नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक जाम में हर दिन घंटों पसीना बहाने वाले और धक्के खाने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी और ऐतिहासिक खबर है। राजधानी की परिवहन व्यवस्था की तस्वीर को पूरी तरह से बदलने और इसे एक नए वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए दिल्ली सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।READ ALSO:-मुरादाबाद में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: 2 साल के मासूम की गर्दन पर रखा चाकू, फिर मां के साथ की हैवानियत और लूटपाट
\r\n\r\n\r\n\r\n
लंबे इंतजार के बाद, दिल्ली सरकार ने करीब 48,204 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से दिल्ली मेट्रो के एक नए युग यानी फेज़ V-B (Phase V-B) की शुरुआत पर मुहर लगा दी है। इस महा-विस्तार योजना के तहत राजधानी और इसके बाहरी इलाकों में 97 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई पटरियां बिछाई जाएंगी और 65 नए अत्याधुनिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को कैबिनेट से मंजूरी देते हुए यह साफ कर दिया है कि यह योजना खास तौर पर उन बाहरी और तेजी से उभरते इलाकों के लिए 'संजीवनी' साबित होगी, जो अब तक मुख्य शहर की कनेक्टिविटी से कुछ हद तक कटे हुए थे और जहां सार्वजनिक परिवहन की भारी कमी थी।
\r\n\r\n 
4 अहम रूटों पर है सरकार का 'प्रायोरिटी' फोकस (लक्ष्य 2029)
\r\n\r\nइतनी बड़ी और जटिल बुनियादी ढांचा परियोजना को एक साथ जमीन पर उतारना किसी भी एजेंसी के लिए आसान नहीं होता है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों की चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने तय किए गए कुल सात में से चार रूटों को ‘प्राथमिकता’ (Priority) की श्रेणी में रखा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) का सीधा लक्ष्य इन चार अहम कॉरिडोर को साल 2029 तक हर हाल में चालू करने का है। इसके लिए DMRC विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अलग-अलग चरणों में बांटकर काम शुरू करेगा। दिल्ली सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है और अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। अब केवल दोनों सरकारों (केंद्र और राज्य) की तरफ से अंतिम वित्तीय मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद राजधानी की सड़कों पर निर्माण कार्य पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
आउटर दिल्ली की चमकेगी किस्मत: रियल एस्टेट और कारोबार को मिलेगा बूस्ट
\r\n\r\nएक आम नौकरीपेशा इंसान, छात्र या कारोबारी के लिए इस खबर का सीधा मतलब है- समय की भारी बचत, प्रदूषण से राहत और सफर के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति। इस विस्तार के बाद नरेला, नजफगढ़, खेड़ा कलां और मिठापुर जैसे आउटर इलाकों के निवासियों को सेंट्रल दिल्ली, कनॉट प्लेस या गुड़गांव पहुंचने के लिए अब घंटों बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
नई योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अंडरग्राउंड और एलिवेटेड, दोनों तरह के ट्रैक का बेहतरीन तकनीकी तालमेल रखा गया है, ताकि घनी आबादी वाले इलाकों में कम से कम तोड़फोड़ हो। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सहूलियत यह होगी कि इस नेटवर्क में कई नए 'इंटरचेंज स्टेशन' बनाए जाएंगे, जिससे अलग-अलग लाइनों (जैसे ब्लू, येलो या पिंक लाइन) पर सफर करना और लाइन बदलना बेहद आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन इलाकों में आज सुगम पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी है, वहां यह नया नेटवर्क 'लाइफलाइन' का काम करेगा। इसके साथ ही इन बाहरी इलाकों में प्रॉपर्टी के दामों में उछाल आने और नए व्यापारिक अवसर पैदा होने की भी पूरी उम्मीद है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दिल्ली मेट्रो के ये 7 नए और महत्वपूर्ण रूट
\r\n\r\nDMRC द्वारा तैयार किए गए इस नए खाके में दिल्ली के हर उस कोने को कवर करने की कोशिश की गई है, जो अब तक मेट्रो के नक्शे से अछूता था। आइए इन 7 नए रूटों पर विस्तार से नजर डालते हैं:
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
1. धंसा बस स्टैंड से नांगलोई (Dhansa Bus Stand to Nangloi)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 11.859 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 9 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated)\r\n \r\n
- \r\n फायदा: यह रूट नजफगढ़ और उसके आस-पास के ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी इलाकों के लिए वरदान होगा। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से रन्होला, बक्करवाला और नजफगढ़ एक्सटेंशन को कवर करेगा, जिससे यहाँ के निवासियों को ग्रीन लाइन और ग्रे लाइन के बीच शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
2. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़ (Central Secretariat to Kishangarh)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 15.969 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 10 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: मुख्य रूप से अंडरग्राउंड (Underground)\r\n \r\n
- \r\n फायदा: यह रूट वीआईपी और शैक्षणिक इलाकों को जोड़ेगा। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), आरके पुरम के सेक्टर, और न्यू मोती बाग जैसे पॉश और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह सीधे सेंट्रल दिल्ली तक एक निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
3. समयपुर बादली से नरेला (Samaypur Badli to Narela)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 12.89 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 8 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: एलिवेटेड (Elevated)\r\n \r\n
- \r\n फायदा: मौजूदा येलो लाइन (Yellow Line) का यह सबसे बहुप्रतीक्षित विस्तार है। यह रूट सिरासपुर और अलीपुर होते हुए नरेला औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र तक जाएगा। नरेला में डीडीए (DDA) के हजारों फ्लैट्स हैं, जहां मेट्रो न होने के कारण लोग बसने से कतराते थे। इस रूट के बनने से नरेला एक प्रमुख उपनगर के रूप में विकसित होगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
4. कीर्ति नगर से पालम (Kirti Nagar to Palam)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 9.967 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 6 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: अंडरग्राउंड और एलिवेटेड का मिश्रण\r\n \r\n
- \r\n फायदा: पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया और सागरपुर के निवासियों को इस लाइन से सीधा फायदा मिलेगा। यह रूट घरेलू हवाई अड्डे (Domestic Airport) के करीब रहने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
5. जोर बाग से मिठापुर (Jor Bagh to Mithapur)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 16.991 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 12 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: मिश्रित (Mixed)\r\n \r\n
- \r\n फायदा: यह इस चरण के सबसे लंबे और महत्वपूर्ण कॉरिडोर में से एक है। यह साउथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी जैसे पॉश इलाके से शुरू होकर सीधे जैतपुर और मोलड़बंद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा, जहां फिलहाल मेट्रो की कोई सुविधा नहीं है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
6. शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज़-3 (Shastri Park to Mayur Vihar Phase-3)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 13.197 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 8 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: मुख्य रूप से एलिवेटेड\r\n \r\n
- \r\n फायदा: ट्रांस-यमुना (यमुनापार) इलाके के लाखों निवासियों के लिए यह रूट किसी सपने के सच होने जैसा है। गीता कॉलोनी, लक्ष्मीनगर का बाहरी हिस्सा और पटपड़गंज के निवासियों के लिए यह रूट एक जीवनरेखा बनेगा, जो उन्हें सीधे मयूर विहार और नोएडा के बॉर्डर तक जोड़ेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
7. केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 (Keshavpuram to Rohini Sector-34)
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n लंबाई: 16.285 किलोमीटर\r\n \r\n
- \r\n स्टेशनों की संख्या: 12 स्टेशन\r\n \r\n
- \r\n रूट का प्रकार: एलिवेटेड (Elevated)\r\n \r\n
- \r\n फायदा: यह ट्रैक पीतमपुरा, रोहिणी के विभिन्न सेक्टर्स और दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) को मुख्य नेटवर्क से जोड़ेगा। रोहिणी के बाहरी सेक्टर्स (जैसे सेक्टर 30 से 34) के लोगों को रेड लाइन तक पहुंचने के लिए अब ई-रिक्शा या ऑटो पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' के सपने को मिलेगी उड़ान
\r\n\r\nदिल्ली सरकार और DMRC का यह पूरा खाका दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या यानी ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ (Last Mile Connectivity) को सुलझाने के लिए तैयार किया गया है। अक्सर देखा गया है कि मेट्रो स्टेशन से घर तक पहुंचने का सफर लोगों के लिए सिरदर्द बन जाता है, लेकिन इन 65 नए स्टेशनों के बनने से मेट्रो लोगों के घरों के और करीब पहुंच जाएगी।
\r\n\r\nफेज़ V(B) के पूरा होते ही दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लंदन, टोक्यो और न्यूयॉर्क जैसे शहरों को टक्कर देता नजर आएगा। यह 48 हजार करोड़ रुपये का निवेश सिर्फ एक ढांचागत विकास नहीं है, बल्कि यह प्रदूषण कम करने, सड़कों से निजी वाहनों का दबाव घटाने और दिल्लीवासियों के रोजाना के सफर को थकान मुक्त और एक आरामदायक अनुभव बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।
Sabse pehle comment karne wale banein.