उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में शहरी गतिशीलता (Urban Mobility) और Traffic प्रबंधन को सुधारने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने एक बड़ी परियोजना शुरू की है। शहर के चार प्रमुख चौराहों—तेजगढ़ी, कमिश्नरी आवास चौराहा, हापुड़ अड्डा, और बच्चा पार्क—का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसका मुख्य आकर्षण ई-रिक्शा के लिए अलग लेन (Dedicated E-Rickshaw Lane) और सभी बिजली के केबलों को भूमिगत (Underground) करना होगा।
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बढ़ती भीड़ और जाम से राहत की तैयारी

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मेरठ शहर में इन चार चौराहों पर दिनभर भारी ट्रैफिक रहता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। E-Rickshaw की बढ़ती संख्या ने सामान्य यातायात के लिए भी मुश्किलें पैदा कर दी हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए मेडा ने इन चौराहों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया है।
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    प्रमुख चौराहे: तेजगढ़ी, कमिश्नरी आवास चौराहा, हापुड़ अड्डा और बच्चा पार्क।
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    उद्देश्य: यातायात को सुगम बनाना, Traffic लाइट पर रुकने का समय कम करना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित जगह बनाना।
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फ्री लेन और 10 फुट की ई-रिक्शा लेन

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इस परियोजना की तकनीकी बिड हाल ही में खोली गई थी, और गुरुवार को वित्तीय बिड खोलकर निर्माण कंपनी का चयन किया जाएगा, जिसके बाद जल्द ही वर्क आर्डर जारी किया जाएगा।
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    लेफ्ट टर्न फ्री लेन: चौराहों पर अब बाईं तरफ मुड़ने के लिए वाहनों को रेड लाइट पर रुकना नहीं पड़ेगा। बाईं तरफ वाली सड़क पर जाने के लिए फ्री लेन (Free Left Turn Lane) बनाई जाएगी, जिससे वाहन बिना रुके अपनी गति से निकल जाएंगे।
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    E-Rickshaw Lane: यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए E-Rickshaw के लिए अलग से 10 फुट चौड़ी लेन बनाई जाएगी। यह लेन विशेष रूप से ई-रिक्शा के आवागमन और यात्रियों को बैठाने या उतारने के लिए होगी।
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    नो एंट्री नियम: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार, बाइक समेत अन्य वाहन ई-रिक्शा लेन में प्रवेश न करें और न ही ई-रिक्शा सामान्य वाहनों की लेन में जाएं।
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सभी केबल होंगे भूमिगत

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परियोजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू चौराहों के सौंदर्य और सुरक्षा में सुधार करना है।
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    अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ: चिह्नित चारों चौराहों पर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करके नया रूप दिया जाएगा।
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    सुरक्षा रेलिंग: सभी फुटपाथ पर दोनों तरफ रेलिंग लगाई जाएगी, ताकि कोई भी वाहन चालक उस पर गाड़ी न चला सके और न ही कोई दुकानदार दुकान खोलकर अतिक्रमण कर सके।
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    भूमिगत केबल: चौराहों के 100 मीटर के दायरे में बिजली के खंभे समेत सभी खंभे या अन्य उपकरण हटा दिए जाएंगे। उनसे संबंधित सभी केबल को भूमिगत (Underground Cable) किया जाएगा, जिससे चौराहे साफ-सुथरे और सुरक्षित दिखें।
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    ई-रिक्शा पार्किंग: ई-रिक्शा को भी चौराहे से 100 मीटर दूर ही, अपनी निर्धारित लेन में खड़े होने की अनुमति होगी।
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हापुड़ अड्डा का री-टेंडर

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मेडा के इस कदम से मेरठ के नागरिकों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एक छोटा झटका लगा है:
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    री-टेंडर: चार चौराहों के लिए एक साथ टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन हापुड़ अड्डा चौराहे से संबंधित कार्य के लिए कंपनियां तकनीकी बिड का मानक पूरा नहीं कर सकीं। इसलिए, अब हापुड़ अड्डा के लिए अलग से रीटेंडर किया जाएगा।
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