मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर शनिवार को मेरठ में वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में वकील कचहरी से पैदल मार्च निकालते हुए बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे और लगभग तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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भाजपा नेताओं की एंट्री, मिला आश्वासन
\r\n\r\nवकीलों का गुस्सा बढ़ता देख, भाजपा के कई बड़े नेता उन्हें समझाने मौके पर पहुंचे। इनमें मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज प्रमुख थे। उन्होंने वकीलों से बातचीत कर सरकार से उनकी मांग पर बात करने का आश्वासन दिया।
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- \r\n महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच बनना जनता के लिए बहुत जरूरी है और पूरा नगर निगम इस मांग का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल कानून मंत्री से मुलाकात करेगा।\r\n \r\n
- \r\n एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पश्चिमी यूपी की जनता के साथ है और उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है।\r\n \r\n
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भाजपा नेताओं के आश्वासन के बाद वकीलों ने अपना प्रदर्शन दोपहर 3 बजे खत्म कर दिया।
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प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह का प्रयास
\r\n\r\nवकीलों का यह प्रदर्शन उस समय और भी नाटकीय हो गया, जब एक वकील ने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि, साथी वकीलों ने तुरंत उन्हें रोक लिया और किसी अनहोनी से बचा लिया। वकील का कहना था कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो यह आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन को सपा, भीम आर्मी और कांग्रेस जैसे अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपना समर्थन दिया। किठौर से सपा विधायक शाहिद मंजूर भी वकीलों से मिलने पहुंचे और उन्हें समर्थन देने की घोषणा की।
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आगे की रणनीति तय करेगी संघर्ष समिति
\r\n\r\nमेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि जल्द ही केंद्रीय संघर्ष समिति की एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार मोदी सरकार के नेतृत्व में यह मांग पूरी होगी।
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Sabse pehle comment karne wale banein.