उत्तर प्रदेश के मेरठ में सेंट्रल मार्केट को लेकर चल रहे विवाद के बीच कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने केन्द्रीय बाजार को 'बाजार स्ट्रीट' (Bazaar Street) का कानूनी दर्जा दिलाने के लिए प्रमुख सचिव, आवास और शहरी नियोजन को पत्र लिखा है। इस पत्र में अमित अग्रवाल ने 'उत्तर प्रदेश बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट बायलाज 2025' में संशोधन की मांग की है। विधायक का यह प्रयास सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्त की गईं दुकानों और प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को राहत दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।Read also:-मेरठ: नौचंदी में 'अशोक स्तंभ' गिरा देख भड़के लोग, 'देश का अपमान' समझ मचाया हंगामा; SP सिटी ने CCTV से खोला 'रात 3 बजे का राज'
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सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
\r\n\r\nयह पूरा मामला मेरठ के सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है। हाल ही में, 25 और 26 अक्टूबर को सेंट्रल मार्केट 661/6 पर निर्मित कॉम्प्लेक्स की 22 दुकानें ध्वस्त कर दी गई थीं।
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- \r\n व्यावसायिक संकट: कोर्ट के आदेश के बाद 1463 अन्य व्यावसायिक निर्माणों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जिसके विरोध में व्यापारी पिछले कई दिनों से धरना दे रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n व्यापारियों की नाराजगी: धरना दे रहे व्यापारियों ने इस दौरान जनप्रतिनिधियों पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया था।\r\n \r\n
- \r\n त्यागपत्र: व्यापारियों की दुर्दशा से दुखी होकर 'व्यापार बचाओ संघर्ष समिति' के सह-संयोजक विजय गांधी ने अपने पद से त्यागपत्र भी दे दिया था।\r\n \r\n
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बायलाज 2025 में संशोधन की मांग
\r\n\r\nविधायक अमित अग्रवाल ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में उन तकनीकी अड़चनों को दूर करने की मांग की है, जिनके कारण सेंट्रल मार्केट जैसे पुराने फुटकर बाजारों को कानूनी दर्जा नहीं मिल पा रहा है।
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- \r\n बाजार स्ट्रीट का दायरा: उन्होंने बिल्डिंग बायलाज 2025 के बिंदु पांच में संशोधन की मांग की है। वर्तमान नियम केवल 10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में 24 मीटर या उससे चौड़ी रोड पर बनी दुकानों को 'बाजार स्ट्रीट' का प्रविधान देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n मांग: विधायक ने मेरठ समेत अन्य शहरों में 9 मीटर से 18 मीटर और उससे अधिक चौड़े मार्गों के बाजारों को भी 'बाजार स्ट्रीट' घोषित करने की मांग की है।\r\n \r\n
- \r\n आबादी की बाध्यता समाप्त: उन्होंने बायलाज से '10 लाख की आबादी की बाध्यता' को समाप्त करने का भी आग्रह किया है, ताकि छोटे शहरों के बाजार भी कानूनी दायरे में आ सकें।\r\n \r\n
- \r\n लक्ष्य: विधायक ने कहा है कि इन संशोधनों के बाद सेंट्रल मार्केट को मेरठ महायोजना में शामिल कराया जाएगा।\r\n \r\n
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धरने का समापन और आश्वासन
\r\n\r\nअधिकारियों के सकारात्मक आश्वासन के बाद व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।
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- \r\n अधिकारियों से वार्ता: शनिवार को जिलाधिकारी (डीएम) वीके सिंह, एसएसपी विपिन ताडा और आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार के साथ व्यापारियों की एक बैठक हुई।\r\n \r\n
- \r\n व्यापारियों की मांगें: व्यापारियों ने मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपये, ध्वस्त दुकानों को उसी स्थान पर भू उपयोग परिवर्तित करते हुए दुकानें देने और वैकल्पिक व्यापार स्थल आवंटित किए जाने की मांग रखी थी।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारियों का आश्वासन: किशोर वाधवा ने बताया कि अधिकारियों ने शासन स्तर पर उनकी मांगों को पूरा करने का सकारात्मक आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। व्यापारियों को सवा माह का समय दिया गया है।\r\n \r\n
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व्यापारियों को मिली उम्मीद
\r\n\r\nअमित अग्रवाल का पत्र और अधिकारियों का आश्वासन मेरठ के हजारों व्यापारियों को बड़ी राहत और उम्मीद देता है। यदि बिल्डिंग बायलाज में संशोधन हो जाता है, तो सेंट्रल मार्केट जैसे दशकों पुराने फुटकर बाजार कानूनी वैधता हासिल कर सकेंगे और भविष्य में होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई से बच जाएंगे। यह अब पूरी तरह से राज्य शासन के निर्णय पर निर्भर करता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.