मेरठ (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी क्राइम स्टोरी सामने आई है, जो किसी बॉलीवुड सस्पेंस थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। हत्यारों ने एक खौफनाक मर्डर को अंजाम दिया और उसे इतनी चालाकी से 'आत्महत्या' (Suicide) का रूप दे दिया कि पुलिस भी शुरुआती दौर में गच्चा खा गई। लेकिन हत्यारे एक चीज भूल गए थे—एक पिता का दिल और उसकी जिद। मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के पचपेड़ा गांव में रहने वाले फरीद की मौत अब एक मर्डर मिस्ट्री से सुलझकर एक पक्की 'सुपारी किलिंग' और 'बदले की आग' का रूप ले चुकी है।Read also:-बिजनौर पुलिस का X अकाउंट हुआ हैक: प्रोफाइल बदलकर किया गया 'ether.fi', क्रिप्टो पोस्ट से मचा हड़कंप
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10 जुलाई की वह सुबह: जब फंदे से लटकती मिली फरीद की लाश

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कहानी की शुरुआत 10 जुलाई की उस मनहूस सुबह से होती है, जब पचपेड़ा गांव के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी शुरू कर रहे थे। तभी गांव के एक खाली और सुनसान पड़े मकान से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। उस मकान के अंदर फरीद का शव एक फंदे से झूलता हुआ पाया गया।
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दृश्य बिल्कुल वैसा ही था जैसा अक्सर आत्महत्या के मामलों में होता है। मौके पर पहुंची भावनपुर थाने की पुलिस ने लाश का मुआयना किया, पंचनामा भरा और अपनी डायरी में इसे 'प्रथम दृष्टया आत्महत्या' दर्ज कर लिया। पुलिस को लगा कि मामला मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद का होगा। लेकिन फरीद के पिता साजिद की आंखें कुछ और ही कहानी बयां कर रही थीं। उन्हें उसी पल एहसास हो गया था कि उनका बेटा खुद अपनी जान नहीं ले सकता। साजिद ने चीख-चीख कर पुलिस से कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या है। लेकिन उस वक्त पुलिस ने साजिद की चीखों को अनसुना कर दिया।
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खूनी साजिश की असली वजह: एक 'निषिद्ध प्रेम प्रसंग' (Love Affair)

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जैसे-जैसे दिन गुजरे, साजिद ने हार नहीं मानी और खुद अपने स्तर पर सुबूत जुटाने शुरू किए। गांव की दबी जुबानों और साजिद की तहकीकात में हत्या का एक ऐसा मोटिव सामने आया, जिसने सभी के होश उड़ा दिए। यह मामला किसी पुरानी रंजिश या पैसे के लेन-देन का नहीं, बल्कि एक खतरनाक 'प्रेम प्रसंग' (Love Affair) का था।
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पिता साजिद ने पुलिस के आला अधिकारियों को बताया कि उनके बेटे फरीद का गांव की ही एक महिला के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह प्यार धीरे-धीरे एक ऐसा राज बन गया, जिसकी भनक महिला के पति और उसके दबंग परिजनों को लग गई। साजिद का आरोप है कि अपनी 'झूठी शान' (Honor) और नफरत के चलते महिला के परिजनों ने फरीद को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खूनी प्लान बनाया। उन्होंने फरीद की बेरहमी से हत्या की और फिर कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसके शव को उस खाली मकान में ले जाकर फंदे से लटका दिया।
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थाने की चौखट से लेकर डीएम दरबार तक: एक पिता का अड़ियल संघर्ष

