शिमला/देहरादून, 19 सितंबर 2025
\r\n\r\nपहाड़ों पर मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आमतौर पर सितंबर में विदा होने वाला मानसून इस साल उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आफत बनकर बरस रहा है। गुरुवार देर रात दोनों राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर दहशत फैला दी है। इस पूरे सीजन में अब तक दोनों राज्यों में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है।READ ALSO:-बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर फायरिंग की 'Inside Story': 1320 CCTV, 4 शूटर और 2 का एनकाउंटर, ऐसे हुआ बदमाशों का 'गेम ओवर'
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हिमाचल: किन्नौर में बादल फटा, शिमला में लैंडस्लाइड
\r\n\r\nगुरुवार देर रात हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के थाच गांव में बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि दो गाड़ियां उसमें बह गईं। गनीमत रही कि लोग समय रहते अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।
\r\n\r\nवहीं, राजधानी शिमला में भी देर रात एडवर्ड स्कूल के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसके चलते शहर की लाइफलाइन कहा जाने वाला सर्कुलर रोड यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर एडवर्ड स्कूल में आज और कल (शुक्रवार और शनिवार) की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कुमारसैन के करेवथी में भी एक तीन मंजिला मकान भूस्खलन की भेंट चढ़ गया।
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हिमाचल में तबाही का आंकड़ा:
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- \r\n कुल मौतें: 424\r\n \r\n
- \r\n अनुमानित नुकसान: 5,000 करोड़ रुपये से अधिक\r\n \r\n
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उत्तराखंड: चमोली में भीषण तबाही, 14 लोग लापता
\r\n\r\nउत्तराखंड के चमोली जिले के नंदनगर में बादल फटने की घटना ने भारी विनाश किया है।
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- \r\n मकान क्षतिग्रस्त: लगभग 35 मकानों को नुकसान पहुंचा है।\r\n \r\n
- \r\n लोग प्रभावित: 200 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, और 20 से ज्यादा घायल हैं।\r\n \r\n
- \r\n लापता और दबे लोग: 14 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव कार्य जारी है।\r\n \r\n
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इसके अलावा, देहरादून-मसूरी रोड अभी भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है, हालांकि मसूरी में फंसे करीब 2,000 पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
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क्यों कहर बरपा रहा लौटता मानसून?
\r\n\r\nमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल सितंबर में मानसून का पैटर्न बेहद असामान्य है।
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- \r\n रिकॉर्ड बारिश: मानसून कमजोर पड़ने की बजाय और मजबूत हो गया है, जिससे उत्तराखंड में 26 साल बाद सितंबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है।\r\n \r\n
- \r\n गीले पहाड़: लगातार बारिश से पहाड़ अंदर तक पूरी तरह गीले हो चुके हैं, जिससे उनकी मिट्टी खिसक रही है और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n नमी वाले बादल: हिमालय के ऊपर इस समय नमी से भरे बादलों का डेरा है, जो इस महीने में एक चौंकाने वाली स्थिति है। 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद यह राज्य का सबसे विनाशकारी मानसून सीजन साबित हो रहा है।\r\n \r\n
मैदानी इलाकों पर भी असर
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- \r\n उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में स्थित रिहंद बांध इस मानसून सीजन में पांचवीं बार ओवरफ्लो हुआ है, जो भारी जलभराव का संकेत है। वहीं, कौशांबी में आकाशीय बिजली गिरने से 2 महिलाओं की मौत हो गई।\r\n \r\n
- \r\n मध्य प्रदेश: प्रदेश में औसत से 188 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से काफी अधिक है।\r\n \r\n
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आज से मानसून की विदाई संभव
\r\n\r\nइस विनाश के बीच एक राहत की खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संजीव शर्मा के अनुसार, आज यानी 19 सितंबर से हल्की बारिश के साथ हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है, जिससे लोगों को जल्द ही इस कहर से राहत मिलने की उम्मीद है।
Sabse pehle comment karne wale banein.