उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में विजिलेंस विभाग ने शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में विजिलेंस टीम ने रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा के 7 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। करीब 7 घंटे तक चली इस छापेमारी में विजिलेंस विभाग ने 14 करोड़ 38 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक बड़ा उदाहरण है।READ ALSO:-शामली: मनीष हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा, 'समलैंगिक संबंधों' की धमकी देने पर दोस्तों ने ही की थी हत्या; 2 गिरफ्तार
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परिवार की साख और अवैध संपत्ति पर केस

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प्रेमवीर सिंह राणा मूल रूप से बागपत के गांव निरपुड़ा के रहने वाले हैं। वह सीबीसीआईडी लखनऊ में निरीक्षक के पद पर तैनात थे और वर्ष 2024 में रिटायर हुए।
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    पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके परिवार की साख अच्छी है; उनकी पत्नी हाउस वाइफ हैं, और दो बेटों में से एक डॉक्टर है, जबकि दूसरा बेटा इंडियन आर्मी में बड़ा अधिकारी है।
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    केस दर्ज: विजिलेंस टीम ने 22 सितंबर 2025 को सतर्कता अधिष्ठान मेरठ थाने में प्रेमवीर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
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    जांच में खुलासा: प्रारंभिक जांच में उनकी संपत्ति करीब ₹2.92 करोड़ पाई गई थी, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक थी। उनके खिलाफ उनके गांव के राममेहर ने योगी सरकार का विज्ञापन देखकर शिकायत दर्ज कराई थी।
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7 ठिकानों पर 7 घंटे की छापेमारी

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मेरठ विजिलेंस टीम ने एसपी विजिलेंस राजीव कुमार के नेतृत्व में शनिवार सुबह प्रेमवीर सिंह राणा के सहारनपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
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    छापेमारी के ठिकाने: सहारनपुर के ब्रजेश नगर स्थित घर और पेपर रोड पर बने फॉर्म हाउस समेत कुल 7 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
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    जब्त सामान: टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक खातों की पासबुक और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किए। छापेमारी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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जब्त संपत्ति का विवरण (14 करोड़ से अधिक)

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विजिलेंस टीम ने बताया कि प्रेमवीर राणा के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। छापे में मिली संपत्ति का मूल्यांकन निम्न प्रकार है:
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संपत्ति का प्रकार
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स्थान
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अनुमानित कीमत
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मकान संख्या बी-80
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बृजेश नगर
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₹1.20 करोड़ (71,500 का फर्नीचर बरामद)
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मकान संख्या बी-27
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बृजेश नगर
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₹1.5 करोड़ (₹20 लाख से अधिक की ज्वैलरी बरामद)
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मकान संख्या बी-8
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बृजेश नगर
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₹80 लाख
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फार्म हाउस (12 बीघा)
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शेखपुरा कदीन
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₹10.5 करोड़ (9.60 लाख का सामान)
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अन्य संपत्ति
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कृषि/आवासीय प्लॉट, स्कॉर्पियो, डिजायर कार
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₹38 लाख से अधिक
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कुल उजागर संपत्ति
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7 ठिकाने
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₹14 करोड़ 38 लाख 9 हजार 255 रुपए
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Official Statements: जांच जारी
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एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रेमवीर राणा अपनी आय से अधिक संपत्ति के बारे में कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। विजिलेंस टीम ने इस सर्च ऑपरेशन में दो ज्वेलरी वैल्यूअर और चार भवन वैल्यूअर सहित 31 सदस्यीय टीम को शामिल किया था।
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गांव में जश्न का माहौल

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इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने वाले राममेहर के गांव निरपुड़ा में जश्न का माहौल है। योगी सरकार के विज्ञापन से प्रेरित होकर शिकायत करने वाले राममेहर ने इस कार्रवाई के बाद सामूहिक भोज (दावत) का आयोजन किया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी की आवाज को दर्शाती है।
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भ्रष्टाचार पर नकेल

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प्रेमवीर सिंह राणा मेरठ, शामली, नोएडा समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तैनात रहे थे। विजिलेंस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त अधिकारियों पर सरकार की सख्ती जारी है। अब टीम जब्त दस्तावेजों की गहन जांच करेगी, ताकि अवैध संपत्ति के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
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