भारत सरकार ने देश में ‘वन नेशन, वन मोटर व्हीकल’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए BH सीरीज नंबर प्लेट (भारत सीरीज) का सिस्टम शुरू किया था। इसका मुख्य मकसद उन लोगों का कागजी बोझ कम करना है जिनकी नौकरी ट्रांसफरेबल होती है और जिन्हें काम के सिलसिले में बार-बार एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना पड़ता है। यह नंबर प्लेट सुविधा कई फायदे देती है, खासकर रोड टैक्स भुगतान और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में।READ ALSO:-New Labour Code: झटका या फायदा? हाथ में आएगी कम सैलरी, लेकिन टैक्स में बचेंगे 75 हजार तक; पूरी कैलकुलेशन समझिए
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BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है?

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BH सीरीज नंबर प्लेट सिस्टम को 2021 में लागू किया गया था। यह एक केंद्रीकृत पंजीकरण प्रणाली है जो गाड़ी मालिक को एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होने पर अपनी निजी गाड़ी (कार) को दोबारा रजिस्टर (Re-Register) कराने की अनिवार्यता से मुक्ति दिलाती है। यह नंबर प्लेट कमर्शियल गाड़ियों के लिए नहीं है।
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BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए योग्यता

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यह विशेष नंबर प्लेट केवल कुछ ही श्रेणियों के लोगों को मिलती है, जिनकी नौकरी की प्रकृति अंतर-राज्यीय स्थानांतरण (Inter-State Transfer) वाली होती है:
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  1. \r\n
    सरकारी कर्मचारी: केंद्र सरकार के कर्मचारी और राज्य सरकार के कर्मचारी।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    बैंक कर्मचारी: सभी बैंक कर्मचारी।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    निजी कंपनियों के कर्मचारी: ऐसे निजी कंपनियों/संगठनों के कर्मचारी, जिनके कार्यालय कम से कम 4 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हों।
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  6. \r\n
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BH सीरीज नंबर प्लेट के फायदे

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BH नंबर प्लेट के दो बड़े और महत्वपूर्ण फायदे हैं जो नौकरी में बार-बार तबादला होने वाले लोगों के लिए राहत लाते हैं:
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  1. \r\n
    नो री-रजिस्ट्रेशन: दूसरे राज्य में शिफ्ट होने पर गाड़ी को दोबारा रजिस्टर नहीं करवाना पड़ता। इससे कागजी काम, समय और जुर्माने की चिंता खत्म हो जाती है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    आर्थिक राहत (रोड टैक्स): रोड टैक्स एक साथ नहीं देना पड़ता है। इसे 2-2 साल के ब्लॉक में दिया जा सकता है। यह सुविधा गाड़ी खरीदते समय एक साथ पड़ने वाले बड़े आर्थिक बोझ को कम करती है।
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  4. \r\n
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BH नंबर प्लेट के लिए आवेदन प्रक्रिया

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BH सीरीज नंबर प्लेट लेने की पूरी प्रक्रिया काफी सरल और डीलरशिप आधारित है:
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  1. \r\n
    फॉर्म 20 जमा करना: गाड़ी का डीलरशिप (जहां से आप कार खरीद रहे हैं) आपके लिए संबंधित परिवहन विभाग में फॉर्म 20 जमा करता है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    विकल्प का चयन: आवेदन प्रक्रिया के दौरान डीलरशिप BH सीरीज का विकल्प चुनता है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    पात्रता जांच: संबंधित विभाग आपकी पात्रता (सरकारी कर्मचारी आईडी या फॉर्म 60) की जांच करता है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    टैक्स और फीस: पात्रता जांचने के बाद, इसी समय रोड टैक्स (2 साल के ब्लॉक में) और रजिस्ट्रेशन फीस जमा की जाती है।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    नंबर प्लेट जारी: प्रक्रिया पूरी होने पर विभाग BH नंबर प्लेट जारी कर देता है।
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जरूरी दस्तावेज

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BH नंबर प्लेट के लिए आवेदन करते समय खरीदार को निम्नलिखित दस्तावेज डीलरशिप के माध्यम से जमा करने होते हैं:
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  • \r\n
    PAN कार्ड
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आधार कार्ड
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  • \r\n
  • \r\n
    ऑफिस का कर्मचारी पहचान पत्र (Employee ID)
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  • \r\n
  • \r\n
    फॉर्म 60 (प्राइवेट कर्मचारियों के लिए वर्किंग सर्टिफिकेट)
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  • \r\n
  • \r\n
    गाड़ी से जुड़े अन्य दस्तावेज
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  • \r\n
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BH सीरीज नंबर प्लेट (भारत सीरीज) केंद्र सरकार की एक सराहनीय पहल है, जिसने अंतर-राज्यीय आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। रोड टैक्स को 2-2 साल के ब्लॉक में जमा करने की सुविधा एक बड़ी आर्थिक राहत देती है। यदि आप उपरोक्त पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो यह नंबर प्लेट आपके लिए समय और कागजी कार्रवाई दोनों की बचत कर सकती है।
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