Delhi-Meerut Expressway Speed Limit: उत्तर भारत में घने कोहरे और कम दृश्यता (Visibility) के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा (Speed Limit) को तत्काल प्रभाव से घटा दिया है। कोहरे के दौरान बड़े हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने अब गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।READ ALSO:-जेवर एयरपोर्ट के लिए 'नमो भारत' का रास्ता साफ! गाजियाबाद से नोएडा होते हुए भरेगी रफ्तार, नहीं बदला जाएगा पुराना रूट
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हल्के और भारी वाहनों के लिए नई गति सीमा

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एनएचएआई द्वारा जारी नई एडवाइजरी के अनुसार, कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित किया गया है। 
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    हल्के वाहन (कार/जीप): अधिकतम गति सीमा 60 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
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    भारी वाहन (बस/ट्रक): अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
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एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में कोहरा और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम उठाया गया है। यदि कोई भी वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलता पाया गया, तो उस पर 'ओवर स्पीड' का ऑनलाइन चालान किया जाएगा। 
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निगरानी के लिए तैनात की गईं 6 विशेष टीमें

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कोहरे के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और यात्रियों की मदद के लिए एनएचएआई ने 6 विशेष पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया है। ये टीमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे निगरानी रखेंगी।
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टीमों के मुख्य कार्य:

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1. स्पीड मॉनिटरिंग: पुलिस के साथ मिलकर ओवर-स्पीडिंग करने वाले वाहनों की पहचान करना। 
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2. जागरूकता अभियान: टोल प्लाजा और रेस्ट एरिया (Rest Zones) में जाकर वाहन चालकों को कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग और नई स्पीड लिमिट के बारे में जानकारी देना।
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3. आपातकालीन सहायता: किसी भी दुर्घटना या तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत राहत पहुँचाना।
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सड़क किनारे खड़े वाहनों पर होगी एफआईआर

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कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़े हादसे सड़क किनारे खड़े वाहनों (Parked Vehicles) की वजह से होते हैं। कम विजिबिलिटी के कारण पीछे से आ रहे वाहन खड़े ट्रक या कार को देख नहीं पाते और टकरा जाते हैं।
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इस खतरे को देखते हुए एनएचएआई ने सख्त आदेश जारी किए हैं। पेट्रोलिंग वाहन और टीमें निरंतर अनाउंसमेंट करेंगी और सड़क किनारे खड़े वाहनों को वहां से हटाएंगी। यदि सड़क किनारे खड़ा कोई वाहन किसी हादसे का कारण बनता है, तो वाहन मालिक और ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज (FIR) कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षित सफर के लिए सावधानियां

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यातायात पुलिस और एनएचएआई ने यात्रियों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान सफर करते समय सावधानी बरतें। 
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    फॉग लाइट का उपयोग: वाहन की फॉग लाइट और इंडीकेटर्स हमेशा चालू रखें।
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    अचानक ब्रेक न लगाएं: कोहरे में अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहन टकरा सकते हैं।
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    लेन न बदलें: एक्सप्रेसवे पर कोहरे के दौरान बार-बार लेन बदलने से बचें।
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दिल्ली-NCR के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर Delhi-Meerut Expressway Speed Limit में किया गया यह बदलाव यात्रियों की जान बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। कोहरे में ड्राइविंग करना एक बड़ी चुनौती है, और गति सीमा का पालन करना ही सुरक्षित सफर का एकमात्र रास्ता है। एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस की सख्ती का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि हादसों को शून्य पर लाना है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे कोहरे के समय अपनी यात्रा का समय थोड़ा अतिरिक्त लेकर चलें ताकि गति सीमा के भीतर सुरक्षित गंतव्य तक पहुँच सकें।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, NH-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण गति सीमा घटाई गई है। अब हल्के वाहन 60 और भारी वाहन 40 किमी/घंटा की रफ्तार से ही चल सकेंगे। सड़क किनारे खड़े वाहनों पर सख्ती की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर केस दर्ज होगा।
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