मेरठ: रैपिड रेल का सपना साकार होने के साथ ही मेरठ की दो प्रमुख जीवन रेखाओं—दिल्ली रोड और रुड़की रोड—पर ट्रैफिक का 'ब्लैक होल' बन गया है। कॉरिडोर निर्माण के कारण कई जगहों पर संकरी हो चुकी इन सड़कों पर भारी वाहनों के बीच आम जनता दिनभर रेंगने को मजबूर है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा तैयार किए गए जोनल प्लान को लागू करने की तैयारी है। लेकिन इस बार फैसला बंद कमरों में नहीं, बल्कि जनता की राय से होगा। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने इस प्लान पर शहर के लोगों से 25 अक्टूबर तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।READ ALSO:-मेरठ मेट्रो अपडेट: शताब्दी नगर स्टेशन पर आर्ट-वर्क शुरू, सभी मेट्रो स्टेशन बनेंगे शहर की पहचान
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समस्या का केंद्र: रैपिड कॉरिडोर का असर
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शहर में रैपिड रेल का नेटवर्क बिछने से दिल्ली रोड और रुड़की रोड पर कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। पिलरों के निर्माण ने ट्रैफिक के लिए जगह सीमित कर दी है, जिससे सुबह से लेकर देर रात तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों को साल 2006 में मेरठ महा योजना 2021 के तहत प्रस्तावित इनर और आउटर रिंग रोड की याद आ रही है, जिन पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका और जो इस ट्रैफिक का बोझ कम कर सकती थीं।
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समाधान का 'जोनल प्लान'
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इस जाम के जंजाल से निकलने के लिए NCRTC ने इन दोनों प्रमुख सड़कों को नौ जोन में बांटकर एक विस्तृत जोनल प्लान तैयार किया है। इस प्लान में ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने, पार्किंग की व्यवस्था करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इस प्लान का प्रेजेंटेशन शासन स्तर पर भी हो चुका है और अब इसे लागू करने की अंतिम तैयारी है।
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जनता की अदालत में प्लान, आपकी राय है कीमती
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इस महत्वपूर्ण प्लान को लागू करने से पहले, मेडा ने इसे जनता की अदालत में रखा है। प्राधिकरण के कार्यालय में एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जहाँ कोई भी नागरिक इस प्लान को देख सकता है और अपनी राय, आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकता है।
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    अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर, 2025
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    कैसे दें सुझाव: मेडा कार्यालय में जाकर या निर्दिष्ट माध्यमों से लिखित रूप में।
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अब तक मिले सुझावों में लोगों ने सबसे ज्यादा चिंता पार्किंग की समस्या को लेकर जताई है। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पार्किंग के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
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मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि 25 अक्टूबर तक प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके बाद ही जोनल प्लान को अंतिम रूप देकर इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम शहर के विकास में नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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