नई दिल्ली: साल 2025 में कीमती धातुओं में जो तेजी देखी गई थी, साल 2026 के पहले महीने ने उन सभी यादों को धुंधला कर दिया है. कमोडिटी बाजार के इतिहास में जनवरी 2026 को सुनहरे (या कहें रुपहले) अक्षरों में लिखा जाएगा. Silver Price Today (चांदी का भाव) ने शुक्रवार को जिस तरह की चाल दिखाई, उसने न केवल निवेशकों को मालामाल किया है बल्कि बाजार के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है.Read also:-ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं! केंद्र सरकार ने लागू किए बेहद सख्त नियम; साल में 5 गलतियां कीं तो 3 महीने के लिए सस्पेंड होगा आपका ड्राइविंग लाइसेंस
\r\n\r\n\r\n\r\n
महज 23 दिनों या यूं कहें कि 550 घंटों के भीतर चांदी की कीमतों में एक लाख रुपये से अधिक का उछाल दर्ज किया गया है. यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो शायद आने वाले कई दशकों तक न टूटे. शुक्रवार के कारोबारी सत्र में चांदी ने 3.39 लाख रुपये का स्तर छूकर नया इतिहास रच दिया है.
\r\n\r\nजंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर वायदा बाजार से लेकर सर्राफा बाजार तक चांदी में यह 'गदर' क्यों मचा है और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं.
\r\n\r\n\r\n\r\n
Silver Price Today: 550 घंटों का अविश्वसनीय सफर
\r\n\r\nजनवरी 2026 कमोडिटी मार्केट के लिए बेहद तूफानी साबित हो रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट होती है कि चांदी ने किस रफ्तार से दौड़ लगाई है.
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n रिकॉर्ड तेजी: जनवरी महीने के महज 550 घंटों (लगभग 23 दिन) में चांदी की कीमतों में 1,00,000 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.\r\n \r\n
- \r\n ऐतिहासिक तुलना: कमोडिटी बाजार के इतिहास में एक महीने से भी कम समय में चांदी में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई.\r\n \r\n
- \r\n आंकड़े बोलते हैं: साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन चांदी 2,35,701 रुपये पर बंद हुई थी. वहीं, 23 जनवरी 2026 को यह 3,39,927 रुपये के ऑल टाइम हाई (Record Level) पर पहुंच गई.\r\n \r\n
- \r\n कुल मुनाफा: इस छोटी सी अवधि में चांदी ने निवेशकों को 1,04,226 रुपये प्रति किलोग्राम का रिटर्न दिया है.\r\n \r\n
- \r\n प्रतिशत में उछाल: यह तेजी लगभग 44.22 फीसदी की है.\r\n \r\n
- \r\n दैनिक औसत: अगर इसे प्रतिदिन के हिसाब से देखें, तो जनवरी के 23 दिनों में चांदी रोज औसतन 4,531 रुपये महंगी हुई है.\r\n \r\n
\r\n\r\n
यह अपने आप में एक ऐसा आंकड़ा है जिसे देखकर यह कहा जा सकता है कि चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है.
\r\n\r\n\r\n\r\n
MCX पर चांदी की चाल: रॉकेट बने दाम
\r\n\r\nदेश के वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा. गुरुवार को आई गिरावट के बाद किसी को उम्मीद नहीं थी कि शुक्रवार को बाजार इतनी जबरदस्त वापसी करेगा.
\r\n\r\nखबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n शुक्रवार का हाई: कारोबारी सत्र के दौरान Silver Price Today ने 3,39,927 रुपये का सर्वोच्च स्तर छुआ.\r\n \r\n
- \r\n इंट्राडे रिकवरी: एक ही दिन के भीतर चांदी के दाम में 12,638 रुपये का विशाल उछाल देखने को मिला.\r\n \r\n
- \r\n क्लोजिंग भाव: बाजार बंद होने तक चांदी 7,410 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी के साथ 3,34,699 रुपये पर सेटल हुई.\r\n \r\n
- \r\n पिछला क्लोज: इससे पहले गुरुवार को चांदी 3,27,289 रुपये पर बंद हुई थी और शुक्रवार को इसकी ओपनिंग 3,33,333 रुपये पर हुई थी.\r\n \r\n
\r\n\r\n
दिल्ली सर्राफा बाजार: भाव 3.30 लाख के करीब
\r\n\r\nसिर्फ वायदा बाजार ही नहीं, बल्कि हाजिर बाजार (Spot Market) में भी चांदी की चमक ने लोगों की आंखें चौंधिया दी हैं. राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में जोरदार करंट दौड़ गया.
\r\n\r\n\r\n\r\n
शुक्रवार को दिल्ली में चांदी के भाव में 9,500 रुपये का भारी उछाल आया. इस तेजी के साथ चांदी 3,20,000 रुपये से बढ़कर 3,29,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई. गौरतलब है कि इसी हफ्ते बुधवार को चांदी ने 3,34,300 रुपये का रिकॉर्ड बनाया था.
