बाइक बोट (Bike Bot) घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक विजेंद्र हुड्डा के लिए आज का दिन मुश्किल भरा रहा। गुरुवार (6 नवंबर 2025) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पहले इस कार्रवाई को मोनाड यूनिवर्सिटी (Monad University) के फर्जी मार्कशीट घोटाले से जोड़ा जा रहा था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि यह पूरी कार्रवाई बाइक बोट घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े व्यापक जांच का हिस्सा है। ED की दो बड़ी गाड़ियां विजेंद्र हुड्डा के कंकरखेड़ा स्थित आवास पर पहुंची और घंटों तक छानबीन जारी रही।READ ALSO:-Meerut Love Jihad: मेरठ में दो बच्चों की माँ ने पति पर लगाया गंभीर आरोप: 'हिंदू बनकर की Court Marriage, अब जबरन नमाज़ पढ़ने का दबाव'
\r\n\r\n\r\n\r\n
'बाइक बोट' घोटाला और हुड्डा का राजनीतिक कनेक्शन
\r\n\r\nविजेंद्र हुड्डा उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्हें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बिजनौर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n घोटाले का संबंध: हुड्डा का नाम इससे पहले देश के सबसे बड़े पोंजी स्कीम घोटालों में से एक बाइक बोट घोटाले में सामने आया था। लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के बाद, वह लंबे समय तक विदेश में रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n राजनीतिक दांव: विदेश से लौटकर ही उन्होंने चुनाव लड़ा, जिसमें वह तीसरा स्थान हासिल करने में कामयाब रहे थे। चुनाव के तुरंत बाद ही मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़ा फर्जी मार्कशीट विवाद भी सामने आया था, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई थीं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
4 घंटे तक चली गोपनीय छानबीन
\r\n\r\nED की टीम ने गुरुवार सुबह करीब 11 बजे कंकरखेड़ा थाने पहुँचकर लोकल पुलिस को साथ लिया और सीधे विजेंद्र हुड्डा के शिवलोकपुरी स्थित आवास पर पहुँची।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n छापेमारी की गोपनीयता: ED की टीम ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय बनाए रखा। टीम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी शामिल थे, जिन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।\r\n \r\n
- \r\n ताला खुलवाया गया: जिस मकान पर यह कार्रवाई चल रही थी, उस पर ताला लगा हुआ था। सुबह केयरटेकर के न आने पर, ED टीम ने ताला खुलवाने के लिए चाबी बनाने वाले को बुलवाया।\r\n \r\n
- \r\n लंबी पूछताछ: 4 घंटे से अधिक समय तक ED की टीम हुड्डा के मकान के अंदर छानबीन करती रही। बताया जाता है कि टीम ने दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूत जुटाए हैं।\r\n \r\n
- \r\n हापुड़ में भी कार्रवाई: ED सूत्रों के अनुसार, 40 टीमों में से पांच टीमों ने हुड्डा की हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी और उनके पांच परिचितों के ठिकानों पर भी एक साथ छापा मारा है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
देर रात मेरठ पहुंची थी टीम
\r\n\r\nबताया जाता है कि ED की टीम छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए बुधवार देर रात ही कंकरखेड़ा पहुँच गई थी। बिजेंद्र हुड्डा के मकान को ढूंढने में समय लगने के कारण, सुबह तक इंतजार किया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से ताला खुलवाकर कार्रवाई शुरू की गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हड़कंप का माहौल
\r\n\r\nED की इस बड़ी और व्यापक कार्रवाई से मेरठ, हापुड़ और पूरे वेस्ट यूपी की राजनीति और व्यापार जगत में हड़कंप का माहौल है। सोशल मीडिया पर बाइक बोट घोटाला और विजेंद्र हुड्डा के राजनीतिक कनेक्शन को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
\r\n\r\nImpact & Next Step: मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज
\r\n\r\nयह कार्रवाई दर्शाती है कि ED बाइक बोट घोटाले में शामिल आरोपियों के मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के पहलू की गहन जांच कर रही है। विजेंद्र हुड्डा पर चल रही यह व्यापक कार्रवाई इस पोंजी स्कीम घोटाले के बाकी आरोपियों पर भी शिकंजा कसने का संकेत देती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.