ख़बरीलाल स्टेट और एडमिनिस्ट्रेशन डेस्क, लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर से त्योहारों का उल्लास छाने वाला है। एक तरफ जहां शक्ति की आराधना का महापर्व 'चैत्र नवरात्रि' (Chaitra Navratri) चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ पवित्र माह-ए-रमजान के मुकम्मल होने के बाद 'ईद-उल-फितर' (Eid-ul-Fitr) का जश्न भी दस्तक दे रहा है। इन दोनों बड़े त्योहारों के एक साथ होने के कारण पूरे प्रदेश में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था (Law and Order) को लेकर चुनौतियां बढ़ गई हैं।READ ALSO:-अमन-चैन की दुआ और भाईचारे का दस्तरख्वान: नूरपुर के गोहावर जैत में भव्य सामूहिक रोजा इफ्तार, युद्ध विराम और विश्व शांति के लिए उठे हजारों हाथ
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इन्हीं चुनौतियों से निपटने और प्रदेशवासियों को एक सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण माहौल देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पूरी तरह से अलर्ट मोड (Alert Mode) पर आ गए हैं। त्योहारों से ठीक पहले सीएम योगी ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर शासन और पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के साथ एक बेहद अहम और मैराथन समीक्षा बैठक की।
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इस बैठक में सीएम योगी के तेवर बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ख़बरीलाल (Khabreelal) की इस विशेष और विस्तृत रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि इस हाई-लेवल मीटिंग में क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए, अधिकारियों को क्या चेतावनियां मिलीं और आम जनता के लिए इस बैठक के क्या मायने हैं।
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हाई-लेवल समीक्षा बैठक - 'परंपरागत मर्यादाओं में हों पर्व'
\r\n\r\nजब भी उत्तर प्रदेश में कोई बड़ा त्योहार आता है, तो सरकार का पूरा फोकस शांति व्यवस्था कायम रखने पर होता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस बार भी अपनी उसी 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति को दोहराया है।
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बैठक की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, "उत्तर प्रदेश में हर पर्व और त्योहार शांति, सौहार्द और परंपरागत मर्यादाओं (Traditional Boundaries) के अनुरूप ही संपन्न होना चाहिए।" इसका सीधा मतलब यह है कि त्योहार मनाने के नाम पर कोई भी नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो आयोजन जिस रूप में और जिस जगह पर सालों से होते आ रहे हैं, वे वैसे ही होंगे। किसी भी समुदाय को सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने या दूसरे की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी।
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बैठक में मौजूद आला अधिकारी: कानून-व्यवस्था और आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की इस महा-समीक्षा बैठक में प्रदेश के पूरे प्रशासनिक तंत्र का शीर्ष नेतृत्व मौजूद था। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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- \r\n मुख्य सचिव (Chief Secretary) - शशि प्रकाश गोयल\r\n \r\n
- \r\n अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) - संजय प्रसाद\r\n \r\n
- \r\n पुलिस महानिदेशक (DGP) - राजीव कृष्ण\r\n \r\n
- \r\n इसके अलावा सभी जोनल एडीजी, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी और जिलों के डीएम-एसपी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए इस बैठक से जुड़े हुए थे।\r\n \r\n
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कानून-व्यवस्था पर सीएम योगी का 'हंटर' - 'माहौल बिगाड़ा तो खैर नहीं'
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग को सीधे निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की शांति, सुरक्षा और अनुशासन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। किसी भी असामाजिक तत्व या उपद्रवी को सिर उठाने का मौका न मिले।
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1. PRV-112 की बढ़ेगी गश्त (Increased Patrolling): सीएम ने डायल 112 (PRV-112) की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों, संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पीआरवी की गश्त (Patrolling) बढ़ाने को कहा गया है। पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) कम से कम होना चाहिए, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को काबू कर सके।
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2. लाउडस्पीकर पर फिर बजेगा सरकारी डंडा: उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकरों (Loudspeakers) को हटाने का एक बड़ा और सफल अभियान चला चुकी है। सीएम योगी ने अधिकारियों को याद दिलाया कि त्योहारों के जोश में लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों (Supreme Court Guidelines) से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं भी डीजे (DJ) या लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण होता है या अश्लील/भड़काऊ गाने बजाए जाते हैं, तो आयोजकों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
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3. स्टंटबाजी पर लगाम (Crackdown on Bike Stunts): अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों (खासकर ईद या अन्य जुलूसों) के दौरान कुछ युवा बाइकों पर खतरनाक स्टंट (Bike Stunts) करते हैं, हुड़दंग मचाते हैं और बिना साइलेंसर की गाड़ियां दौड़ाते हैं। इससे न केवल उनकी जान को खतरा होता है, बल्कि आम राहगीरों में भी दहशत फैलती है। सीएम योगी ने दो टूक कहा है कि सड़कों पर स्टंटबाजी और हुड़दंग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मनचलों और स्टंटबाजों की गाड़ियों को तुरंत सीज (Seize) किया जाए और भारी जुर्माना लगाया जाए।
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चैत्र नवरात्रि की तैयारियां - मंदिरों की सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर
\r\n\r\nचैत्र नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के विंध्याचल, देवीपाटन, सहारनपुर (शाकुंभरी देवी), वाराणसी और गोरखपुर समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
