उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी विधायक और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर एक गंभीर विवादों में घिर गए हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उन पर अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्तियों की जमीनें, सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना खरीदने का आरोप लगाया है। अमिताभ ठाकुर ने इस मामले पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) से तत्काल जांच और राज्यमंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।READ ALSO:-UP के स्कूलों में 'लेट एंट्री' अब मंजूर नहीं! इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त निर्देश, टीचरों की होगी 'ऑनटाइम' इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस
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राजस्व संहिता की धारा 98 का उल्लंघन

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अमिताभ ठाकुर का यह आरोप उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 98 पर आधारित है।
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    कानूनी प्रावधान: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 98 के अनुसार, अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की अनुमति के बिना खरीदी या बेची नहीं जा सकती है। इस नियम का उद्देश्य कमजोर वर्गों की जमीन की सुरक्षा करना है।
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    पूर्व के आरोप: अमिताभ ठाकुर पहले भी उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा चुके हैं।
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 ये डॉक्यूमेंट अमिताभ ठाकुर ने शासन को भेजे हैं

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4 मामलों में हुआ जमीन का लेनदेन

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अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में रजिस्ट्री विभाग और राजस्व विभाग के अभिलेखों का हवाला देते हुए चार विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया है।
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    जमीन की खरीद: उनके अनुसार, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने 13 मार्च 2024 को कम से कम चार मामलों में अनुसूचित जाति के विभिन्न व्यक्तियों से जमीन खरीदी है।
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    अनुमति की प्रक्रिया: शिकायत में कहा गया है कि मंत्री ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली थी। खरीद के बाद, उन्होंने 31 अगस्त से 3 सितंबर 2024 के बीच एडीएम प्रशासन मेरठ के पास आवेदन किया, जिसके क्रम में एडीएम द्वारा उन्हें 13 सितंबर को अनुमति दी गई।
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    आरोप: अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि नियमों के विपरीत जमीन का लेनदेन पहले ही कर लिया गया था और अनुमति बाद में ली गई।
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 ये डॉक्यूमेंट अमिताभ ठाकुर ने शासन को भेजे हैं

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मुख्यमंत्री से की निष्कासन की मांग

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अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजते हुए इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    एफआईआर की मांग: उन्होंने इन चारों रजिस्ट्री को निरस्त किए जाने की मांग की है।
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    बर्खास्तगी की मांग: अमिताभ ठाकुर ने राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर को बिना अनुमति अनुसूचित जाति के व्यक्तियों से जमीन खरीदने के आरोप में तुरंत मंत्रिमंडल से निष्कासित किए जाने की मांग की है।
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    अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई: उन्होंने राजस्व और रजिस्ट्री विभाग के उन अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर जमीन की रजिस्ट्री में सहयोग किया।
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जांच की बढ़ती मांग

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पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ लगाए गए इस गंभीर आरोप ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और शिकायत पत्र वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग इस मामले की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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Impact & Next Step: राजनीतिक संकट की आशंका
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अनुसूचित जाति से संबंधित जमीन की खरीद का यह मामला मंत्री के लिए बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर सकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा इस शिकायत पर जल्द ही कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच का आदेश आने की संभावना है।
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