मेरठ। शहरवासियों का मेट्रो का सपना अब साकार होने जा रहा है, लेकिन यह कोई साधारण मेट्रो नहीं होगी। देश में पहली बार एक ऐसी अनूठी व्यवस्था लागू हो रही है, जहाँ हाई-स्पीड नमो भारत (रैपिड रेल) के ट्रैक पर ही 'मेरठ मेट्रो' भी दौड़ेगी। यह न केवल मेरठ शहर के भीतर यातायात की रीढ़ बनेगी, बल्कि इस एकीकृत सिस्टम से मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी।READ ALSO:-मेरठ का मास्टरस्ट्रोक: बस अड्डा शिफ्ट होने से दिल्ली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर समेत दर्जन भर जिलों का सफर होगा आसान
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक कॉरिडोर, दो सेवाएं: समझिए पूरा सिस्टम
\r\n\r\nएनसीआरटीसी (NCRTC) द्वारा बनाया गया दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर कुल 82 किलोमीटर का है। इसी कॉरिडोर के मेरठ वाले हिस्से में मेरठ मेट्रो का संचालन किया जाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n रैपिड रेल (नमो भारत): यह दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गाजियाबाद होते हुए मेरठ के मोदीपुरम तक जाएगी। यह एक लंबी दूरी की, तेज रफ्तार सेवा है, जो प्रमुख स्टेशनों पर ही रुकेगी।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ मेट्रो: यह सेवा विशेष रूप से मेरठ शहर के लिए है। यह मेरठ साउथ (परतापुर) से शुरू होकर मोदीपुरम तक कुल 13 स्टेशनों के बीच चलेगी। इसका उद्देश्य शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक आसान कनेक्टिविटी देना है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
सबसे खास बात यह है कि मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच रैपिड रेल और मेट्रो, दोनों एक ही ट्रैक का इस्तेमाल करेंगी।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
मेरठ मेट्रो का रूट और स्टेशन
\r\n\r\nमेरठ मेट्रो का कुल रूट लगभग 23 किलोमीटर का है, जिस पर 13 स्टेशन होंगे। यह शहर के घनी आबादी वाले और महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा।
\r\n\r\nमुख्य स्टेशन:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n मेरठ साउथ (परतापुर)\r\n \r\n
- \r\n रिठानी\r\n \r\n
- \r\n शताब्दी नगर\r\n \r\n
- \r\n ब्रह्मपुरी\r\n \r\n
- \r\n मेरठ सेंट्रल\r\n \r\n
- \r\n भैंसाली\r\n \r\n
- \r\n बेगमपुल\r\n \r\n
- \r\n एमईएस कॉलोनी\r\n \r\n
- \r\n दौराली\r\n \r\n
- \r\n मेरठ नॉर्थ\r\n \r\n
- \r\n मोदीपुरम\r\n \r\n
\r\n\r\n
इनमें से मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन होंगे, जबकि बाकी सभी एलिवेटेड हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
किन-किन जिलों को मिलेगा इसका फायदा?
\r\n\r\nइस एकीकृत प्रणाली का फायदा सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं है। यह पश्चिमी यूपी के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n मुजफ्फरनगर और सहारनपुर: इन जिलों से आने वाले यात्री सड़क मार्ग से मोदीपुरम स्टेशन पर उतरकर सीधे मेरठ मेट्रो पकड़ सकते हैं। इससे उन्हें मेरठ शहर के अंदरूनी ट्रैफिक में फंसे बिना बेगमपुल, भैंसाली या मेरठ सेंट्रल जैसे व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंचने में आसानी होगी।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद और दिल्ली: इन शहरों से रैपिड रेल पकड़कर आने वाले यात्री मेरठ साउथ, शताब्दी नगर या बेगमपुल जैसे किसी भी स्टेशन पर उतरकर मेट्रो की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन्हें मेरठ के किसी भी हिस्से में जाने के लिए दूसरा वाहन खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।\r\n \r\n
- \r\n बिजनौर और अमरोहा: इन जिलों से आने वाले लोग भी बाहरी रिंग रोड के जरिए मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचकर शहर में आसानी से कहीं भी यात्रा कर सकेंगे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
1. मेरठ शहर (उत्तरी, मध्य और दक्षिणी भाग)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n इंट्रा-सिटी कनेक्टिविटी: यह मेरठ के मोदीपुरम (उत्तरी छोर) से लेकर परतापुर/दौराला (दक्षिणी छोर) तक शहर के सभी मुख्य हिस्सों को जोड़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n जाम से मुक्ति: शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र बेगमपुल और भैंसाली जैसे व्यस्ततम इलाकों को अंडरग्राउंड स्टेशन मिलने से लोग ट्रैफिक जाम में फँसे बिना एक जगह से दूसरी जगह पहुँच सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n शैक्षणिक लाभ: शताब्दी नगर और मोदीपुरम जैसे स्टेशनों के पास कई शैक्षणिक संस्थान हैं, जिससे छात्रों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
'लोकल' और 'रीजनल' सर्विस में मुख्य अंतर
\r\n\r\nRRTS कॉरिडोर पर दो तरह की ट्रेनें चलेंगी, जो मेरठ को डबल फायदा देंगी:
\r\n\r\n| \r\n विशेषता \r\n | \r\n \r\n रैपिड (रीजनल) ट्रेन (दिल्ली के लिए) \r\n | \r\n \r\n मेरठ मेट्रो (लोकल ट्रेन) \r\n | \r\n
| \r\n रूट \r\n | \r\n \r\n दिल्ली (सराय काले खां) से मेरठ (मोदीपुरम) \r\n | \r\n \r\n दुहाई/परतापुर से मोदीपुरम (मेरठ के अंदर) \r\n | \r\n
| \r\n स्टॉपेज \r\n | \r\n \r\n केवल प्रमुख स्टेशन (लगभग 8-9) \r\n | \r\n \r\n सभी 13 स्टेशन \r\n | \r\n
| \r\n उद्देश्य \r\n | \r\n \r\n इंटर-सिटी यात्रा (दिल्ली-मेरठ) \r\n | \r\n \r\n इंट्रा-सिटी यात्रा (मेरठ के अंदर) \r\n | \r\n
| \r\n लाभ \r\n | \r\n \r\n दिल्ली-मेरठ यात्रा समय 1 घंटे से कम \r\n | \r\n \r\n शहर के अंदर की यात्रा ट्रैफिक-मुक्त \r\n | \r\n
\r\n\r\n
यह प्रणाली एक "वन-टिकट, वन-जर्नी" का अनुभव देगी, जहाँ एक ही टिकट से यात्री रैपिड रेल और मेट्रो दोनों में सफर कर सकेंगे, जिससे यात्रा बेहद सुगम और तेज हो जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.