मेरठ: सम्राट मिहिर भोज के नाम पर हुए विवाद को लेकर मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में आज (रविवार) बुलाई गई गुर्जर महापंचायत में भारी हंगामा हो गया. पंचायत शुरू होते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया और बिरादरी के कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई है. हिरासत में लिए गए नेताओं को पुलिस लाइन लाया गया है, जहां अब समाज के लोग जुटना शुरू हो गए हैं.READ ALSO:-यूपी में चुनाव न लड़ने वाली पार्टियों पर EC की कार्रवाई, मेरठ समेत 22 जिलों के 40 से ज्यादा दल लिस्ट से बाहर
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 गुर्जर बिरादरी की महापंचायत में भारी संख्या में लोग पहुंचे।

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पंचायत में क्या हुआ?
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सम्राट मिहिर भोज विवाद को लेकर अपनी मांगों और समाज के हक की आवाज उठाने के लिए आज दादरी गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया था. इसमें मेरठ, सहारनपुर, नोएडा, मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों से गुर्जर नेता और समाज के लोग शामिल होने पहुंचे थे.
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आरोप है कि जैसे ही पंचायत शुरू हुई, पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं. पुलिस ने पंचायत को तुरंत बंद करने का आदेश दिया और वहां मौजूद लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियों का प्रयोग किया, जिसके बाद हल्की पत्थरबाजी भी हुई. इसी दौरान, पुलिस ने राष्ट्रीय गुर्जर समाज संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र भाटी, अभिनव मोतला समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और गाड़ी में भरकर पुलिस लाइन ले आई.
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बिरादरी का आरोप और गुस्सा
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मौके पर मौजूद नेता सुभाष भाटी ने पुलिस की कार्रवाई को 'तानाशाही' करार दिया. उन्होंने कहा, "हम लोग यहां शांति से अपने हक की बात करने के लिए जुटे थे. लेकिन पुलिस-प्रशासन ने तानाशाही दिखाते हुए हमारे नेताओं को बीच से उठा लिया. यह जातिवाद फैलाने वालों को बढ़ावा देना है."
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उन्होंने आगे कहा, "मैं बेशक भाजपा को मानता हूं, लेकिन मेरे लिए मेरी बिराaduct पहले है. हमारे साथियों को ऐसे उठाया गया जैसे वे कोई अपराधी हों. हम इसकी निंदा करते हैं." उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने और 'जातिवाद' को न फैलने देने की अपील की.
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 हिरासत में लिए जाने की खबर लगते ही लोगों ने हंगामा कर दिया।

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पुलिस का क्या है कहना?
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इस मामले पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया, "पुलिस को सूचना मिली थी कि दादरी गांव में कुछ लड़के इकट्ठा होकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं. इनमें कुछ दूसरे जिलों से भी आए थे और एक रैली निकालने की योजना थी. सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया. कुछ लड़कों को हिरासत में लिया गया है." एसपी सिटी ने किसी भी तरह की पत्थरबाजी या लाठीचार्ज की घटना से इनकार किया है.
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क्यों बुलाई गई थी यह महापंचायत? समझिए पूरा मामला
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इस पूरे विवाद की जड़ पिछले दिनों मेरठ के कपसाड़ गांव में 'सम्राट मिहिर भोज' के नाम पर लगाया गया एक गेट है. इस गेट पर 'राजपूत सम्राट मिहिर भोज' लिखवाया गया था. गुर्जर बिरादरी का दावा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर थे और उन्हें 'राजपूत सम्राट' लिखना इतिहास से छेड़छाड़ है. उन्होंने बोर्ड हटाने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में आज यह महापंचायत बुलाई गई थी.
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फिलहाल क्या हैं हालात?
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ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दादरी गांव से पंचायत पूरी तरह खत्म करा दी है. वहीं, अपने नेताओं की हिरासत के विरोध में गुर्जर समाज के लोग अब मेरठ पुलिस लाइन में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं. वे अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं. स्थिति को देखते हुए पुलिस लाइन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
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