उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार को आवास विकास परिषद के तहत एक बड़े अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 35 साल पुराने कॉम्प्लेक्स में बनीं 22 दुकानों को ढहाने के इस एक्शन ने कारोबारियों को भावुक कर दिया। मेरठ बुलडोजर कार्रवाई से पहले ही कारोबारी अपनी दुकानों के सामने फूट-फूटकर रोने लगे, वहीं महिलाओं ने हंगामा करते हुए अपनी दुकानें आखिरी बार देख लेने की गुहार लगाई। यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से रविवार सुबह तक के लिए रोक दी गई है।READ ALSO:-दिल्ली-मेरठ रोड पर 'मौत का स्टंट'! बुलेट का हैंडल छोड़कर दागे पटाखे, चलती कार से छोड़े रॉकेट, Video वायरल
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35 साल पुराने कॉम्प्लेक्स पर SC का आदेश

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यह कॉम्प्लेक्स मेरठ के काजीपुर क्षेत्र में स्थित है। यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आधारित है।
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    अवैध निर्माण: यह कॉम्प्लेक्स 288 वर्गमीटर जमीन पर बना था, जो मूल रूप से काजीपुर के वीर सिंह को आवास के लिए आवंटित की गई थी। लेकिन 1990 में विनोद अरोड़ा नामक व्यक्ति ने पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल करके यहाँ अवैध रूप से कॉम्प्लेक्स बनवा लिया था।
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    कोर्ट का आदेश: मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा, जिसने 17 दिसंबर, 2024 को कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने प्रशासन को 3 महीने के भीतर कॉम्प्लेक्स को खाली कराकर ध्वस्त करने का निर्देश दिया था।
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रोए कारोबारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे प्रशासन की टीम, भारी पुलिस बल के साथ, मौके पर पहुँची और कार्रवाई शुरू की।
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    भावुक पल: कॉम्प्लेक्स का कुछ हिस्सा ढहाए जाने से पहले कारोबारी और उनके परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए और रोने लगे। महिलाओं ने भावुक होकर प्रशासन से अंतिम बार अपनी दुकानें देखने देने की मांग की, जिसे सुरक्षा कारणों से पुलिस ने रोक दिया।
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    बैरिकेडिंग और फोर्स: इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई थानों की फोर्स, पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
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    ड्रोन निगरानी: एटीएस (ATS) के ड्रोन से पूरे इलाके की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
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रविवार को फिर होगी कार्रवाई

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अफसरों ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह से जमींदोज किया जाएगा।
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    कार्रवाई स्थगित: हालांकि, शनिवार शाम को कार्रवाई रोक दी गई। अफसरों ने कहा कि ध्वस्त करने की कार्रवाई अब रविवार सुबह फिर से शुरू होगी।
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    सुरक्षा: फिलहाल, परिसर के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई है ताकि कोई भी उस क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
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कहां जाएंगे 22 परिवारों के लोग?

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कारोबारियों का रोना और उनकी यह चिंता कि 'अब उनका क्या होगा, कहाँ जाएँगे और किस तरह गुज़ारा करेंगे?' एक भावनात्मक सवाल बनकर उभरा है। सोशल मीडिया पर भी मेरठ में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बहस छिड़ी हुई है। एक ओर लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 35 साल पुराने व्यवसाय खोने वाले 22 परिवारों की आजीविका को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
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 दुकान मालिक बाहर बैठकर रो रहे हैं। लोग उन्हें समझा रहे हैं।

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आजीविका का संकट

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इस कार्रवाई का सीधा असर कॉम्प्लेक्स के 22 कारोबारी परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा। प्रशासन और स्थानीय नेताओं के सामने अब इन परिवारों के पुनर्वास या वैकल्पिक आजीविका का सवाल खड़ा हो गया है। रविवार को फिर से शुरू होने वाली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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