खबरीलाल क्राइम डेस्क, मेरठ: दोस्ती के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात ने मेरठ जिले को झकझोर कर रख दिया है। अक्सर हम सुनते हैं कि जान-पहचान वाले ही सबसे बड़े दुश्मन साबित होते हैं, कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात इसी कहावत को सच साबित करती है। एक 24 साल का होनहार युवक, जो अपने परिवार का सहारा था, उसे उसके ही करीबियों ने मौत के घाट उतार दिया। हत्यारों ने वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया कि शव देखकर पुलिस और स्थानीय लोगों की भी रूह कांप गई।READ ALSO:-"हम कॉकरोच हैं, एक बार सिस्टम में घुसते हैं तो निकलते नहीं!" शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' का अगला मास्टरप्लान?
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रविवार सुबह 9 बजे जब पीपला (सिंधावली) गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे रजत का लहूलुहान शव मिला, तो इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम ने सुबूत जुटाए हैं। आइए, इस पूरी खौफनाक घटना की तह तक जाते हैं।
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1. परिवार का सहारा था रजत: पिता का साया उठने के बाद संभाली थी जिम्मेदारी

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इस दर्दनाक कहानी की शुरुआत नगलातासी के पास स्थित तीर्थकुंज कॉलोनी से होती है, जहां मृतक रजत का परिवार रहता है। रजत की मां, राकेश कुमारी ने पुलिस को बताया कि उनके पति का बीमारी के चलते काफी समय पहले ही निधन हो चुका है। पति के जाने के बाद राकेश कुमारी ने बड़ी मुश्किलों से अपने तीन बेटों— विक्की (बड़ा), रजत (मंझला) और शुभम (छोटा)— को पाल-पोस कर बड़ा किया था।
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24 वर्षीय रजत अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ था। वह एक बेहद सीधा-सादा और मेहनती लड़का था। वह दिल्ली-देहरादून बाईपास स्थित सुभारती विश्वविद्यालय के ठीक सामने स्थित 'ZSM कंपनी' में काम करता था। उसकी कमाई से घर का खर्च चलता था। मां को उम्मीद थी कि अब उनके बुरे दिन खत्म हो गए हैं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रजत के रूप में उनके बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा हमेशा के लिए छिन जाने वाला है।
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2. 23 जुलाई की वह मनहूस शाम: 'बर्थडे पार्टी' का बहाना और मौत का जाल

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अपराधियों ने हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका चुना। मां राकेश कुमारी ने अपने आंसू पोंछते हुए पुलिस को जो बयान दिया, वह दिल चीर देने वाला है।
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उन्होंने बताया कि 23 जुलाई की शाम को सब कुछ सामान्य था। रजत घर पर ही था। तभी उसके बड़े भाई विक्की का साला, राहुल, घर पर आया। राहुल के साथ उसका एक अन्य दोस्त नितिन भी था। उन्होंने घर में आकर रजत को बाहर बुलाया और कहा, "आज जयकुमार का जन्मदिन (Birthday) है। हमने एक शानदार पार्टी रखी है, हम सब घूमने और पार्टी करने जा रहे हैं, तू भी हमारे साथ चल।"
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दोस्तों के इस बुलावे पर रजत ने कोई शक नहीं किया। वह खुशी-खुशी उनके साथ पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकल गया। रजत को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि यह कोई बर्थडे पार्टी नहीं, बल्कि उसकी मौत का जाल बिछाया गया है।
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3. खौफनाक रात और मां का इंतजार: पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गुमशुदगी

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जैसे-जैसे 23 जुलाई की रात गहराती गई, मां राकेश कुमारी की बेचैनी बढ़ती गई। आमतौर पर रजत काम या दोस्तों के साथ बाहर जाने पर घर वापस आ जाता था या फोन कर देता था। लेकिन उस रात 11 बज गए, फिर 12 बज गए और रजत घर नहीं लौटा।
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घबराए परिजनों ने रजत के मोबाइल नंबर पर कॉल लगाना शुरू किया। लेकिन दूसरी तरफ से सिर्फ एक ही जवाब आ रहा था— "आपके द्वारा डायल किया गया नंबर स्विच ऑफ है।" यह 'स्विच ऑफ' की आवाज परिवार के लिए किसी अनहोनी का पहला संकेत थी। पूरी रात परिवार वाले रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां रजत को तलाशते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
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आखिरकार, हार मानकर 24 जुलाई को परिजनों ने कंकरखेड़ा थाने का रुख किया और पुलिस को पूरी बात बताते हुए रजत की गुमशुदगी (Missing Complaint) दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
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4. रविवार की सुबह लाया मनहूस खबर: रेलवे ट्रैक पर मिला शव

