्रों में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को उन सामान्य और गंभीर साइबर अपराधों के बारे में बताया, जिनका सामना वे रोजमर्रा की जिंदगी में कर सकते हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
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- \r\n ऑनलाइन फ्रॉड: ऑनलाइन खरीदारी, भुगतान और UPI से जुड़े धोखाधड़ी के मामले।\r\n \r\n
- \r\n जॉब फ्रॉड: फर्जी नौकरी के ऑफर, रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगना और पहचान की चोरी।\r\n \r\n
- \r\n बैंकिंग ठगी (फिशिंग): बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, OTP मांगना या KYC अपडेट के बहाने खातों से पैसा निकालना।\r\n \r\n
- \r\n फेक वेबसाइट्स: सरकारी वेबसाइट्स या ई-कॉमर्स साइट्स की नकली प्रतिकृतियों का इस्तेमाल।\r\n \r\n
- \r\n न्यूड/वीडियो कॉल फ्रॉड: ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से अश्लील वीडियो कॉल या रिकॉर्डिंग का डर दिखाना।\r\n \r\n
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पुलिस ने जनता को यह सख्त हिदायत दी कि "किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।"
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शिकायत कहाँ और कैसे करें?
\r\n\r\nमेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक साइबर अपराध का शिकार होता है या उसे किसी संभावित फ्रॉड की जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
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- \r\n ऑनलाइन शिकायत: साइबर अपराध की स्थिति में आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।\r\n \r\n
- \r\n हेल्पलाइन नंबर: तत्काल सहायता के लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।\r\n \r\n
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मेरठ पुलिस का यह अभियान जिले को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन जानकारियों का उपयोग करें और स्वयं तथा अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचाएँ।
Sabse pehle comment karne wale banein.