सावन के पावन महीने में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। दूर-दराज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता 'शिवभक्तों का स्वास्थ्य' है। जिलाधिकारी जसजीत कौर के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, जनपद के स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद व्यापक, प्रभावी और चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की हैं।READ ALSO:-बिजनौर में राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी: 18 अगस्त तक बंटेगा फ्री राशन, जानिए प्रति यूनिट अनाज का पूरा गणित
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. कौशलेन्द्र सिंह खुद इस पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में जिले के समस्त कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख शिवालयों और संवेदनशील स्थलों पर चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह से सुदृढ़ कर दिया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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चौबीसों घंटे सेवा भाव से तत्पर है मेडिकल स्टाफ

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कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल या वाहनों से गुजरते हैं। ऐसे में उनकी सेहत का ख्याल रखना एक बड़ी चुनौती होती है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें दिन-रात (24×7) सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
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प्रमुख कांवड़ मार्गों पर रणनीतिक स्थानों पर विशेष चिकित्सा शिविर (Medical Camps) स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में कुशल चिकित्सकों (Doctors), स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल कर्मियों की विशेष और निरंतर ड्यूटियां लगाई गई हैं। इन कैंपों में आने वाले शिवभक्तों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और आवश्यकतानुसार उन्हें मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां और प्राथमिक उपचार (First Aid) मुहैया कराया जा रहा है।
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किन-किन स्वास्थ्य समस्याओं का हो रहा है तत्काल उपचार?

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लंबी पदयात्रा, मौसम के बदलाव और लगातार चलने के कारण कांवड़ियों को कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए चिकित्सा शिविरों में निम्नलिखित समस्याओं के समाधान की पुख्ता व्यवस्था की गई है:
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    थकान और कमज़ोरी: लगातार चलने से होने वाली शारीरिक थकावट।
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    वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम: मौसम के उतार-चढ़ाव से होने वाली समस्याएं।
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    रक्तचाप (Blood Pressure) में उतार-चढ़ाव: बीपी कम या ज्यादा होने पर तुरंत जांच और दवा।
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    निर्जलीकरण (Dehydration): शरीर में पानी की कमी होने पर ओआरएस (ORS) और ग्लूकोज की व्यवस्था।
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    पैरों में छाले और मोच: लंबी पैदल यात्रा के दौरान पैरों में छाले पड़ जाना, मांसपेशियों में खिंचाव या मोच आने पर तुरंत मरहम-पत्ती और दर्द निवारक दवाएं।
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    सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं: पेट दर्द, उल्टी-दस्त या अन्य मौसमी बीमारियां।
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जीवनरक्षक उपकरणों और एम्बुलेंस सेवाओं का पुख्ता बंदोबस्त

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स्वास्थ्य विभाग के इन शिविरों को केवल कागजी या सामान्य नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। प्रत्येक मुख्य चिकित्सा शिविर में निम्नलिखित आवश्यक सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं:
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    आराम के लिए विशेष बेड और स्ट्रेचर।
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    डिजिटल रक्तचाप मापक यंत्र (BP Apparatus)।
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    स्टेथोस्कोप और अन्य जरूरी डायग्नोस्टिक टूल्स।
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    आपातकालीन स्थिति के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर।
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    सभी प्रकार की जीवनरक्षक दवाइयां (Life-saving Drugs) और फर्स्ट-एड सामग्री।
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इसके अलावा, किसी भी गंभीर या आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट से लैस एम्बुलेंस सेवाओं को कांवड़ मार्गों पर तैनात किया गया है। यदि किसी श्रद्धालु की स्थिति गंभीर होती है, तो उसे तुरंत इन एम्बुलेंस के जरिए निकटतम उच्च चिकित्सा संस्थान (जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था है। जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम के माध्यम से इन सभी चिकित्सा सेवाओं की सतत और लाइव निगरानी की जा रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिवभक्तों से विशेष अपील

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेन्द्र सिंह ने यात्रा कर रहे सभी शिवभक्तों के नाम एक स्वास्थ्य संदेश जारी किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें:
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    हाइड्रेटेड रहें: यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, ग्लूकोज या ओआरएस का घोल पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न हो।
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    पर्याप्त विश्राम करें: लगातार लंबी दूरी तय करने के बजाय बीच-बीच में रुककर विश्राम अवश्य करें।
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    तुरंत लें मदद: यदि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस होती है, तो घबराएं नहीं और तुरंत निकटतम चिकित्सा शिविर या तैनात एम्बुलेंस सेवा का लाभ उठाएं। सरकारी मदद के लिए डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ चौबीसों घंटे आपकी सेवा में उपलब्ध हैं।
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सफलता के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता

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जिलाधिकारी जसजीत कौर और सीएमओ डॉ. कौशलेन्द्र सिंह के संयुक्त निर्देशन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिजनौर जिले में कांवड़ यात्रा-2026 पूरी तरह से सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न संपन्न हो। स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक चिकित्सक, अधिकारी और कर्मचारी अपनी पूर्ण संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। प्रशासन का यह प्रयास यह साबित करता है कि शिवभक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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