उत्तर प्रदेश के Meerut शहर का सेंट्रल मार्केट एक बड़े प्रशासनिक और व्यावसायिक संकट का सामना कर रहा है। अवैध कॉम्प्लेक्स की 22 दुकानें ढहाए जाने के बाद अब आवास विकास परिषद (Avas Vikas Parishad) की ओर से 31 और आवासीय भूखंडों पर बनी 90 दुकानों को खाली कराने की तैयारी है। परिषद द्वारा जारी नोटिसों के विरोध में, व्यापारियों ने सोमवार सुबह से सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।READ ALSO:-भव्य 'मिनी कुंभ' बनेगा गढ़मुक्तेश्वर मेला! CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा, 45 लाख श्रद्धालुओं के लिए NDRF-SDRF तैनात, CCTV से होगी निगरानी
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश और 90 दुकानों का भविष्य

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सेंट्रल मार्केट में यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दशकों पुराने अवैध निर्माणों से जुड़ी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिया है।
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    पिछली कार्रवाई: हाल ही में, 22 दुकानों वाला एक अवैध कॉम्प्लेक्स ढहाया गया था।
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    ताज़ा खतरा: अब परिषद ने 31 अन्य भूखंडों के स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं, जहाँ लगभग 90 दुकानें बनी हुई हैं। परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर दुकानदारों ने दुकानें खुद खाली नहीं कीं, तो इन पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा।
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    गलतियों का खामियाजा: व्यापारियों का आरोप है कि आवास विकास परिषद के अधिकारियों की पुरानी गलतियों और कथित रिश्वतखोरी का खामियाजा आज कारोबारी भुगत रहे हैं।
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परिवार के साथ धरने पर कारोबारी

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व्यापारियों का यह विरोध प्रदर्शन अब एक व्यापक रूप ले चुका है। Meerut के व्यापारियों ने इस कार्रवाई के खिलाफ किसान आंदोलन की तर्ज पर अनोखा विरोध शुरू किया है।
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    बाजार बंद और मार्च: सेंट्रल मार्केट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। विरोध जताने के लिए व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर पैदल मार्च निकाला।
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    'किसान आंदोलन' की तर्ज: व्यापारी अपनी पत्नी-बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने धरने पर ही सभी के लिए खाना बनाने के लिए भट्ठियां लगवा दी हैं। धरने पर बैठे सभी लोग यहीं खाना खाएंगे, जिसके लिए 500 कुर्सियां मंगवाई गई हैं।
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    राजनीतिक समर्थन: प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता भी पहुंचे।
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यति मां चेतनानंद सरस्वती का समर्थन

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डासना मंदिर की महंत यति मां चेतनानंद सरस्वती भी व्यापारियों के समर्थन में धरने पर बैठी हैं।
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    महंत का बयान: उन्होंने कहा, "मैं व्यापारियों के साथ हूँ। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यहाँ से नहीं उठूँगी।" उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नेताओं पर भी निशाना साधा कि संकट की इस घड़ी में कोई भी व्यापारियों से मिलने नहीं आया।
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Impact & Next Step: अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद

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व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने का भरोसा नहीं देता, वे अपने परिवारवालों के साथ यहीं धरना जारी रखेंगे। Meerut का सेंट्रल मार्केट शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक इलाकों में से एक है, और इसके अनिश्चितकाल के लिए बंद होने से बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है। सभी की निगाहें अब आवास विकास परिषद और जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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