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मुख्यमंत्री ने इस भीड़ के सुगम प्रबंधन (Crowd Management) के लिए विशेष निर्देश दिए हैं:
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- \r\n मंदिरों की सुरक्षा: सभी प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती हो। महिला पुलिसकर्मियों की सादे कपड़ों में ड्यूटी लगाई जाए ताकि मनचलों और चेन स्नेचरों पर नकेल कसी जा सके।\r\n \r\n
- \r\n स्वच्छता अभियान: मंदिरों और मेलों के आसपास साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। नगर निगम और पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित कूड़ा उठान और पीने के साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।\r\n \r\n
- \r\n ट्रैफिक और पार्किंग: श्रद्धालुओं को जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए मंदिरों के रूट पर ट्रैफिक डायवर्जन (Traffic Diversion) प्लान पहले से तैयार और लागू किया जाए।\r\n \r\n
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गो-आश्रय स्थलों (Cow Shelters) के लिए विशेष निर्देश
\r\n\r\nसीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में गो-वंश का संरक्षण हमेशा सबसे ऊपर रहता है। गर्मियों के मौसम की शुरुआत और त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के गो-आश्रय स्थलों (Gaushalas) की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं।
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- \r\n अधिकारियों को चेताया गया है कि किसी भी गोशाला में चारे, भूसे और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n गर्मियों में गो-वंश को धूप और लू से बचाने के लिए शेड की उचित व्यवस्था हो।\r\n \r\n
- \r\n बीमार गायों के लिए पशु चिकित्साधिकारियों (Veterinary Doctors) की नियमित विजिट सुनिश्चित की जाए। गो-वंश की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।\r\n \r\n
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एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर लगेगा ब्रेक (Economic Directives)
\r\n\r\nत्योहारों के समय घरों में पकवान बनते हैं और हलवाइयों/रेस्टोरेंट्स में कमर्शियल गैस की खपत अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ मुनाफाखोर एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinders) की कालाबाजारी शुरू कर देते हैं।
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- \r\n सप्लाई रहे सुचारु: मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि ईद और नवरात्र के दौरान पूरे प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति (Supply) पूरी तरह से सुचारु रहनी चाहिए। आम जनता को गैस के लिए लाइनों में न लगना पड़े।\r\n \r\n
- \r\n कालाबाजारियों पर एक्शन: जमाखोरी (Hoarding) और कालाबाजारी करने वाले गैस एजेंसियों और बिचौलियों पर खुफिया विभाग कड़ी नजर रखे। अगर कहीं भी कृत्रिम किल्लत (Artificial Shortage) पैदा करने की कोशिश की जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।\r\n \r\n
- \r\n (ध्यान दें: हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसे देखते हुए सीएम योगी का यह निर्देश आम जनता की जेब को महंगाई से बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है।)\r\n \r\n
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ब्यूरोक्रेसी को सीधी चेतावनी - 'अपराध की कोई भी घटना छोटी नहीं होती'
\r\n\r\nबैठक का सबसे अहम हिस्सा वह था जब मुख्यमंत्री ने जिले के कप्तानों (SP/SSP) और जिलाधिकारियों (DM) को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। सीएम योगी का शासन चलाने का तरीका हमेशा से 'जवाबदेही' (Accountability) तय करने वाला रहा है।
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'वर्दी का खौफ होना चाहिए' सीएम योगी ने अधिकारियों को सीधे तौर पर चेताते हुए कहा कि, "अपराधियों और माफियाओं के मन में पुलिस की वर्दी का खौफ होना ही चाहिए। आम जनता पुलिस को देखकर सुरक्षित महसूस करे और अपराधी खौफ खाए, यही हमारी सरकार का लक्ष्य है।"
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'हर सूचना को गंभीरता से लें' कई बार देखा जाता है कि पुलिस छोटी घटनाओं (जैसे दो पक्षों में कहासुनी, सोशल मीडिया की पोस्ट या नाली-रास्ते का विवाद) को नजरअंदाज कर देती है, जो बाद में त्योहारों के दौरान किसी बड़े सांप्रदायिक दंगे या बवाल का रूप ले लेती है। इस पर सीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
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- \r\n "अपराध की कोई भी घटना छोटी नहीं होती।" * "स्थानीय स्तर (थाना और चौकी) पर मिलने वाली हर छोटी-बड़ी सूचना (Intelligence Input) को पूरी गंभीरता से लिया जाए।"\r\n \r\n
- \r\n "अगर कोई माहौल बिगाड़ने की साजिश रचता है, तो दोषियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोरतम (Strictest) कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।"\r\n \r\n
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लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी: सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि अगर किसी भी जिले में त्योहारों के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसके लिए सीधे तौर पर वहां के थाना प्रभारी (SHO) से लेकर जिले के कप्तान (SP) और डीएम (DM) जिम्मेदार माने जाएंगे। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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शांतिपूर्ण त्योहारों की ओर उत्तर प्रदेश के कदम
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस विस्तृत और सख्त समीक्षा बैठक से यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार त्योहारों को लेकर किसी भी तरह का कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। सरकार की रणनीति साफ है—आम नागरिक खुशी और उत्साह के साथ अपने त्योहार मनाएं, लेकिन जो लोग कानून को हाथ में लेने या समाज का माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे, उन पर पुलिस का हंटर पूरी ताकत से चलेगा।
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अब यह पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को धरातल पर कितनी सख्ती और ईमानदारी से लागू कर पाता है। ईद और नवरात्र का यह पावन अवसर उत्तर प्रदेश की 'गंगा-जमुनी तहजीब' और 'कानून के राज' दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा है।
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