बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के कारण गंगा नदी ने अपना बेहद डरावना और रौद्र रूप धारण कर लिया है। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में भयंकर तबाही का अंदेशा गहराने लगा है। सबसे ज्यादा खराब हालात बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र के खादर इलाके में देखने को मिल रहे हैं, जहां उफनती गंगा ने अब सड़कों और रास्तों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। नदी के तेज बहाव के कारण महत्वपूर्ण बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर भारी कटान शुरू हो गया है, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों की रातों की नींद उड़ा दी है।READ ALSO:-कांवड़ यात्रा 2026: गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद, शहर में भारी जाम और मुरादनगर में हंगामा
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पांडवनगर पुलिस चौकी के पास तबाही, हाईवे पर बना 10 फीट चौड़ा नाला

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गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे विनाशकारी असर चांदपुर क्षेत्र के खादर इलाके में स्थित पांडवनगर पुलिस चौकी के पास देखने को मिल रहा है। यहां से गुजरने वाले अहम बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर गंगा के पानी ने भयंकर कटान कर दिया है। नदी की तेज लहरें सीधे हाईवे के किनारों से टकरा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप पक्की सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है।
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हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कटान के कारण हाईवे के ठीक बीचों-बीच लगभग 10 फीट चौड़ा एक गहरा नाला बन गया है। इस चौड़े नाले के बन जाने से हाईवे का स्वरूप ही बदल गया है और यह किसी भी वक्त पूरी तरह से टूटकर नदी में समा सकता है। यह स्टेट हाईवे कई दर्जन गांवों और कस्बों को जोड़ने वाली मुख्य जीवन रेखा है। सड़क कटने से न सिर्फ यातायात पूरी तरह से बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी यह एक बड़ी बाधा बन सकता है।
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लगातार हो रहा मिट्टी का कटान, अस्तित्व पर मंडराया खतरा

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स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को गंगा का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ा। जलस्तर बढ़ने के साथ ही पांडवनगर चौकी के आसपास पानी के बहाव में जबरदस्त तेजी आ गई। पानी का यह तेज बहाव अब हाईवे के किनारे मौजूद मिट्टी का लगातार और बेहद आक्रामक तरीके से कटान कर रहा है।
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नदी की लहरें सड़क के नीचे की मिट्टी को खोखला कर रही हैं, जिससे डामर वाली पक्की सड़क हवा में लटकती नजर आ रही है। अगर कटान की यह रफ्तार इसी तरह जारी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से गंगा की लहरों में विलीन हो जाएगा। इस कटान ने न केवल स्टेट हाईवे की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मुख्यधारा से कट जाने का डर भी पैदा कर दिया है।
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खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की उड़ी नींद, रात-दिन कर रहे पहरेदारी

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गंगा के इस उफान और लगातार हो रहे भू-कटान ने खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि यदि हाईवे टूट गया तो बाढ़ का पानी सीधे उनके घरों और खेतों में घुस जाएगा, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।
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इस डर के साए में जी रहे ग्रामीण अब खुद ही मोर्चा संभाले हुए हैं। स्थानीय लोग लगातार गंगा के जलस्तर और पानी के बहाव की दिशा पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। कई ग्रामीण रात-रात भर जागकर नदी के किनारे पहरेदारी कर रहे हैं ताकि पानी बढ़ने या कटान तेज होने की स्थिति में तुरंत गांव वालों को अलर्ट किया जा सके। इलाके के किसानों की चिंता अपनी लहलहाती फसलों को लेकर भी है, जो बाढ़ के पानी की एक मार से पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं।
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प्रशासन से तत्काल सुरक्षात्मक उपायों की गुहार

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान वाले स्थान पर तुरंत युद्ध स्तर पर सुरक्षात्मक उपाय किए जाने चाहिए।
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उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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    कटान को रोकने के लिए नदी के किनारे बड़े-बड़े बोल्डर (पत्थर) और रेत से भरे बोरों की तुरंत व्यवस्था की जाए।
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    हाईवे को संभावित नुकसान से बचाने के लिए पानी के बहाव को मोड़ने की इंजीनियरिंग व्यवस्था की जाए।
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    प्रभावित इलाके में 24 घंटे अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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    संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए गोताखोरों, नावों और राहत सामग्री का इंतजाम पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर कर लिया जाए।
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आने वाले दिनों का खतरा: क्या कहते हैं हालात?

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फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया है और गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा तेज बहाव के कारण खादर क्षेत्र में स्थिति पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसका सीधा मतलब है कि पहाड़ी क्षेत्रों से पानी का आना जारी रहेगा। ऐसे में, यदि आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ता है, तो कटान के और भी अधिक उग्र होने की पूरी आशंका बनी हुई है। प्रशासन के लिए अब यह समय के साथ दौड़ लगाने जैसी स्थिति है, जहां हाईवे को बचाना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
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