मेरठ में ईद की नमाज से एक दिन पहले, शुक्रवार शाम को ही मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने शाही ईदगाह पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मातहत पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।READ ALSO:-बिजनौर न्यूज़: गोहावर और नूरपुर में हर्षोल्लास व अकीदत के साथ मनी ईद, मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी गई दुआ
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इसके अलावा, शुक्रवार शाम को ही पुलिस विभाग की एंटी-सबोटाज (AS) चेक टीम और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने शाही ईदगाह का कोना-कोना खंगाला। करीब दो घंटे तक चले इस सघन तलाशी अभियान के बाद ही ईदगाह परिसर को सुरक्षित घोषित कर व्यवस्था कमेटी को सौंपा गया। स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की टीम द्वारा ईदगाह और उसके आस-पास मच्छरों की दवा (फॉगिंग) का छिड़काव भी किया गया।
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शिया मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
\r\n\r\nमेरठ में ईद की नमाज के दौरान एक विशेष घटनाक्रम भी देखने को मिला। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए कथित हमले, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी, के विरोध में शिया समुदाय के मुसलमानों ने अपना रोष व्यक्त किया।
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शिया समुदाय के लोग अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे। हालांकि, ऐसे नमाजियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। काली पट्टी बांधकर आए नमाजियों ने बताया कि उन्होंने ईरान में मारे गए मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की याद में यह शोक व्यक्त किया है। उनका यह भी कहना था कि चूंकि अभी तक अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार मुकम्मल नहीं हुआ है, इसलिए शिया समुदाय ने इस बार ईद की खुशियों को त्याग कर काली पट्टी बांधकर इबादत करने का फैसला लिया।
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मेरठ के प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज का समय
\r\n\r\nशहर में भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग मस्जिदों में नमाज का समय अलग-अलग निर्धारित किया गया था। मेरठ में ईद की नमाज के प्रमुख समय इस प्रकार रहे:
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- \r\n दिल्ली रोड शाही ईदगाह: सुबह 8:00 बजे\r\n \r\n
- \r\n वक्फ मनसबिया रेलवे रोड: सुबह 8:00 बजे\r\n \r\n
- \r\n ईदगाह बाले मियां परिसर: सुबह 8:15 बजे\r\n \r\n
- \r\n फैज़ ए आम इंटर कॉलेज: सुबह 7:30 बजे\r\n \r\n
- \r\n रशीदिया मस्जिद, लिसाड़ी रोड: सुबह 7:30 बजे\r\n \r\n
- \r\n ज़ुबैदा मस्जिद, हापुड़ रोड: सुबह 7:30 बजे\r\n \r\n
- \r\n मस्जिद एहल ए हदीस, जाकिर कॉलोनी: सुबह 7:30 बजे\r\n \r\n
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अलग-अलग समय होने के कारण पुलिस को भीड़ प्रबंधन में काफी सहायता मिली और नमाजी आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
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शहर में लागू रहा सख्त रूट डायवर्जन
\r\n\r\nशनिवार सुबह 5 बजे से ही मेरठ शहर में भारी वाहनों और सामान्य यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया था। मेरठ में ईद की नमाज के दौरान किसी भी प्रकार का ट्रैफिक जाम न लगे, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत प्लान तैयार किया था।
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- \r\n दिल्ली रोड और बागपत रोड: इन मार्गों से कोई भी वाहन सीधे ईदगाह या रेलवे रोड की तरफ नहीं जाने दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n जलीकोठी चौराहा: यहां से किसी भी भारी वाहन को रेलवे रोड की तरफ प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी।\r\n \r\n
- \r\n रोडवेज बसें: बसों के मार्ग में भी बदलाव किया गया। रोडवेज बसें नेशनल हाईवे-58 (NH-58) से होकर मोदीपुरम के रास्ते भैसाली बस अड्डे तक आईं और गईं।\r\n \r\n
- \r\n हापुड़ रोड: एल ब्लॉक तिराहा से हापुड़ अड्डा चौराहे की तरफ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रही।\r\n \r\n
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ट्रैफिक पुलिस के एसपी राघवेंद्र कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ लगातार चौराहों पर मौजूद रहे और डायवर्जन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया।
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राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अफसरों ने दी मुबारकबाद
\r\n\r\nईद-उल-फितर का पर्व हमेशा से सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है। मेरठ में ईद की नमाज खत्म होने के बाद ईदगाह के बाहर एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे, एसपी क्राइम अविनाश कुमार और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह सहित कई आला अधिकारी खुद ईदगाह के गेट पर मौजूद रहे और नमाजियों को गुलाब के फूल देकर ईद की मुबारकबाद दी।
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इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के लोगों ने भी कैंप लगाकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया। एक-दूसरे को गले लगाकर मिठाइयां खिलाने की यह परंपरा गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करती नजर आई।
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कुल मिलाकर, मेरठ में ईद की नमाज का यह वृहद आयोजन प्रशासन की मुस्तैदी, पुलिस की कड़ी सुरक्षा और अवाम के सहयोग से शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सड़क पर नमाज न पढ़ने के नियम का पालन कर शहरवासियों ने एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दिया। शिया समुदाय का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा एक-दूसरे को दी गई मुबारकबाद इस बात का प्रमाण है कि भारत का लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना आज भी बेहद मजबूत है।
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सारांश: मेरठ शहर में ईद-उल-फितर की नमाज हर्षोल्लास और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुई। मुख्य नमाज दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में सुबह 8 बजे शहर काजी की इमामत में पढ़ी गई। प्रशासन के सख्त निर्देशों के चलते इस बार सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ तैनात रही। यातायात को सुगम बनाने के लिए शहर में सुबह 5 बजे से रूट डायवर्जन लागू रहा। इस दौरान ईरान पर हुए हमले के विरोध में शिया समुदाय के कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। अंततः राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ईदगाह के बाहर सभी को शुभकामनाएं देकर सामाजिक सौहार्द की शानदार मिसाल पेश की।
Sabse pehle comment karne wale banein.