उत्तर प्रदेश में जमीन और जायदाद के विवाद किस कदर खूनी रूप ले सकते हैं, इसका एक और रूह कंपा देने वाला उदाहरण बिजनौर (Bijnor) जिले से सामने आया है। चंद गज जमीन और लालच की खातिर खून के रिश्ते इस कदर सफेद हो गए कि एक भतीजे ने अपने उसी चाचा की जान ले ली, जिसकी उंगली पकड़कर शायद उसने चलना सीखा होगा। बिजनौर के शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नंगला (Nangla) में हुई इस हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को बर्बाद कर दिया है, बल्कि पूरे गांव और आसपास के इलाके में भारी खौफ और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।READ ALSO:-महा-कवरेज: यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी, हाईस्कूल में 90.02% और इंटर में 80.38% पास; एक बार फिर बेटियों ने रचा इतिहास
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यह घटना इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि ग्रामीण इलाकों में पैतृक संपत्ति के निपटारे में होने वाली देरी और आपसी मनमुटाव किस तरह एक भयानक अपराध की पटकथा लिख देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि नंगला गांव में गुरुवार को आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने एक चाचा को मौत की नींद सुला दिया और एक भतीजे को हत्यारा बना दिया।
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जमीन बंटवारे की आग: महीनों से सुलग रहा था विवाद का लावा

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पुलिस की प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी वारदात की जड़ें कोई अचानक पैदा हुए विवाद में नहीं, बल्कि पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर चले आ रहे एक पुराने मनमुटाव में छिपी हैं। परिवार के बीच पुश्तैनी जमीन के कुछ हिस्सों और मेड़ (खेत की सीमा) को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
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बताया जा रहा है कि चाचा और भतीजे के परिवारों के बीच इस जमीन को लेकर कई बार पंचायत और आपसी सुलह-समझौते के प्रयास भी हुए थे। लेकिन हर बार बातचीत किसी न किसी बात पर आकर अटक जाती थी। जमीन का लालच और आपसी ईगो (अहंकार) इस कदर हावी हो चुका था कि दोनों पक्षों में अक्सर कहासुनी और छोटी-मोटी तकरार होने लगी थी। गांव के कुछ बुजुर्गों ने कई बार मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन किसी को इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि यह पारिवारिक विवाद इतना भयंकर और खूनी रूप अख्तियार कर लेगा कि इसमें गोलियां चल जाएंगी।
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वारदात का वो मनहूस पल: गाली-गलौज, हाथापाई और फिर चली गोली

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गुरुवार का दिन नंगला गांव के लिए एक आम दिन की तरह ही शुरू हुआ था, लेकिन दोपहर होते-होते यह दिन परिवार के लिए जिंदगी भर का नासूर बन गया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त चाचा और भतीजे एक बार फिर विवादित जमीन के मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ गए।
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शुरुआत में दोनों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह बहस इतनी उग्र हो गई कि दोनों तरफ से गंदी-गंदी गालियां दी जाने लगीं। बात हाथापाई तक पहुंच गई। परिवार की महिलाएं और आसपास के कुछ लोग बीच-बचाव करने की कोशिश कर ही रहे थे कि तभी गुस्से में आगबबूला हुए भतीजे ने अपना आपा पूरी तरह से खो दिया।
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जमीन की हवस में अंधा हो चुके भतीजे ने अचानक अपने पास छिपा कर रखा हुआ अवैध तमंचा (हथियार) निकाल लिया। इससे पहले कि चाचा कुछ समझ पाता या अपनी जान बचाकर भाग पाता, कलयुगी भतीजे ने सीधे अपने सगे चाचा पर फायर झोंक दिया। गोली की तेज और भयानक आवाज से पूरा गांव दहल उठा। गोली सीधे चाचा को जा लगी और वह खून से लथपथ होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।
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वारदात के बाद मची चीख-पुकार और आरोपी का फरार होना

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गोली चलते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। जो लोग कुछ देर पहले तक विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, वे भी हथियार देखकर दहशत में पीछे हट गए। चाचा को खून से लथपथ तड़पता देख परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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इस बीच, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भतीजा वहां नहीं रुका। वह हाथों में असलहा लहराते हुए और लोगों को धमकाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। खून से सने चाचा को आनन-फानन में गांव वालों और परिजनों की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन गोली लगने के कारण उनके शरीर से बहुत अधिक खून बह चुका था। अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने चाचा का परीक्षण किया और दुखद रूप से उन्हें मृत घोषित (Declared Dead) कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में मातम छा गया।
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पुलिस का कड़ा एक्शन: SP अभिषेक झा का बयान (Bite)

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दिनदहाड़े और सरेआम हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही बिजनौर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय शहर कोतवाली पुलिस भारी दल-बल के साथ तुरंत नंगला गांव पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने और आगे के किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल (PAC) तैनात कर दिया गया है।
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घटना की नजाकत को भांपते हुए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा भी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने क्राइम सीन (Crime Scene) का बारीकी से मुआयना किया और मौके पर मौजूद चश्मदीदों व परिजनों से पूछताछ कर घटना का पूरा ब्योरा लिया।
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इस पूरे घटनाक्रम पर बाइट (Statement) देते हुए SP अभिषेक झा ने बताया:

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"आज थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नंगला में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सूचना मिली थी कि एक परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर आपस में विवाद हुआ है। इस विवाद के दौरान भतीजे ने अपने सगे चाचा को गोली मार दी है। अस्पताल ले जाते समय पीड़ित की मृत्यु हो गई है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचायतनामा की कार्रवाई करते हुए उसे पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया है। घटना के पीछे मुख्य कारण पुश्तैनी जमीन का विवाद बताया जा रहा है। हमने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें (SOG और सर्विलांस सहित) गठित कर दी हैं। आरोपी जो कि मृतका का भतीजा है, वह फिलहाल फरार है, लेकिन पुलिस की टीमें उसकी संभावित छिपने की जगहों पर लगातार दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द आरोपी सलाखों के पीछे होगा और इस जघन्य हत्याकांड में जो भी कानूनी कार्रवाई है, वह सख्त से सख्त की जाएगी।"
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फोरेंसिक जांच और गांव में पसरा सन्नाटा

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एसपी के निर्देश पर बिजनौर की फोरेंसिक टीम (Forensic Team) ने भी घटनास्थल का दौरा किया है। वहां से खून के नमूने, कुछ जरूरी साक्ष्य और अगर कोई खाली खोखा (Cartridge) मौजूद था, तो उसे सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास यह अवैध हथियार आखिर कहां से आया और क्या इस हत्याकांड की कोई पूर्व नियोजित साजिश (Pre-planned conspiracy) तो नहीं रची गई थी।
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इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे नंगला गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। गांव के चौपालों पर सिर्फ इसी घटना की चर्चा है कि कैसे कलयुग में खून के रिश्ते ही खून के प्यासे हो गए हैं। पुलिस अब परिजनों की ओर से लिखित तहरीर का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आरोपी भतीजे के खिलाफ हत्या (धारा 302) और आर्म्स एक्ट के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि हत्यारे को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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