मेरठ (Meerut): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सोमवार को नगर निगम (Meerut Nagar Nigam) का अतिक्रमण हटाओ अभियान उस वक्त बवाल में बदल गया, जब कार्रवाई के दौरान एक होटल मालिक की तबीयत बिगड़ गई। मामला शहर के व्यस्ततम इलाके हापुड़ अड्डा चौराहा (Hapur Adda Chauraha) का है। यहां अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।READ ALSO:-यूपी में नशे के सौदागरों पर 'बुलडोजर' वाला एक्शन! 128 FIR, 35 गिरफ्तार; कोडीन कांड की जांच अब SIT और ED के हवाले
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स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब अपनी दुकान और होटल पर होती टूट-फूट को देख मशहूर 'पहलवान होटल' (Pehalwan Hotel) के मालिक को मौके पर ही हार्ट अटैक (Heart Attack) आ गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद गुस्साए व्यापारियों ने नगर निगम की टीम को घेर लिया, जिसके बाद टीम को कार्रवाई अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा।
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बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप: "सिर्फ एक वर्ग को किया जा रहा टारगेट"
\r\n\r\nपहलवान होटल के मालिक वसीम अंसारी और अन्य व्यापारियों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वसीम अंसारी का कहना है कि नगर निगम ने हापुड़ अड्डा अतिक्रमण अभियान के नाम पर तानाशाही रवैया अपनाया है। उनका आरोप है कि टीम बिना किसी पूर्व नोटिस के बुलडोजर लेकर पहुंच गई।
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वसीम ने कहा, "पूरी सड़क पर अतिक्रमण और जाम की स्थिति रहती है, लेकिन टीम हमेशा एक विशेष वर्ग को ही टारगेट करती है। हम प्रशासन का सहयोग करते हैं, लेकिन हमें अपना सामान हटाने तक का समय नहीं दिया गया और सीधा बुलडोजर चला दिया गया।" व्यापारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है और बाकी जगहों पर प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
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पार्षद का गंभीर आरोप: "पैसे नहीं मिलते वहां चलता है बुलडोजर"
\r\n\r\nस्थानीय पार्षद शाहिद अंसारी ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ दस्ता वहां कार्रवाई नहीं करता जहां से उन्हें 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) मिल जाता है।
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शाहिद अंसारी ने कहा, "जो पैसा दे देता है, उस पर सिर्फ चालान या जुर्माने की खानापूर्ति की जाती है, लेकिन जो पैसा देने से मना करता है, वहां ध्वस्तीकरण किया जाता है। मुझे स्थानीय पार्षद होने के नाते भी इस कार्रवाई की कोई सूचना नहीं दी गई थी।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक साल पहले वार्ड में अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा था, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन आज अचानक टीम आ धमकी।
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AIMIM ने बताया व्यापारियों का शोषण
\r\n\r\nमौके पर पहुंचे AIMIM के महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी ने भी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। व्यापारियों को सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने इसे व्यापारी वर्ग का शोषण करार दिया और कहा कि शहर में विशेष जगहों को चिन्हित करके ही ऐसी कार्रवाई की जा रही है, जिसका उनकी पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
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नगर निगम का पक्ष: "नोटिस दिया गया था, टीम के साथ हुई हाथापाई"
\r\n\r\nदूसरी ओर, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के आरोप बेबुनियाद हैं। सहायक नगर आयुक्त (Assistant Municipal Commissioner) शरद पाल ने बताया कि हापुड़ अड्डा अतिक्रमण हटाने के लिए पहले ही नोटिस दिया गया था और इलाके में मुनादी (Announcement) भी कराई गई थी। इसके बावजूद लोगों ने सड़क पर कब्जा जमा रखा था।
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शरद पाल ने कहा, "जब टीम कार्रवाई करने पहुंची तो व्यापारियों ने उग्र होकर विरोध शुरू कर दिया। टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई की गई और हमारी गाड़ी भी तोड़ दी गई। यह सरकारी काम में बाधा डालने जैसा है।"
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फिलहाल बवाल और होटल मालिक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए नगर निगम की टीम वापस लौट गई है। लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे पीछे नहीं हटेंगे। सहायक नगर आयुक्त ने चेतावनी दी है कि जल्द ही भारी पुलिस फोर्स के साथ दोबारा अभियान चलाया जाएगा और सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हर हाल में हटाया जाएगा।
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मेरठ के हापुड़ अड्डा चौराहे पर सोमवार को अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम का व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान ध्वस्तीकरण देख पहलवान होटल के मालिक वसीम अंसारी को हार्ट अटैक आ गया। पार्षद और व्यापारियों ने टीम पर बिना नोटिस कार्रवाई और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वहीं, नगर निगम अधिकारी का कहना है कि टीम के साथ हाथापाई की गई और गाड़ी तोड़ी गई, अब पुलिस फोर्स के साथ दोबारा कार्रवाई होगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.