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फरीद की मौत को आत्महत्या करार देकर पुलिस फाइल बंद करने की तैयारी में थी, लेकिन साजिद ने सिस्टम से हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने भावनपुर थाने के कई चक्कर काटे, लेकिन जब वहां सुनवाई नहीं हुई, तो वे न्याय की गुहार लेकर मेरठ के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के दरबार में जा पहुंचे।
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साजिद ने अधिकारियों के सामने अपनी दलीलें रखीं और मांग की कि यदि पुलिस को लगता है कि यह आत्महत्या है, तो शव का दोबारा और निष्पक्ष पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया जाता? एक पिता की इस तड़प और मामले में छिपी साजिश की बू को प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
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30 जुलाई का वह ऐतिहासिक दिन: जब न्याय के लिए खुदी कब्र
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मेरठ के जिलाधिकारी ने साजिद की अपील पर संज्ञान लेते हुए एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक आदेश पारित किया। उन्होंने मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया।
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30 जुलाई को जब पचपेड़ा गांव के कब्रिस्तान में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में फरीद की 20 दिन पुरानी कब्र खोदी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स की सांसें थमी हुई थीं। एक पिता के लिए अपने जवान बेटे की लाश को दोबारा मिट्टी से बाहर निकलते देखना किसी कयामत से कम नहीं था, लेकिन साजिद ने यह दर्द सहा, क्योंकि उन्हें अपने बेटे के कातिलों को फांसी के फंदे तक पहुंचाना था।
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शव को निकालकर कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। और जैसा कि साजिद को अंदेशा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच ने पुलिस की 'सुसाइड थ्योरी' की धज्जियां उड़ा दीं।
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दहशत और धमकियों का दौर: खौफ में जी रहा था पीड़ित परिवार

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जब से साजिद ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी, तभी से हत्या के आरोपियों में खलबली मच गई थी। साजिद और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। आरोपियों का साफ कहना था कि अगर वे केस के पीछे पड़े रहे, तो पूरे परिवार को फरीद के पास पहुंचा दिया जाएगा। लेकिन साजिद चट्टान की तरह डटे रहे। उन्होंने पुलिस को धमकियों की जानकारी दी और सुरक्षा की गुहार लगाई।
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आखिरकार झुका सिस्टम: 4 कुख्यात दबंगों पर हत्या की FIR दर्ज

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अधिकारियों के कड़े हस्तक्षेप, कब्र से निकाले गए शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पिता साजिद के अटल संघर्ष के आगे आखिरकार मंगलवार को पुलिस को झुकना ही पड़ा। भावनपुर थाने में पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश रचने की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
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जिन 4 आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है, उनके नाम हैं:

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  1. \r\n
    सद्दाम (Saddam) - निवासी पचपेड़ा
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  2. \r\n
  3. \r\n
    हबीब (Habib) - निवासी पचपेड़ा
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  4. \r\n
  5. \r\n
    यामीन (Yamin) - निवासी पचपेड़ा
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  6. \r\n
  7. \r\n
    कासिम (Kasim) - निवासी पचपेड़ा
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कौन हैं ये आरोपी? गोकशी और गैंगस्टर का है खौफनाक इतिहास

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इस कहानी का सबसे डरावना पहलू यह है कि जिन लोगों पर फरीद की हत्या का आरोप है, वे कोई आम गांव वाले नहीं हैं। साजिद की तहरीर और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी सद्दाम और हबीब इलाके के कुख्यात अपराधी हैं।
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इन दोनों पर पहले से ही पुलिस थानों में गोकशी (Cow Slaughter) और गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) जैसे कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पचपेड़ा और आसपास के गांवों में इनकी दबंगई का ऐसा खौफ है कि कोई भी इनके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। साजिद का कहना है कि इसी दबंगई और आपराधिक रसूख के नशे में चूर होकर इन दरिंदों ने फरीद की हत्या को अंजाम दिया और यह मान बैठे थे कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।
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आगे क्या? गिरफ्तारी की मांग और यूपी पुलिस की साख का सवाल

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एफआईआर दर्ज होने के बाद अब गेंद पूरी तरह से मेरठ पुलिस के पाले में है। साजिद और उनके परिवार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक सद्दाम, हबीब और उनके गुर्गे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, तब तक उनके परिवार की जान को खतरा है।
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उत्तर प्रदेश पुलिस जो अपने 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) और 'एनकाउंटर' पॉलिसी के लिए देश भर में जानी जाती है, उसके सामने अब यह एक बड़ा चैलेंज है। देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस इन नामजद गैंगस्टर आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर एक बेबस पिता को न्याय दिला पाती है, या ये अपराधी अपने रसूख के चलते फिर कोई नई साजिश रचने में कामयाब हो जाते हैं। फिलहाल, पचपेड़ा गांव में भारी तनाव और दहशत का माहौल है, और हर किसी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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