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परिजनों की उम्मीदें रविवार सुबह (करीब 9 बजे) उस वक्त हमेशा के लिए टूट गईं, जब उनके फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ कंकरखेड़ा थाने की पुलिस थी। पुलिस ने भारी मन से बताया कि सिंधावली के जंगल में रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव मिला है, जिसका हुलिया रजत से मिलता-जुलता है।
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यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में घटनास्थल की ओर भागे। वहां जाकर देखा तो रेलवे ट्रैक के किनारे रजत का शव खून से लथपथ पड़ा था। उसकी बॉडी पर गहरी चोटों के कई निशान थे, जो साफ तौर पर बता रहे थे कि उसे बुरी तरह पीटा गया है और फिर उसकी हत्या की गई है।
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मां राकेश कुमारी ने रोते हुए पुलिस को बताया, "जहां मेरे बेटे का शव मिला है, वह जगह हमारे घर से करीब 7 किलोमीटर दूर है। मेरा बेटा उस जंगल या रेलवे ट्रैक की तरफ अपनी जिंदगी में कभी गया ही नहीं था। उसे जानबूझकर वहां ले जाया गया और मारा गया।"
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5. पुलिस और फोरेंसिक टीम का एक्शन: 3 दोस्त हिरासत में

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शव मिलने की सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और सीओ दौराला भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरे इलाके को सील कर दिया।
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वैज्ञानिक सुबूत जुटाने के लिए तत्काल फोरेंसिक टीम (Forensic Team) और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, पैरों के निशान और अन्य अहम सुराग इकट्ठा किए। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का स्पष्ट मामला माना है। शव का पंचनामा भरकर उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
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मृतक रजत की मां की सीधी तहरीर और शक के आधार पर कंकरखेड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस की कई टीमों ने दबिश देकर रजत के तीनों दोस्तों— राहुल (बड़े भाई का साला), जयकुमार (जिसका कथित जन्मदिन था), और नितिन— को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल तीनों से किसी गुप्त स्थान पर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
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6. कैसे सुलझेगी इस अंधे कत्ल की गुत्थी? पुलिस के रडार पर हैं ये सुराग

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पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस हत्याकांड के पीछे के असली 'मोटिव' (कारण) का पता लगाना है। मेरठ पुलिस एक बेहद सधी हुई रणनीति के तहत इस मामले की जांच कर रही है:
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    कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR): पुलिस रजत और हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों की पिछले एक महीने की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या उनके बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था।
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    मोबाइल टावर डंप (Location Tracking): 23 जुलाई की शाम से लेकर हत्या के समय तक, चारों युवकों के मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है। इससे यह साफ हो जाएगा कि वे पार्टी के नाम पर कहां-कहां गए और रजत का फोन किस जगह पर स्विच ऑफ हुआ।
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    सीसीटीवी नेटवर्क की मैपिंग: तीर्थकुंज कॉलोनी से लेकर सिंधावली के उस सुनसान जंगल तक के रास्तों पर लगे स्मार्ट सिटी और प्राइवेट सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह देखना चाहती है कि रजत किस गाड़ी या बाइक पर उनके साथ बैठकर गया था।
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    पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि रजत की मौत किस हथियार (धारदार या भारी वस्तु) से हुई और हत्या का सटीक समय क्या था। क्या उसे गला घोंटकर मारा गया या पीट-पीटकर?
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मेरठ के कंकरखेड़ा में हुई 24 वर्षीय रजत की यह हत्या समाज के लिए एक गहरा सबक और चेतावनी है। जिन दोस्तों के साथ वह हंसता-मुस्कुराता घर से निकला था, वे ही उसके लिए काल बन गए। क्या इस हत्या के पीछे कोई पैसों का लेन-देन था? कोई पुरानी रंजिश थी? या फिर किसी निजी विवाद ने इतना खौफनाक रूप ले लिया? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। खबरीलाल न्यूज़ की टीम इस हत्याकांड से जुड़ी पुलिस की हर छोटी-बड़ी कार्रवाई पर पैनी नजर बनाए हुए है और जल्द ही इस मामले का पूरा सच आपके सामने लेकर आएगी।
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