बिजनौर: गंगा बैराज के पास गंगा नदी का रौद्र रूप अब शांत हो गया है। प्रशासन, सिंचाई विभाग और स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों से रावली तटबंध को पूरी तरह से मजबूत कर लिया गया है, जिससे एक बड़े संभावित खतरे को टाल दिया गया है। यह इंसानी हौसले की जीत है जिसने प्रकृति की विनाशकारी शक्ति को मात दे दी है।READ ALSO:-नेपाल में हालात बेकाबू: मेरठ के 10 व्यापारी कर्फ्यू में फंसे, भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार
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जब गंगा ने दिखाया रौद्र रूप
\r\n\r\nबीते 7 सितंबर को गंगा बैराज के पास रावली तटबंध का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज कटान के कारण ढह गया था। इसके बाद सोमवार की रात को स्थिति और भी गंभीर हो गई जब तटबंध के टूटने का खतरा मंडराने लगा। प्रशासन ने आनन-फानन में एक दर्जन से अधिक गांवों को खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए तटबंध के पास ही झोपड़ियों में रहने को मजबूर हो गए थे।
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मिशन मोड में हुई मरम्मत, रातों-रात बदली तस्वीर
\r\n\r\nहालात को बिगड़ने से रोकने के लिए, मंगलवार से प्रशासन ने मिशन मोड में काम शुरू किया। सिंचाई विभाग और एनएचएआई की टीमों के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने 24 घंटे काम किया। पोकलेन, जेसीबी मशीनों और डंपरों से लगातार मिट्टी और पत्थर मंगवाकर टूटे हुए हिस्से की मरम्मत की गई। इस युद्ध स्तर पर किए गए काम की बदौलत तटबंध को फिर से सुरक्षित बना लिया गया है।
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जल शक्ति मंत्री करेंगे निरीक्षण, हर तरफ राहत की सांस
\r\n\r\nतटबंध के मजबूत होने की खबर से आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अधिकारी बृजेश मौर्य ने बताया कि मरम्मत का काम तब तक जारी रहेगा जब तक तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाता। आज यानी शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह खुद तटबंध का निरीक्षण करने के लिए बिजनौर आ रहे हैं। वे मौके पर ही अधिकारियों के साथ बैठक कर काम की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
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Sabse pehle comment karne wale banein.