अलीगढ़: 'आई लव मोहम्मद' स्लोगन को लेकर चल रहा विवाद अब कानपुर और बरेली के रास्ते अलीगढ़ पहुंच गया है, जहां इसने एक बड़े बवाल का रूप ले लिया। लोधा इलाके के दो गांवों- बुलकगढ़ी और भगवानपुर में शनिवार सुबह 4 अलग-अलग मंदिरों की दीवारों पर 'आई लव मोहम्मद' लिखा मिलने के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया।READ ALSO:-400 मीटर... 8 शिकार... 5 मौतें! आगरा में 'किलर' कार दौड़ाता रहा इंजीनियर, पुलिस से बचने के चक्कर में मातम मना रहे परिवार पर जा पलटा
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मंदिरों पर नारा देख भड़के ग्रामीण शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने गांव के छोटे-बड़े 4 मंदिरों की दीवारों पर यह विवादित नारा लिखा देखा तो वे भड़क उठे। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। दोनों गांवों के बीच का फासला महज एक किलोमीटर है, जिससे खबर फैलते देर नहीं लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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पुलिस पर 'सबूत मिटाने' और कार्यकर्ता को पीटने का आरोप मामले की सूचना मिलते ही थाना लोधा पुलिस, स्वॉट और सर्विलांस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थिति को शांत करने के लिए तत्काल दीवारों पर लिखे स्लोगन को साफ कराना शुरू कर दिया। लेकिन, पुलिस की यही कार्रवाई ग्रामीणों के गुस्से का कारण बन गई।
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गांव के ही करणी सेना के कार्यकर्ता सचिन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोपियों को पकड़ने से पहले 'सबूत' क्यों मिटाए जा रहे हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि इस बात पर पुलिस कर्मियों ने सचिन के साथ मारपीट की और उसे जबरन थाने ले जाकर बंद कर दिया।
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करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पहुंचे, रिहाई के बाद शांत हुआ मामला कार्यकर्ता को पीटने और हिरासत में लेने की खबर फैलते ही करणी सेना के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह भी पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता देख पुलिस ने कुछ ही देर में सचिन को थाने से रिहा कर दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
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SSP मौके पर पहुंचे, 3 टीमें गठित घटना के बाद एसएसपी नीरज जादौन ने खुद बुलकगढ़ी और भगवानपुर गांवों का दौरा किया और सभी देवस्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। एसएसपी ने बताया कि गांव में पहले से चले आ रहे एक पुराने विवाद के बारे में भी जानकारी मिली है, इस एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी गभाना संजीव तोमर ने बताया कि स्लोगन को मिटा दिया गया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। थाना लोधा में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं।
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कानपुर से शुरू हुआ था 'आई लव मोहम्मद' विवाद यह पूरा विवाद पिछले महीने 6 सितंबर को कानपुर से शुरू हुआ था, जब पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर 'जुलूस-ए-मोहम्मदी' में 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर लहराए गए थे। इस पर कानपुर पुलिस ने 22 लोगों पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद बरेली में भी मौलाना तौकीर रजा की अगुवाई में हुए प्रदर्शन ने तूल पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था और मौलाना को गिरफ्तार किया गया था।
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