भारत में जहाँ ज्योतिष का बाज़ार ₹60,000 करोड़ से अधिक का हो चुका है, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के साथ ही Astrologer Scam का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ज्योतिषियों (Online Astrologers) के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। साइबर अपराधी खुद को 'फेक सर्टिफाइड एस्ट्रोलॉजर' बताकर लोगों को फंसा रहे हैं, मुफ्त कंसल्टेशन देकर भरोसा बनाते हैं और फिर 'रिचुअल्स' या 'उपायों' के नाम पर लाखों की ठगी कर रहे हैं।READ ALSO:-RBI का 'डिजिटल स्ट्राइक'! SBI, HDFC, ICICI... सभी बैंकों के पते बदले, .com पर क्लिक किया तो खाता खाली!
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डिस्ट्रेस्ड युवाओं को फंसाने का तरीका

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साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने चेतावनी दी है कि भावनात्मक रूप से परेशान लोग (Dutched People), जो त्वरित समाधान (Quick Solutions) की तलाश में होते हैं, वे आसानी से इन स्कैम्स के शिकार बन जाते हैं।
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    एक पीड़ित की कहानी: एक पीड़ित ने बताया कि मुफ्त कंसल्टेशन के बाद ठग ने उनसे ₹10,000 की मांग की। लेकिन जैसे ही पीड़ित ने पेमेंट लिंक पर क्लिक किया, उनका बैंक अकाउंट खाली हो गया।
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    ठगी का तरीका: फेक ज्योतिषी पहले समस्याओं को सुनकर तार्किक स्पष्टीकरण देते हैं, फिर भविष्य में परिवार की कलह, स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे या नौकरी छूटने जैसी मुसीबतें बताकर 'ज्योतिष रेमेडीज' के लिए एडवांस में पैसे मांगते हैं। पेमेंट के लिए भेजे गए लिंक या ऐप्स अक्सर फोन का एक्सेस या बैंक डिटेल्स चुराने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
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₹60,000 करोड़ का बाज़ार और युवाओं का क्रेज़

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रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के मुताबिक, भारत में एस्ट्रो मार्केट 60,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का है और डिजिटल सेगमेंट में इसके 2030 तक 10 गुना बढ़ने की उम्मीद है।
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    वैश्विक बाज़ार: अकेले अमेरिकी बाज़ार में ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी की वैल्यू करीब $3 बिलियन है।
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    युवाओं का क्रेज़: एस्ट्रोटॉक (AstroTalk) जैसे सबसे पॉपुलर ज्योतिष ऐप्स पर महीने में 50 लाख पेड कंसल्टेशन होते हैं। इसके फाउंडर पुनीत गुप्ता के अनुसार, ऐप के 7 करोड़ यूजर्स में 84% 35 साल से कम उम्र के हैं।
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    सबसे पॉपुलर सवाल: ऐप्स पर सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल? "मेरा Ex कब वापस आएगा?"
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व्यवसाय और AI का उदय:

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अब ज्योतिष का इस्तेमाल सिर्फ शादी या करियर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्टॉक ट्रेडिंग तक पहुँच गया है।
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    ट्रेडिंग में ज्योतिष: 43 साल के कमोडिटी ट्रेडर जय पटेल जैसे कई ट्रेडर्स अब बैलेंस शीट के साथ ग्रह-नक्षत्र भी चेक करते हैं। पटेल बिजनेस कंसल्टेशन के लिए $200 चार्ज करते हैं और $500 प्रति माह में अपना एस्ट्रो-ट्रेडिंग डैशबोर्ड एक्सेस देते हैं।
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    AI की भूमिका: AI टूल्स ने गणना को तेज और सस्ता बना दिया है। AstroSage AI जैसे प्लेटफॉर्म्स दावा करते हैं कि AI स्पीड व एक्यूरेसी में ह्यूमन ज्योतिषियों से बेहतर है और एक ही टाइम में 5 गुना ज्यादा सवालों का जवाब दे सकता है। हालांकि, ऐप्स पर डिस्क्लेमर होता है कि यह सुविधा 'सिर्फ एंटरटेनमेंट' के लिए है।
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साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का अलर्ट

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साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने बढ़ते ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी स्कैम के खतरे पर जागरूकता जारी की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे क्विक सॉल्यूशंस की तलाश में अपनी सुरक्षा को दाँव पर न लगाएं।
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स्कैम से बचने के उपाय

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Cyber Fraud से बचने के लिए, TRAI और साइबर सुरक्षा एजेंसियाँ निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की सलाह देती हैं:
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    गोपनीयता: पर्सनल या फाइनेंशियल डिटेल्स कभी शेयर न करें, न ही किसी अज्ञात पेमेंट लिंक्स पर क्लिक करें।
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    वेरिफिकेशन: बिना वेरिफिकेशन के कोई भी ऐप डाउनलोड या OTP शेयर करने से बचें, क्योंकि ये आपके फोन का एक्सेस दे सकते हैं।
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    असली ज्योतिषी: जेनुइन ज्योतिषी कभी भी बैंक डिटेल्स या OTP नहीं मांगते। पहले ज्योतिषी की विश्वसनीयता (Credibility) वेरिफाई करें।
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