मेरठ के सेंट्रल मार्केट में चार दिनों से चल रहा कारोबारियों का अनिश्चितकालीन धरना और बाजार बंद का आह्वान समाप्त हो गया है। मेरठ के सांसद और अभिनेता अरुण गोविल (Arun Govil) ने आज धरना स्थल पर पहुंचकर कारोबारियों से बात की और उनकी मांगों पर लिखित सहमति दी। सांसद ने स्वयं दुकान का शटर उठाकर विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराया, जिसके बाद पूरा बाजार खुल गया। यह आश्वासन Central Market के उन कारोबारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिनकी 90 से अधिक दुकानें ध्वस्त होने की कगार पर थीं।READ ALDO:-बिजनौर Election Update: जिलाधिकारी जसजीत कौर ने 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर शुरू किया विधानसभा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान
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बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन

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यह पूरा विवाद आवास और विकास परिषद द्वारा सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स पर की गई कार्रवाई से शुरू हुआ था।
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    कार्रवाई: सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स की पहले ही 22 दुकानें ढहाई जा चुकी थीं।
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    अगली तैयारी: इसके बाद 31 और आवासीय प्लाटों पर बनी 90 दुकानों को खाली कराने के लिए आवास और विकास परिषद ने नोटिस जारी किए थे।
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    विरोध: परिषद के इसी फैसले के विरोध में कारोबारी सोमवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे, जिसके कारण चार दिनों से पूरा बाजार बंद था। विरोध में 'ये तानाशाही नहीं चलेगी' और 'भाजपा मुर्दाबाद' जैसे नारों के साथ महिलाओं ने भी पैदल मार्च निकालकर अपना गुस्सा जताया था।
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सांसद गोविल ने सीएम योगी से की बात, 5 बिंदुओं पर बनी सहमति

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धरना खत्म कराने के लिए सांसद अरुण गोविल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और BJP महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी धरना स्थल पहुंचे। सांसद ने कारोबारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कमिश्नर से हुई मीटिंग का हवाला दिया।
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सांसद अरुण गोविल के आश्वासन के बाद प्रशासन और कारोबारियों के बीच इन 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी:
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    दुकानें नहीं टूटेंगी: सेंट्रल मार्केट की शेष दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकी जाएगी।
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    बाजार स्ट्रीट का दर्जा: मास्टर प्लान में संशोधन के माध्यम से सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट का दर्जा दिया जाएगा।
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    अस्थाई दुकानें: ध्वस्त हुए कॉम्प्लेक्स में जिन व्यापारियों की दुकानें थीं, उन्हें आवास एवं विकास परिषद द्वारा वहाँ अस्थाई दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी।
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    स्वामित्व प्रक्रिया: भूखंड 661/6 के स्वामित्व के संबंध में दाखिल खारिज की प्रक्रिया और नए मानचित्र की स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी।
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    नवनिर्माण तक पट्टा: ध्वस्त काम्प्लेक्स से प्रभावित भवन स्वामियों को नगर निगम द्वारा मूल स्थान पर नवनिर्माण होने तक अस्थाई रूप से पट्टे पर दुकान दी जाएगी।
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व्यापारियों की 3 प्रमुख मांगें (विरोध स्वरूप):

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कारोबारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को भी सामने रखा, जिनमें से कुछ पर कानूनी कार्रवाई की मांग शामिल थी:
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    दुकानों को खाली कराने और तोड़ने की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए।
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    आवास विकास परिषद के 45 अफसरों पर दर्ज अवमानना के मुकदमों को आगे बढ़ाया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।
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    हापुड़ अड्डा, भगत सिंह मार्केट, आजाद मार्केट सहित अन्य बाजारों पर भी बुलडोजर चले (ताकि सभी के लिए समान नियम लागू हों)।
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सांसद का हस्तक्षेप

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कारोबारियों ने सांसद अरुण गोविल द्वारा व्यक्तिगत रूप से शटर उठाकर धरना समाप्त कराने के कदम की सराहना की। व्यापारियों का कहना है कि सांसद ने न्याय का भरोसा दिया है, जिसके बाद ही उन्होंने विरोध खत्म किया है। यह घटना दर्शाती है कि जनप्रतिनिधि के सीधे हस्तक्षेप से व्यापारियों के बीच उपजा आक्रोश शांत हुआ है।
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