Namo Bharat Train Jewar Airport: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को गाजियाबाद से जोड़ने वाली 'नमो भारत' रैपिड रेल के रूट को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने स्पष्ट कर दिया है कि गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक के प्रस्तावित रूट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पहले की योजना के अनुसार ही यह ट्रेन गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगी।READ ALSO:-उत्तर प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली ठंड का 'कंट्रोल': लखनऊ-मेरठ समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली, 50 जिलों में घने कोहरे का रेड अलर्ट
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रूट बदलने की खबरों को NCRTC ने किया खारिज पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी कि गाजियाबाद-जेवर RRTS रूट को बदलकर दिल्ली के सराय काले खां से जोड़ा जा सकता है। इस खबर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उन लोगों में चिंता थी जो इस कॉरिडोर के किनारे प्रॉपर्टी या निवेश की योजना बना रहे थे। 
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NCRTC के अधिकारियों ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रोजेक्ट को न तो खारिज किया गया है और न ही रूट बदलने का कोई आदेश मिला है। केवल डीपीआर (DPR) में कुछ तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।
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72 किमी लंबा कॉरिडोर और प्रस्तावित 11 स्टेशन प्रस्तावित योजना के अनुसार, गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक का यह कॉरिडोर लगभग 72 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर कुल 11 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। यह नमो भारत ट्रेन गाजियाबाद स्टेशन से शुरू होकर सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन), अल्फा-2, नॉलेज पार्क और परी चौक जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों को कवर करेगी। 
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रूट की मुख्य विशेषताएं: * प्रस्थान बिंदु: गाजियाबाद RRTS स्टेशन।

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    अंतिम गंतव्य: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)।
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    महत्व: यह कॉरिडोर गाजियाबाद-मेरठ RRTS लाइन को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा।
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एयरपोर्ट की सफलता के लिए कनेक्टिविटी है 'की' यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों का मानना है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता के लिए हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी एक अनिवार्य हिस्सा है। सड़क मार्ग (यमुना एक्सप्रेसवे) के अलावा रैपिड रेल का विकल्प होने से एयरपोर्ट की पहुंच दिल्ली-मेरठ और उत्तराखंड तक के यात्रियों के लिए आसान हो जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि यमुना सिटी और आसपास के इलाकों में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 
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दिल्ली-NCR के लाखों लोगों को होगा सीधा लाभ अधिकारियों के अनुसार, Namo Bharat Train Jewar Airport प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली-NCR के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। खासकर नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोग, जिन्हें वर्तमान में एयरपोर्ट पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वे अब मात्र 40-50 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। यह कॉरिडोर मेरठ से आने वाले यात्रियों को भी गाजियाबाद में इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे सीधे जेवर तक का सफर तय कर पाएंगे। 
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गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक Namo Bharat Train Jewar Airport का निर्माण क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। रूट में बदलाव न करने के फैसले से निवेशकों और स्थानीय निवासियों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। जैसे ही केंद्र और राज्य सरकार से अंतिम डीपीआर को मंजूरी मिलती है, जमीन पर काम शुरू होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट न केवल परिवहन को आसान बनाएगा बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान भी देगा।
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गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट के बीच प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल का रूट यथावत रहेगा। NCRTC ने रूट बदलने की चर्चाओं को गलत बताया है। यह कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख हिस्सों को जोड़ते हुए जेवर एयरपोर्ट तक निर्बाध हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
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