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न्यूज़ डेस्क, बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जनपद में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहाँ "बारूद के ढेर" पर चल रही जिंदगी ने आज एक मजदूर को मौत की नींद सुला दिया। थाना नजीबाबाद क्षेत्र में स्थित एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा फैक्ट्री (Firecracker Factory) में अचानक हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। विस्फोट की तीव्रता इतनी भयावह थी कि फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे एक मजदूर के शरीर के चिथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।READ ALSO:-बिजनौर: 6 महीने पहले उठी थी डोली, अब ससुराल में मिली नवविवाहिता की लाश; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
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धमाके की गूंज से कांपा नजीबाबाद, आसमान में छा गया गुबार

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प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोपहर के वक्त सब कुछ सामान्य चल रहा था। नजीबाबाद क्षेत्र की इस फैक्ट्री में मजदूर अपने काम में व्यस्त थे। तभी अचानक एक कान फोड़ू आवाज (Deafening Sound) ने सन्नाटे को चीर दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के मकान हिल गए और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। फैक्ट्री से उठता काले धुएं का गुबार बता रहा था कि हादसा कितना बड़ा है। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भगदड़ मच गई। जो मजदूर जीवित बचे, वे जान बचाने के लिए बदहवास होकर बाहर की तरफ भागे। लेकिन, एक बदनसीब मजदूर आग और बारूद की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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एसपी अभिषेक झा ने संभाली कमान, फॉरेंसिक जांच शुरू

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घटना की सूचना फ्लैश होते ही बिजनौर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी बिजनौर, अभिषेक झा खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत पूरे इलाक़े की घेराबंदी (Cordon Off) करवाई ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। एसपी ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलबे की बारीकी से जांच की जाए। साथ ही, फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) को मौके पर बुलाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोट किस रसायन (Chemical) के मिश्रण या घर्षण की वजह से हुआ।
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एसपी का बयान: "दोषी बख्शे नहीं जाएंगे"

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मीडिया से बात करते हुए एसपी अभिषेक झा ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा: "थाना नजीबाबाद क्षेत्र अंतर्गत एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। इस दुखद घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। शव को पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हमने फैक्ट्री के दस्तावेजों की जांच की है, जिसमें पाया गया कि फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2029 तक वैध है। हालांकि, लाइसेंस होना एक बात है और सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन करना दूसरी। हम जांच कर रहे हैं कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
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बड़ा सवाल: वैध लाइसेंस की आड़ में लापरवाही का खेल?

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इस हादसे ने एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के मुताबिक, फैक्ट्री के पास 2029 तक का वैध लाइसेंस था। लेकिन सवाल यह है:
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    सुरक्षा उपकरण कहां थे? क्या फैक्ट्री में आग बुझाने के पर्याप्त यंत्र (Fire Extinguishers) और बालू की बाल्टियां मौजूद थीं?
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    मजदूरों की ट्रेनिंग: क्या बारूद जैसे खतरनाक पदार्थ को संभालने के लिए मजदूरों को कोई विशेष ट्रेनिंग दी गई थी?
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    स्टोरेज लिमिट: क्या फैक्ट्री में तय सीमा से ज्यादा बारूद डंप किया गया था? अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों के सीजन या सामान्य दिनों में भी मुनाफे के चक्कर में सुरक्षा को ताक पर रख दिया जाता है।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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मृतक मजदूर की पहचान होने के बाद उसके परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते उनके घर का चिराग बुझ गया। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की तफ्तीश तेज कर दी है। अब सबकी निगाहें फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस "खूनी धमाके" का असली जिम्मेदार कौन है।
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बिजनौर के नजीबाबाद में हुए इस दर्दनाक हादसे ने दिवाली और शादी के सीजन के दौरान पटाखा फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि धमाके की असली वजह साफ हो सके।
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