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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बिजनौर गुलदार आतंक अब एक गंभीर संकट का रूप लेता जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदारों के लगातार दिखाई देने और किसानों पर हमलों की घटनाओं से ग्रामीणों में गहरी दहशत है। ताजा मामला नगीना क्षेत्र के गांव बघाला का है, जहां एक किसान को खेती के दौरान दो गुलदारों का सामना करना पड़ा। किसान ने हिम्मत दिखाते हुए गुलदारों के भागने का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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खेत में सामने आए दो गुलदार, उड़े किसान के होश

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घटना मंगलवार की सुबह की बताई जा रही है। गांव बघाला के एक किसान अपने गन्ने के खेत में काम करने गए थे। बिजनौर का इलाका घने गन्ने के खेतों से घिरा हुआ है, जो गुलदारों को छिपने और विचरण करने के लिए एक अनुकूल ठिकाना प्रदान करते हैं।
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किसान जैसे ही खेत के बीच में पहुंचा, अचानक उसके सामने दो विशाल गुलदार दिखाई दिए। दो जंगली जानवरों को इतनी करीब से देखकर किसान के होश उड़ गए और वह अपनी जान बचाने के लिए वहीं थम गया। गुलदार भी किसान को देखकर चौकन्ने हो गए और तेजी से खेत में दौड़ने लगे। किसान ने इस दौरान अपने मोबाइल फोन से गुलदारों के भागने का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें दोनों गुलदार खेत की मेड़ पर तेजी से दौड़ते हुए आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।
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आबादी क्षेत्र में गुलदारों के दौड़ने से दहशत

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यह वायरल वीडियो इस बात की पुष्टि करता है कि गुलदार अब सिर्फ जंगल या दूर-दराज के खेतों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि सीधे आबादी क्षेत्रों के किनारे तक पहुंच रहे हैं। बघाला गांव में दो गुलदारों के एक साथ दिखाई देने से ग्रामीणों की चिंता और भय कई गुना बढ़ गया है। यह अकेला मामला नहीं है; बिजनौर में पिछले कुछ वर्षों में गुलदारों के हमले की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। 
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वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बिजनौर और आसपास के इलाकों में गन्ने की खेती और शिवालिक रेंज की नजदीकी के कारण गुलदार अक्सर भोजन और आसान आश्रय की तलाश में रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं।
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वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल

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स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजनौर गुलदार आतंक को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। किसानों को लगातार डर के साए में खेतों में काम करना पड़ रहा है, वहीं बच्चे भी स्कूल जाने से डर रहे हैं। किसानों ने कई बार धरना-प्रदर्शन कर पिंजरे लगाकर गुलदारों को पकड़ने की मांग की है, लेकिन आबादी के अनुपात में पिंजरों की संख्या बहुत कम है।
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इस क्षेत्र के वन अधिकारी ने बताया कि उन्हें वीडियो के बारे में जानकारी मिली है और टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम ढलने के बाद खेतों में अकेले न जाएं और बच्चों को भी घर से बाहर न निकलने दें। वन विभाग का कहना है कि वे लगातार गश्त कर रहे हैं और जल्द ही पिंजरे लगाए जाएंगे। 
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मानव-वन्यजीव संघर्ष बना बड़ी चुनौती

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बिजनौर में यह मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जंगल के प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने और भोजन की कमी के कारण ये जानवर तेजी से मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। गन्ना कटाई के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, जब गुलदार गन्ने के खेतों से निकलकर आबादी के बीच आ जाते हैं।
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इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन पर प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान खोजने का दबाव बढ़ा दिया है, ताकि किसानों को उनके काम के दौरान सुरक्षित महसूस हो सके।
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बिजनौर के नगीना क्षेत्र के गांव बघाला में खेती कर रहे एक किसान के सामने अचानक दो गुलदार आ गए। किसान द्वारा बनाया गया गुलदारों के दौड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद, बिजनौर गुलदार आतंक एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत इन जंगली जानवरों को पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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