नई दिल्ली: सुहागिनों का पवित्र त्योहार करवा चौथ इस साल 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला (बिना पानी) व्रत रखती हैं। करवा चौथ के व्रत का संकल्प सुबह-सुबह 'सरगी' खाने के बाद लिया जाता है, जिसे सास अपनी बहू को प्रेमपूर्वक देती हैं।READ ALSO:-लखनऊ ब्रेकिंग: NACIN ने नव नियुक्त निरीक्षकों के ट्रेनिंग कार्यक्रम में बदलाव किया, विशेष लोक अभियोजक को 'कोर्ट प्रोसीजर' पर ऑफलाइन प्रशिक्षण के लिए बुलाया
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पंचांग के अनुसार, इस साल 10 अक्टूबर को सरगी खाने का एक महाशुभ मुहूर्त बन रहा है, जो व्रत को सफल बनाने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए अति उत्तम है।
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सरगी खाने का शुभ मुहूर्त और समय
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करवा चौथ का व्रत सूर्योदय के साथ शुरू होता है, इसलिए सरगी हमेशा सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल सरगी खाने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त में रहेगा।
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विवरण
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समय (10 अक्टूबर)
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ब्रह्म मुहूर्त आरंभ
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सुबह 4 बजकर 40 मिनट
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ब्रह्म मुहूर्त समापन
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सुबह 5 बजकर 30 मिनट
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सरगी खाने का शुभ मुहूर्त
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सुबह 4 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक
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सूर्य उदय का समय (व्रत आरंभ)
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सुबह 6 बजकर 19 मिनट (दिल्ली के अनुसार)
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में किया गया कोई भी कार्य अत्यंत फलदायी होता है। इस समय सरगी ग्रहण करने से व्रत का पुण्य दोगुना हो जाता है और व्रत सफलतापूर्वक पूरा करने की शक्ति मिलती है।
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करवा चौथ 2025: अन्य शुभ मुहूर्त
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सरगी खाने के बाद, महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को पूजा करती हैं।
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विवरण
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समय (10 अक्टूबर)
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चतुर्थी तिथि आरंभ
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09 अक्टूबर, रात 10 बजकर 54 मिनट से
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चतुर्थी तिथि समापन
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10 अक्टूबर, शाम 07 बजकर 38 मिनट पर
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पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)
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शाम 5 बजकर 57 मिनट से शाम 7 बजकर 11 मिनट तक
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चंद्रोदय का संभावित समय (व्रत पारण)
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रात 8 बजकर 13 मिनट के आसपास (दिल्ली के लिए मानक)
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इस बार करवा चौथ पर सिद्धि योग और शिववास योग का शुभ संयोग भी बन रहा है, जिसे पूजा के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है।
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सरगी की थाली में क्या शामिल करें?
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सरगी केवल एक भोजन नहीं है, बल्कि यह बहू को उसकी सास द्वारा दिया गया आशीर्वाद और प्रेम होता है। व्रत को निर्जला रखने के लिए सरगी में ऐसी चीजें शामिल की जानी चाहिए जो शरीर को दिनभर ऊर्जा और पोषण दें।
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सरगी में शामिल करें ये 5 मुख्य चीजें:
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    फल (Fruits): सेब, केला, अनार जैसे रसीले फल खाने से शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है।
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    सूखे मेवे (Dry Fruits): बादाम, अखरोट, किशमिश जैसे मेवे दिनभर ऊर्जा का स्तर बनाए रखते हैं।
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  5. \r\n
    दूध या दही (Milk/Curd): दही या दूध से बनी कोई मिठाई जैसे फेनी, मठरी या चावल की खीर शामिल करें। ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    मिठाई (Sweets): एक हल्की मीठी चीज (जैसे हलवा या मिठाई) शुभ मानी जाती है।
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    पानी (Water): सरगी समाप्त करने के बाद खूब पानी पिएं ताकि शरीर निर्जला व्रत के लिए तैयार हो सके।
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क्या न खाएं?
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    तली-भुनी चीजें: मसालेदार और तली-भुनी चीजें खाने से बचें, क्योंकि इनसे दिनभर एसिडिटी और प्यास लग सकती है।
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    चाय/कॉफी: चाय या कॉफी से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन को बढ़ावा दे सकती हैं।
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व्रत पारण की विधि
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व्रत का पारण (व्रत तोड़ना) चंद्रोदय के बाद किया जाता है।
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    चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को छलनी से देखें और अर्घ्य दें।
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    चंद्रमा की पूजा करने के बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें।
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    पति के हाथ से जल पीकर और मिठाई खाकर व्रत खोलें।
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  7. \r\n
    इसके बाद सास-ससुर और घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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सवाल 1: सरगी खाने का सबसे सही समय क्या है? जवाब: सरगी खाने का सबसे सही समय सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में यानी 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक है।
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सवाल 2: करवा चौथ 2025 में किस दिन है? जवाब: करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा।
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सवाल 3: करवा चौथ का चंद्रोदय समय क्या है? जवाब: दिल्ली और एनसीआर में चंद्रोदय का संभावित समय रात 8 बजकर 13 मिनट के आसपास रहेगा। विभिन्न शहरों में समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
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सवाल 4: क्या सरगी सास ही देती है? जवाब: हां, सरगी देने की परंपरा मुख्य रूप से सास द्वारा बहू को शुरू होने वाले व्रत के लिए आशीर्वाद के रूप में दी जाती है।
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सवाल 5: सरगी खाते समय किस दिशा में मुख करना शुभ होता है? जवाब: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सरगी ग्रहण करते समय पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है।
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