मेरठ में गैस आपूर्ति (Meerut Gas Supply) को लेकर पिछले कुछ दिनों से शहर में चल रही ऊहापोह और घबराहट की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के सख्त आदेशों के अनुपालन में, मेरठ के जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह ने जिले में पेट्रोलियम पदार्थों—विशेषकर रसोई गैस (LPG), पेट्रोल और डीजल—की सुचारू और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत और सख्त एडवाइजरी जारी की है।READ ALSO:-सोने-चांदी के दामों में भूचाल: अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध की आंच से झुलसा सर्राफा बाजार, धड़ाम से गिरी कीमतें
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इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य न केवल आम जनता को यह विश्वास दिलाना है कि जिले में आवश्यक ईंधनों का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है, बल्कि उन असामाजिक तत्वों और जमाखोरों पर भी कड़ी लगाम लगाना है जो इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाने की फिराक में हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि प्रशासन ने मेरठ में गैस आपूर्ति को सुदृढ़ करने और जनता की परेशानी कम करने के लिए क्या-क्या ठोस कदम उठाए हैं।
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पारदर्शी वितरण और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
\r\n\r\nअफवाहों के बाजार के बीच सबसे ज्यादा नुकसान आम घरेलू उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने जिले के सभी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स, ऑयल कंपनियों (Indian Oil, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum) के विक्रय अधिकारियों (एलपीजी और रिटेल) और आपूर्ति विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
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- \r\n जागरूकता अभियान: संबंधित विभाग आम जनता के बीच व्यापक स्तर पर यह प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। घबराहट में की जाने वाली खरीदारी (Panic Buying) से बचने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n घरेलू उपभोक्ताओं को तरजीह: वितरण के समय स्थायी और नियमित घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। व्यावसायिक सिलेंडरों की आड़ में घरेलू गैस के डायवर्जन को पूरी तरह से रोका जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी: वितरण प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने और धांधली रोकने के लिए गैस रिफिल की डिलीवरी केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त 'वन टाइम पासवर्ड' (OTP) के माध्यम से ही की जाएगी। बिना OTP के डिलीवरी को अवैध माना जाएगा।\r\n \r\n
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अफवाहों पर पुलिस की पैनी नजर: भ्रामक सूचनाओं पर होगी FIR
\r\n\r\nसंकट के समय सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें आग में घी का काम करती हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को विशेष रूप से अलर्ट (Alert) कर दिया गया है।
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डीएम की एडवाइजरी के अनुसार, पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय खुफिया इकाइयां (LIU) इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनलों, व्हाट्सएप ग्रुप्स, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नज़र रखेंगी। यदि कोई भी व्यक्ति या समूह मेरठ में गैस आपूर्ति की कमी को लेकर भ्रामक संदेश, भड़काऊ वीडियो या ऑडियो क्लिप साझा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इसके साथ ही, पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि शहर और देहात क्षेत्र की सभी एलपीजी वितरण एजेंसियों और गोदामों पर गैस सिलेंडरों का वितरण शांतिपूर्ण ढंग से हो। किसी भी प्रकार के हंगामे या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से सख्ती से निपटा जाएगा।
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कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार: ट्रांसपोर्ट से लेकर एजेंसी तक सुरक्षा
\r\n\r\nजब भी बाजार में किसी वस्तु की कृत्रिम कमी पैदा होती है, तो कालाबाजारी (Black Marketing) का खतरा सबसे अधिक बढ़ जाता है। इस पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने एक 'ज्वाइंट टास्क फोर्स' जैसी कार्यप्रणाली अपनाई है।
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- \r\n परिवहन सुरक्षा: एलपीजी गैस सिलेंडरों को बॉटलिंग प्लांट से एजेंसियों तक लाने वाले ट्रकों और वाहनों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि रास्ते में सिलेंडरों की कोई चोरी या अवैध कटिंग न हो सके।\r\n \r\n
- \r\n संयुक्त गश्त और औचक निरीक्षण: पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग (Revenue Department), आपूर्ति विभाग (Supply Department) और सभी ऑयल कंपनियों के विक्रय अधिकारी संयुक्त रूप से संबंधित गैस एजेंसियों पर कड़ी नज़र रखेंगे।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा बलों की तैनाती: जिन गैस एजेंसियों पर भीड़ अधिक होने की संभावना है, वहां सामान्य और सुचारू वितरण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कतार में लगे हर पात्र उपभोक्ता को नियमानुसार उसका गैस सिलेंडर मिल सके और रसूखदारों को पिछले दरवाजे से गैस देने की प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगे।\r\n \r\n
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मेरठ में गैस आपूर्ति के लिए 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम
\r\n\r\nजनता की सुविधा, त्वरित समाधान और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सूचनाओं के निर्बाध आदान-प्रदान का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। राजस्व विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ स्थानीय प्रशासन व पुलिस के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमणशील (Patrolling) रहेंगे।
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सबसे महत्वपूर्ण कदम के तौर पर, खाद्य तथा रसद विभाग द्वारा जिला पूर्ति कार्यालय, मेरठ में एक विशेष 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
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- \r\n हेल्पलाइन नंबर: आम नागरिक गैस वितरण से संबंधित किसी भी शिकायत, कालाबाजारी की सूचना, या एजेंसी संचालक द्वारा बदतमीजी किए जाने की शिकायत सीधे टेलीफोन नंबर 0121-2665277 पर दर्ज करा सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा। यदि किसी गैस एजेंसी पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की कोई सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत 'होम कंट्रोल' और संबंधित थाने को प्रेषित किया जाएगा ताकि पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल सके।\r\n \r\n
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प्रशासन की मुस्तैदी और जनता का सहयोग
\r\n\r\nअंततः, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह द्वारा जारी की गई यह विस्तृत एडवाइजरी मेरठ में गैस आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और कड़ा कदम है। एक ओर जहां ओटीपी सिस्टम और संयुक्त निगरानी दल कालाबाजारी पर रोक लगाएंगे, वहीं 24 घंटे का कंट्रोल रूम जनता को सीधे प्रशासन से जुड़ने का एक हथियार प्रदान करेगा। हालांकि, प्रशासन के इन प्रयासों की वास्तविक सफलता काफी हद तक आम जनता के सहयोग पर भी निर्भर करती है। नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, आवश्यकता से अधिक गैस का भंडारण न करें और किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम (0121-2665277) को दें। यदि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें, तो इस कृत्रिम संकट को आसानी से दूर किया जा सकता है।
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मेरठ में रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल और डीजल की सुचारू आपूर्ति के लिए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने मुख्य सचिव के निर्देश पर सख्त एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत पारदर्शी वितरण के लिए ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अफवाहों और कालाबाजारी को रोकने के लिए पुलिस, राजस्व और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। इसके अलावा, जनता की शिकायतों और कानून-व्यवस्था की त्वरित सूचना के लिए जिला पूर्ति कार्यालय में 24 घंटे संचालित एक कंट्रोल रूम (नंबर: 0121-2665277) भी स्थापित किया गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.