नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर सेक्टर-6 स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण के खिलाफ करीब 7 घंटे चली बुलडोजर कार्रवाई पूरी हो गई है। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई में आवास विकास परिषद की टीम ने चिन्हित सभी 6 भवनों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस ने घेर रखा था और सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। आम लोगों, बाहरी व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों की एंट्री भी रोक दी गई थी। मामला रेजिडेंशियल प्लॉट पर हुए कमर्शियल निर्माण और सेटबैक से जुड़े अवैध निर्माण से जुड़ा है।
कुल 44 सील की गई कमर्शियल संपत्तियों में फिलहाल इन 6 भूखंडों पर कार्रवाई की गई। अब आवास विकास परिषद को 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की प्रगति और आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करनी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद अब प्रशासन की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है।
क्या है मेरठ सेंट्रल मार्केट का पूरा मामला?
मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर-6 स्थित सेंट्रल मार्केट का विवाद सिर्फ कुछ दुकानों या एक मार्केट को लेकर नहीं है। मामला इस बात से जुड़ा है कि आवासीय इस्तेमाल के लिए तय जमीन पर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निर्माण और गतिविधियां कैसे शुरू हो गईं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, विवाद की शुरुआत शास्त्रीनगर के प्लॉट नंबर 661/6 से जुड़े मामले से हुई। यह प्लॉट आवासीय इस्तेमाल के लिए था, लेकिन वहां बिना मंजूरी के कमर्शियल निर्माण किया गया। 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश को बरकरार रखा और अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसी तरह के अन्य अनधिकृत निर्माणों से भी उसी तरीके से निपटा जाए।
इसके बाद मामला सिर्फ एक प्लॉट तक सीमित नहीं रहा। सुप्रीम कोर्ट में हुई आगे की सुनवाई में शास्त्रीनगर योजना क्षेत्र की बड़ी संख्या में संपत्तियों में अवैध निर्माण और सेटबैक पर कब्जे का मामला सामने आया। अप्रैल 2026 की कार्यवाही में कोर्ट के सामने 859 संपत्तियों का विवरण रखा गया, जिनमें 44 संपत्तियां कमर्शियल इस्तेमाल से जुड़ी बताई गईं। सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों के अवैध सेटबैक हटाने के निर्देश दिए।
बाद की कार्यवाही में 44 सील की गई कमर्शियल संपत्तियों पर विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने कहा कि पूरी तरह व्यावसायिक निर्माण वाली संपत्तियों को ध्वस्त किया जाए। जिन मकानों के कुछ हिस्से का कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा है, वहां अवैध हिस्से को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
21 सितंबर की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण है?
अब आवास विकास परिषद को 21 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की प्रगति की रिपोर्ट देनी है। कोर्ट यह देखना चाहता है कि पिछली सुनवाइयों में दिए गए आदेशों पर जमीन पर कितना काम हुआ। इसी वजह से सेंट्रल मार्केट में 44 चिन्हित और सील संपत्तियों में बचे अवैध हिस्सों पर कार्रवाई तेज हुई है। आज की कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है।
एक और महत्वपूर्ण बात: पूरे शास्त्रीनगर की सभी 859 संपत्तियों को एक साथ गिराने का मतलब नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में अलग-अलग तरह के अवैध निर्माण और सेटबैक उल्लंघन के अनुसार कार्रवाई की बात है। 44 संपत्तियां विशेष रूप से कमर्शियल उपयोग/निर्माण से जुड़ी कार्रवाई के दायरे में हैं।
7 घंटे में ढहा दिए छह भवन
पुलिस की सफाई
2 बुलडोजर मौके पर
4 निर्माण ध्वस्त
जनप्रतिनिधियों को भी रोका
6 भूखंडों पर कार्रवाई
कई ने पहले ही छोड़ दिया सेटबैक
21 को दाखिल करना है जवाब
व्यापारियों ने जताया विरोध
पुलिस बल तैनात
Sabse pehle comment karne wale banein.