उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत और आक्रामकता के साथ लौट आया है। मंगलवार सुबह से ही राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और मथुरा समेत प्रदेश के 50 से अधिक शहरों में रुक-रुक कर झमाझम बारिश का दौर जारी है। बारिश का यह सिलसिला इतना तेज है कि शहरों की रफ्तार थम सी गई है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन ने प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।READ ALSO:-"आंखों के सामने जिगर के टुकड़े को ले गया काल..." बिजनौर में आदमखोर तेंदुए का खौफनाक झपट्टा, 8 साल के मासूम को नोंच कर मार डाला
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पश्चिमी यूपी का हाल (UP West Weather): जलभराव से त्राहिमाम
\r\n\r\nपश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है। यहां के प्रमुख शहरों में हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं:
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- \r\n मथुरा में जलभराव का संकट: भारी बारिश के कारण मथुरा शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। शहर के अंडरपास में 4 फीट तक पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जलभराव इतना भीषण है कि अंडरपास में फंसी कई स्कूटी और बाइकें पूरी तरह डूब गई हैं। लोग कमर तक भरे गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।\r\n \r\n
- \r\n आगरा में स्कूलों की छुट्टी: ताजनगरी आगरा में सोमवार रात 1 बजे से ही रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। मौसम के इस बिगड़ते मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n बिजनौर में बाढ़ और सड़क धंसी: बिजनौर जिले में हालात और भी खौफनाक हैं। यहां लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के कारण 6 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सड़कों पर पानी बह रहा है। वहीं, बिजनौर के चांदपुर इलाके में तेज बहाव के कारण मुख्य सड़क ही बह गई, जिससे सड़क के बीचों-बीच 12 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।\r\n \r\n
पूर्वी और मध्य यूपी का हाल (UP East & Central Weather): तालाब बनीं सड़कें
\r\n\r\nमध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बादलों ने डेरा डाल रखा है।
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- \r\n लखनऊ और उन्नाव: नवाबों के शहर लखनऊ और पड़ोसी जिले उन्नाव में पिछले 15 घंटों से रिमझिम और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार रात 9 बजे से शुरू हुई यह बारिश मंगलवार दोपहर तक नहीं रुकी। नतीजा यह हुआ कि शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। कई पॉश कॉलोनियों और निचले इलाकों के घरों में बारिश का गंदा पानी घुस गया है। एहतियात के तौर पर कई इलाकों की बिजली काट दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n बाराबंकी और रायबरेली: बाराबंकी में लगातार 4 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। यहां बस स्टेशन परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। वहीं, रायबरेली प्रशासन ने भी हालात की गंभीरता को समझते हुए कक्षा-8 तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पूर्वी यूपी के वाराणसी और प्रयागराज में भी जमकर बादल बरस रहे हैं।\r\n \r\n
खतरे के निशान की ओर नदियां: 10 नदियों में आया उफान
\r\n\r\nपहाड़ी राज्यों (उत्तराखंड और हिमाचल) में हो रही लगातार भारी बारिश का सीधा असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर पड़ा है। यूपी से होकर बहने वाली गंगा, घाघरा और शारदा समेत 10 प्रमुख नदियां इस वक्त उफान पर हैं और उनके जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
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- \r\n फर्रुखाबाद में नावों का सहारा: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद के 24 गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। हालत यह है कि अब गांव की गलियों में नावें चल रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n हाईवे पर बह रहा पानी: फर्रुखाबाद और बिजनौर में नदियां इस कदर उफनाई हुई हैं कि पिछले 5 दिनों से स्टेट हाईवे के ऊपर से गंगा का पानी तेजी से बह रहा है, जिससे कई मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया है।\r\n \r\n
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बारिश के आंकड़े: औसत से 4 गुना ज्यादा बरसे बादल
\r\n\r\nअगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक ही दिन में औसत बारिश से लगभग 4 गुना ज्यादा पानी बरसा है।
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- \r\n कन्नौज: सबसे ज्यादा 71.8 मिलीमीटर (मिमी.) बारिश दर्ज की गई।\r\n \r\n
- \r\n कानपुर: 31.2 मिमी. बारिश रिकॉर्ड हुई।\r\n \r\n
- \r\n लखनऊ: 31 मिमी. बारिश के साथ राजधानी पानी-पानी हो गई।\r\n \r\n
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मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: अभी 4-5 दिन और सताएगा मौसम
\r\n\r\nलखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने इस मानसूनी सक्रियता के पीछे का वैज्ञानिक कारण स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, मानसूनी सिस्टम अब उत्तर प्रदेश के ऊपर पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है। मानसूनी ट्रफ लाइन इस समय दिल्ली, लखनऊ और पटना से होकर गुजर रही है। इस विशेष स्थिति के कारण कई छोटे-बड़े चक्रवात सक्रिय हो गए हैं। गंगा के मैदानी इलाकों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं काफी मजबूत हो गई हैं। इसी के असर से अगले 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में झमाझम और मूसलाधार बारिश का यह दौर जारी रहेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\nIMD का अलर्ट: 4 अगस्त 2026 को 72 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
\r\n\r\nमौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनी और मैप के अनुसार:
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- \r\n यूपी के 72 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 4 अगस्त, 2026 के लिए जारी किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n भारी बारिश वाले पश्चिमी और रुहेलखंड के जिले: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा में भारी बारिश की चेतावनी है।\r\n \r\n
- \r\n भारी बारिश वाले मध्य यूपी के जिले: कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और रायबरेली शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n भारी बारिश वाले पूर्वी यूपी के जिले: अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, जालौन और भदोही में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।\r\n \r\n
- \r\n हल्की बारिश वाले जिले: मौसम विभाग के मैप के अनुसार, बुंदेलखंड क्षेत्र के केवल तीन जिलों—झांसी, ललितपुर और महोबा—में हल्की बारिश होने का अनुमान है।\r\n \r\n
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आम जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और जर्जर इमारतों तथा बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन भी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है।



Sabse pehle comment karne wale banein.