मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धड़कन कहे जाने वाले मेरठ शहर में मंगलवार को किसानों का एक अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी विभिन्न लंबित मांगों और कृषि समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू टिकैत) के बैनर तले हजारों किसानों ने मेरठ कमिश्नरी पर विशाल महापंचायत का आयोजन किया है। जिले की तीनों तहसीलों से करीब एक हजार से अधिक किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पहुंच चुके हैं, जिसके चलते पूरा कमिश्नरी परिसर एक छावनी और ट्रैक्टरों के मेले में तब्दील हो गया है। कमिश्नरी के चारों तरफ 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दी गई हैं, जिससे प्रशासनिक अमले में भारी हड़कंप मचा हुआ है। किसान अपनी मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन और घेराव कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार अन्नदाता आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।READ ALSO:-चिराग तले अंधेरा! रक्षाबंधन पर सूने मकान में घुसे चोर, थाने से महज चंद कदमों की दूरी पर टूटे ताले, बिजनौर पुलिस की गश्त के दावों की खुली पोल
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राकेश टिकैत की दबंग एंट्री और पुलिस को कड़ी नसीहत इस महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शिरकत की। पंचायत स्थल पर टिकैत का आगमन बेहद खास और इंकलाबी अंदाज में हुआ। जैसे ही वह पंचायत स्थल पर पहुंचे, उन्होंने एक ट्रैक्टर के बोनट पर खड़े होकर वहां मौजूद हजारों किसानों की भारी भीड़ का अभिवादन किया। किसानों के इस जनसैलाब और ट्रैक्टरों की कतारों को देखकर उत्साहित राकेश टिकैत ने अपने हाथ में किसानी का प्रतीक 'हल' उठा लिया, जिसे देखकर वहां मौजूद भीड़ ने जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए।
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महापंचायत के मंच तक पहुंचने से पहले राकेश टिकैत ने एक अहम मुलाकात भी की। वह कमिश्नरी पार्क में ललिता गौतम प्रकरण को लेकर धरने पर बैठे रवि गौतम से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस को अपने व्यवहार में थोड़ा नरम रुख अपनाना होगा। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, "पुलिस का कठोर व्यवहार और लाठीचार्ज गुंडों व अपराधियों के लिए होना चाहिए, अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से लड़ रहे आंदोलनकारियों के लिए नहीं।"
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क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें? (गन्ना, बिजली और खाद) यह महापंचायत अचानक नहीं बुलाई गई है, बल्कि इसके पीछे किसानों का लंबे समय से दबा हुआ आक्रोश है। महापंचायत की तैयारियों को लेकर भाकियू के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सोमवार को ही जिले के कई गांवों और तहसील क्षेत्रों में तूफानी बैठकें कर किसानों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की थी। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन मौन धारण किए हुए है।
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किसानों की प्रमुख मांगों में सबसे बड़ा मुद्दा गन्ने के बकाया मूल्य का भुगतान है। पश्चिमी यूपी में गन्ना किसानों की रीढ़ है, लेकिन मिलों द्वारा समय पर भुगतान न किए जाने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली की महंगी दरें, समय पर खाद की अनुपलब्धता और बाजारों में चीनी की बढ़ती कीमतों के बावजूद किसानों को उसका उचित लाभ न मिलना जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। भाकियू की ओर से 21 जुलाई को ही अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को इन सभी समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया था। जिलाध्यक्ष के अनुसार, महीनों बीत जाने के बाद भी शासन स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते मजबूर होकर किसानों को आज सड़कों पर उतरना पड़ा है।
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महापंचायत का रंग: रागनी, लंगर और मॉडिफाइड ट्रैक्टरों का क्रेज मेरठ कमिश्नरी पर हो रही यह महापंचायत सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों की संस्कृति और एकजुटता का एक बड़ा मंच भी बन गई है। पंचायत स्थल पर ग्रामीण संस्कृति की छटा साफ देखी जा सकती है। किसानों के मनोरंजन और उन्हें ऊर्जावान बनाए रखने के लिए हरियाणा के जींद जिले से विशेष रूप से रागनी गायक संदीप को आमंत्रित किया गया है। संदीप अपनी ओजस्वी रागनी के माध्यम से किसानों के सामने अपनी कला पेश कर रहे हैं और वहां मौजूद हजारों किसान इसका भरपूर आनंद ले रहे हैं।
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इसके साथ ही, महापंचायत में पहुंच रहे किसानों के लिए भाकियू संगठन के कार्यकर्ताओं ने विशाल भंडारे (लंगर) की व्यवस्था की है। यहां हजारों लोगों के लिए लगातार ताजा खाना तैयार किया जा रहा है। सादगी की मिसाल पेश करते हुए राकेश टिकैत और संगठन के अन्य बड़े पदाधिकारियों ने कोई वीआईपी व्यवस्था लेने के बजाय मंच पर ही किसानों के बीच बैठकर भोजन किया। भोजन के साथ-साथ पंचायत की कार्यवाही और भाषणों का दौर भी अनवरत जारी रहा। महापंचायत का एक और मुख्य आकर्षण युवाओं द्वारा लाए गए 'मॉडिफाइड ट्रैक्टर' रहे। कई युवा किसान अपने ट्रैक्टरों को बेहद आकर्षक ढंग से मॉडिफाई करवाकर पंचायत में पहुंचे हैं, जो वहां मौजूद लोगों के लिए सेल्फी पॉइंट बने हुए हैं।
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प्रशासन में हड़कंप: अनिश्चितकालीन धरने और 'जेल भरो' का अल्टीमेटम किसानों की बढ़ती भीड़ और उनके आक्रामक तेवरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। राकेश टिकैत के पंचायत स्थल पर पहुंचते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने राकेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं से मंच पर ही लंबी बातचीत की और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया।
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हालांकि, किसानों ने साफ तौर पर अल्टीमेटम दे दिया है कि वे कोरे आश्वासनों से वापस लौटने वाले नहीं हैं। किसानों का दो टूक कहना है कि महापंचायत में उनकी सभी मांगों को अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा जा रहा है। अगर उनकी समस्याओं का मौके पर ही कोई ठोस और लिखित समाधान नहीं निकाला गया, तो इस एक दिवसीय महापंचायत को तुरंत प्रभाव से अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर दिया जाएगा। भाकियू ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में संगठन पूरे जिले में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
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मेरठ की रफ्तार पर लगा ब्रेक: कमिश्नरी चौराहे पर भारी यातायात डायवर्जन पंचायत स्थल और उसके आसपास हजारों किसानों और सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अचानक पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसे संभालने के लिए एसपी सिटी और एडीएम सिटी खुद सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाले हुए नजर आए।
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महापंचायत के व्यापक प्रभाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए कमिश्नरी चौराहे और आसपास के प्रमुख इलाकों में मंगलवार सुबह 10:30 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए सख्त रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। एसपी यातायात राजेश कुमार श्रीवास्तव ने डायवर्जन प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान कमिश्नरी चौराहे से कुटी चौराहे के बीच सामान्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद रखा गया है। माल रोड की ओर से आने वाले वाहनों को कुटी चौराहा होते हुए मवाना रोड की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं, शहर के अन्य मार्गों से आने वाले वाहनों को पुलिस लाइन रोड से मेघदूत पुलिया होते हुए वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे जाम से बचने के लिए निर्धारित डायवर्जन रूट का ही इस्तेमाल करें और कमिश्नरी के आसपास के मार्गों पर जाने से बचें।
Sabse pehle comment karne wale banein.