फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक बड़ा और पर्यावरण हितैषी फैसला लिया है। अब जब्त, अस्वीकृत (Rejected) और Expired Food आइटम्स को नदियों, झीलों या खुले इलाकों में फेंकना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। FSSAI ने मंगलवार (4 नवंबर 2025) को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कमिश्नरों को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किया है। इस नियम का उल्लंघन करने पर पर्यावरण प्रदूषण और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।READ ALSO:-सावधान! ऑनलाइन शॉपिंग में 'डार्क पैटर्न' का जाल, सरकार ने जारी की चेतावनी, पेमेंट करते ही बढ़ जाती है कीमत
\r\n\r\n\r\n\r\n
दोबारा इस्तेमाल और प्रदूषण का खतरा
\r\n\r\nFSSAI ने यह कदम तब उठाया है जब कई रिपोर्ट्स में यह सामने आया कि जब्त किए गए या खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को नदियों और खुले मैदानों में फेंक दिया जाता था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n खतरे: खुले में फेंके गए Expired Food से जल प्रदूषण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती हैं।\r\n \r\n
- \r\n सप्लाई चेन का जोखिम: FSSAI ने इस बात पर जोर दिया कि खुले में फेंके गए इन आइटम्स को वापस सप्लाई चेन में लाकर दोबारा इस्तेमाल किए जाने का गंभीर खतरा रहता है, जिससे उपभोक्ताओं का जीवन खतरे में पड़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n पिछली गाइडलाइन: इससे पहले 21 दिसंबर 2020 को भी फूड रेगुलेटर ने इसी तरह की गाइडलाइन जारी की थी, जिसे अब सख्त निगरानी के साथ लागू करने का फैसला किया गया है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
डिस्पोजल की प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य
\r\n\r\nएडवाइजरी के अनुसार, जब्त खाद्य पदार्थों के सुरक्षित निपटान (Disposal) के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित हैं:
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n निगरानी: डिस्पोजल के दौरान, फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) या FSSAI द्वारा अधिकृत अधिकारी की वीडियो रिकॉर्डिंग और भौतिक निगरानी (Physical Supervision) अनिवार्य होगी।\r\n \r\n
- \r\n प्रमाण पत्र: निपटान पूरा होने के बाद, एक प्रमाण पत्र (Certificate) तैयार करके डेजिग्नेटेड ऑफिसर, फूड सेफ्टी कमिश्नर और फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को भेजना होगा।\r\n \r\n
- \r\n कोर्ट का आदेश: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब किसी भी खाद्य पदार्थ का डिस्ट्रक्शन कोर्ट या इससे जुड़े अधिकारी के आदेश पर ही होगा, ताकि कोई गलत इस्तेमाल न हो।\r\n \r\n
\r\n\r\n
डिस्पोजल के लिए नई गाइडलाइन:
\r\n\r\nसुरक्षित निपटान के लिए FSSAI ने दो मुख्य तरीके अनिवार्य किए हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n इंसिनरेशन (Incineration): निपटान सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB)-अप्रूव्ड इंसिनरेटर्स (भट्ठियों) में किया जाएगा, जहां पूरी तरह जलाने का रिकॉर्ड रखा जाए।\r\n \r\n
- \r\n कंपोस्टिंग/लैंडफिल: बायोडिग्रेडेबल वेस्ट के लिए कंपोस्टिंग या डेजिग्नेटेड सैनिटरी लैंडफिल्स में डिस्पोजल किया जाएगा, जहाँ लीचेट (Leachate) को नियंत्रित किया जा सके।\r\n \r\n
\r\n\r\n
रिपोर्टिंग और कोऑर्डिनेशन
\r\n\r\nFSSAI ने राज्यों से अपने इलाके में डिस्पोजल फैसिलिटी की लिस्ट बनाकर कमिश्नर को सौंपने को कहा है। साथ ही, हर महीने की 5 तारीख तक कंप्लायंस रिपोर्ट FSSAI को भेजनी होगी, और किसी भी विचलन (Deviation) की तुरंत रिपोर्ट करनी होगी। ज्यादा वॉल्यूम होने पर लोकल म्यूनिसिपल अथॉरिटीज या स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड्स से कोऑर्डिनेशन करना जरूरी होगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
FAQ: उपभोक्ताओं के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी सवाल
\r\n\r\n| \r\n सवाल \r\n | \r\n \r\n जवाब (मुख्य बिंदु) \r\n | \r\n
| \r\n फूड सेफ्टी क्या है? \r\n | \r\n \r\n ऐसा खाना जो सेहत को नुकसान न पहुंचाए; साफ-सफाई, शुद्धता और सही पैकिंग, मैन्युफैक्चरिंग/एक्सपायरी डेट स्पष्ट होनी चाहिए। \r\n | \r\n
| \r\n भारत में खाने को लेकर क्या अधिकार हैं? \r\n | \r\n \r\n सुरक्षित और शुद्ध खाने का अधिकार, FSSAI एक्ट 2006 के तहत मिलावट या झूठी जानकारी पर कानूनी कार्रवाई का अधिकार। \r\n | \r\n
| \r\n खराब खाना मिलने पर क्या करें? \r\n | \r\n \r\n FSSAI या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) पर ऑनलाइन, फोन या ऐप से शिकायत करें। \r\n | \r\n
| \r\n '100% शुद्ध' दावों पर भरोसा? \r\n | \r\n \r\n FSSAI नियमों के तहत ऐसे दावे केवल तभी किए जा सकते हैं जब ठोस वैज्ञानिक प्रमाण हो; बिना सबूत के दावा भ्रामक है। \r\n | \r\n
| \r\n एक्सपायरी डेट न होने पर शिकायत? \r\n | \r\n \r\n हाँ, यह लेबलिंग नॉर्म्स का उल्लंघन है; तुरंत FSSAI या कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। \r\n | \r\n
| \r\n ऑनलाइन फूड डिलीवरी FSSAI के दायरे में? \r\n | \r\n \r\n हाँ, एप से जुड़े हर रेस्टोरेंट या रसोई के पास FSSAI लाइसेंस होना जरूरी है। \r\n | \r\n
| \r\n शिकायत की राशि सीमा? \r\n | \r\n \r\n जिला फोरम: ₹0 से ₹50 लाख तक, राज्य आयोग: ₹50 लाख से ₹2 करोड़ तक, राष्ट्रीय आयोग: ₹2 करोड़ से अधिक। \r\n | \r\n
\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.