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि जनवरी के मौजूदा महीने में अब तक दिल्ली में चांदी के भाव में कुल 90,500 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है. शादियों के सीजन और औद्योगिक मांग के कारण भौतिक बाजार में चांदी की किल्लत महसूस की जा रही है, जो कीमतों को और हवा दे रही है.
\r\n\r\n\r\n\r\n
विदेशी बाजारों में $100 का बैरियर टूटा
\r\n\r\nभारतीय बाजारों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आया भूचाल है. ग्लोबल मार्केट में चांदी ने एक मनोवैज्ञानिक स्तर (Psychological Level) को तोड़ दिया है.
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n कॉमेक्स (Comex New York): न्यूयॉर्क के कॉमेक्स मार्केट में चांदी 5.15 फीसदी की तेजी के साथ 101.33 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई. 100 डॉलर का स्तर पार करना चांदी के लिए एक ऐतिहासिक घटना है.\r\n \r\n
- \r\n स्पॉट सिल्वर (Spot Silver): हाजिर बाजार में चांदी 7.22 फीसदी की तूफानी तेजी के साथ 103.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.\r\n \r\n
- \r\n यूरोपीय बाजार: यूरोप में चांदी 6.47 फीसदी उछलकर 87.22 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.\r\n \r\n
- \r\n ब्रिटिश बाजार: यूके में भी चांदी 6.15 फीसदी की बढ़त के साथ 75.64 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी.\r\n \r\n
\r\n\r\n
क्यों आ रही है चांदी में इतनी भयंकर तेजी?
\r\n\r\nबाजार विश्लेषकों (Market Experts) के अनुसार, साल 2026 में चांदी की कीमतों में आई इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n औद्योगिक मांग (Industrial Demand): सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. 2026 में ग्रीन एनर्जी के प्रोजेक्ट्स दुनिया भर में अपने चरम पर हैं, जिससे चांदी की खपत कई गुना बढ़ गई है.\r\n \r\n
- \r\n भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की तरफ भाग रहे हैं. सोने के बहुत महंगे होने के कारण चांदी एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है.\r\n \r\n
- \r\n सप्लाई में कमी: मांग के मुकाबले चांदी की माइनिंग (Mining) की रफ्तार धीमी है. सप्लाई और डिमांड के बीच का यह अंतर कीमतों को 'रॉकेट' बना रहा है.\r\n \r\n
- \r\n डॉलर में कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का सीधा फायदा बुलियन मार्केट को मिल रहा है.\r\n \r\n
\r\n\r\n
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
\r\n\r\nजानकारों की मानें तो Silver Price Today में जो उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल रही है, वह अभी जारी रह सकती है. 550 घंटों में 1 लाख रुपये की तेजी यह बताती है कि बाजार बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है.
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n ट्रेडर्स के लिए सलाह: वायदा बाजार में कारोबार करने वालों को सख्त स्टॉप-लॉस (Stop Loss) का पालन करना चाहिए, क्योंकि कीमतें जितनी तेजी से ऊपर जाती हैं, मुनाफावसूली (Profit Booking) आने पर उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकती हैं.\r\n \r\n
- \r\n लंबी अवधि के निवेशक: जिन्होंने निचले स्तरों पर खरीदारी की थी, वे अब भारी मुनाफे में हैं. विशेषज्ञों का सुझाव है कि लंबी अवधि के लिए चांदी अभी भी बुलिश (Bullish) बनी हुई है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर नया निवेश करने से पहले थोड़ा इंतजार करना समझदारी हो सकती है.\r\n \r\n
\r\n\r\n
साल 2026 की शुरुआत ने ही साबित कर दिया है कि यह साल कमोडिटी निवेशकों के लिए 'ब्लॉकबस्टर' रहने वाला है. चांदी की कीमतों में 550 घंटों में 1 लाख रुपये की तेजी न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि यह बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और औद्योगिक जरूरतों का प्रतिबिंब है. शुक्रवार को Silver Price Today ने जो रिकॉर्ड बनाया है, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या चांदी 3.50 लाख का स्तर भी जल्द पार करती है या फिर ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली हावी होती है.
\r\n\r\n\r\n\r\n
जनवरी 2026 में चांदी की कीमतों ने ऐतिहासिक तेजी दिखाते हुए महज 550 घंटों में 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा की बढ़त हासिल की है. शुक्रवार को MCX पर चांदी 3,39,927 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची और 3,34,699 रुपये पर बंद हुई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई है, जबकि दिल्ली सर्राफा बाजार में भाव 3.30 लाख रुपये के करीब पहुंच गए हैं.
\r\n\r\n\r\n\r\n
Disclaimer: यह समाचार केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। कमोडिटी बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
\r\n\r\n

Sabse pehle comment karne wale banein.