[बिजनौर/रेहड़, क्राइम रिपोर्टर] दिनांक: 14 फरवरी 2026
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में रेहड़ थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जीएसटी (GST) चोरी और फर्जी फर्में बनाने के एक हाई-प्रोफाइल मामले में वांछित चल रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी भोली-भाली महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज ठग लेता था और फिर उनका इस्तेमाल कर सरकार को राजस्व का चूना लगाता था।READ ALSO:-मेरठ सेंट्रल मार्केट: 700 दुकानों पर लटकी 'सुप्रीम' तलवार; महापंचायत में व्यापारियों का अल्टीमेटम - "हमारी दुकानों से पहले भ्रष्ट अफसरों पर हो कार्रवाई"
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कौन है गिरफ्तार आरोपी?

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पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अबरार उर्फ नब्बू (पुत्र फकीर अहमद) के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड का रहने वाला है। उसका पता नई बस्ती, जसपुर, जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) बताया गया है। वह सीमावर्ती इलाकों का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था।
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ठगी का तरीका (Modus Operandi): महिलाओं को बनाता था निशाना

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इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अबरार और उसके साथी ग्रामीण इलाकों की कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे।
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    झांसा: वे महिलाओं से कहते थे कि सरकार की नई योजना आई है, जिसमें उन्हें मुफ्त पैसे या लाभ मिलेगा।
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    दस्तावेज चोरी: इस बहाने वे महिलाओं के आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लेते थे।
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    फर्जीवाड़ा: इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करके वे जीएसटी विभाग में फर्जी फर्में (Fake Firms) पंजीकृत कराते थे।
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    राजस्व हानि: इन फर्जी फर्मों के जरिए बिना माल की आपूर्ति किए करोड़ों रुपये के फर्जी बिल काटे जाते थे और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया जाता था।
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पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

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मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से रेहड़ पुलिस ने अबरार को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:
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    एक इनफिनिक्स (Infinix) कंपनी का मोबाइल फोन (जिसमें कई अहम राज हो सकते हैं)।
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    स्वयं का आधार कार्ड।
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    एक पैन कार्ड।
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कानूनी शिकंजा: गंभीर धाराओं में मुकदमा

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आरोपी के खिलाफ थाना रेहड़ पर मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 96/2025 पहले से पंजीकृत था। पुलिस ने उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं:
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    धारा 420: धोखाधड़ी और बेईमानी।
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    धारा 467: मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी (आजीवन कारावास तक की सजा संभव)।
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    धारा 468: धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी।
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    धारा 471: जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना।
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    धारा 120बी: आपराधिक षड्यंत्र (साजिश) रचना।
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पुलिस का बयान

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रेहड़ थानाध्यक्ष ने बताया कि जीएसटी चोरी देश की अर्थव्यवस्था पर चोट है। आरोपी महिलाओं के भोलेपन का फायदा उठाकर इतना बड़ा अपराध कर रहा था। पुलिस अब उसके नेटवर्क को खंगाल रही है कि उसके साथ और कौन-कौन शामिल था और अब तक कितनी फर्जी फर्में बनाई गई हैं।
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आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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(Disclaimer: यह खबर बिजनौर पुलिस द्वारा 14 फरवरी 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)
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