भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) पूरे गर्व, उत्साह और राष्ट्रीय एकता के साथ मना रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व का सबसे जीवंत और ऊर्जावान रूप उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर मेरठ में देखने को मिल रहा है। मेरठ को यूं ही 'क्रांतिधरा' (Revolutionary Land) नहीं कहा जाता; यह वही मिट्टी है जिसने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। शनिवार की सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही पूरा शहर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।READ ALSO:-1947 में 10 हजार रुपये में आ जाता था 1 किलो सोना, आज कीमत 1.52 करोड़ के पार! जानिए 79 सालों में कैसे आसमान पर पहुंचा भाव
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हर सड़क, हर गली, हर चौराहे और घरों की छतों पर लहराता तिरंगा इस बात की गवाही दे रहा है कि अमर शहीदों की कुर्बानियों को यह शहर आज भी अपने सीने से लगाए हुए है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि मेरठ शहर में आज 15 अगस्त का यह पावन पर्व किस भव्यता के साथ मनाया जा रहा है।
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प्रशासनिक और सरकारी प्रतिष्ठानों पर फहराया तिरंगा: दी गई राष्ट्रीय सलामी
\r\n\r\nस्वतंत्रता दिवस के इस खास अवसर पर शनिवार सुबह से ही मेरठ के तमाम सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण के आधिकारिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया।
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- \r\n कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट: शहर के हृदय स्थल में स्थित कमिश्नरी और जिला कलेक्ट्रेट पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरे राजकीय सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस दौरान पुलिस बल, पीएसी (PAC) और एनसीसी (NCC) कैडेट्स की टुकड़ियों ने तिरंगे को भव्य सलामी दी। राष्ट्रगान की गूंज ने वहां मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े कर दिए।\r\n \r\n
- \r\n नगर निगम और विकास भवन: नगर निगम परिसर में महापौर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से झंडारोहण किया और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने का संकल्प लिया।\r\n \r\n
- \r\n अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र: मेरठ के लाला लाजपत राय स्मारक (LLRM) मेडिकल कॉलेज और पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां देशभक्ति के साथ-साथ मानवता का भी परिचय दिया गया। अधिकारियों और समाजसेवियों ने वार्डों में जाकर मरीजों को फल और मिठाइयां बांटीं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।\r\n \r\n

राजनीतिक दलों में दिखा गजब का उत्साह: रालोद कार्यालय पर हुआ भव्य आयोजन
\r\n\r\nआजादी का यह जश्न दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मनाया जा रहा है। शहर के सभी जनप्रतिनिधियों—चाहे वह सांसद हों, विधायक हों या पार्षद—ने अपने-अपने विधानसभा व वार्ड क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की और जनता को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दीं।
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राष्ट्रीय लोक दल (RLD) का विशेष कार्यक्रम: विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ने लगा था। विशेष रूप से मेरठ स्थित राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के जिला कार्यालय पर एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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- \r\n पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, क्षेत्रीय नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शान से तिरंगा फहराया गया।\r\n \r\n
- \r\n ध्वजारोहण के पश्चात् सभी ने मौन रखकर स्वतंत्रता संग्राम के उन गुमनाम नायकों और वीर जवानों को नमन किया, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह आजाद हवा दी है।\r\n \r\n
- \r\n कार्यक्रम के दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों—'वंदे मातरम', 'भारत माता की जय' और 'अमर शहीद अमर रहें'—से पूरे प्रांगण को गुंजायमान कर दिया। वहां मौजूद वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए हमेशा तत्पर रहें।\r\n \r\n
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इसी तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कार्यालयों पर भी ध्वजारोहण कर मिष्ठान वितरण किया गया, जिसने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को देशभक्ति के एक ही धागे में पिरो दिया।
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शिक्षा के मंदिरों में गूंजे देशभक्ति के तराने: नौनिहालों ने मोहा मन
\r\n\r\nस्वतंत्रता दिवस की असली रौनक और ऊर्जा शहर के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में देखने को मिली। शिक्षण संस्थानों में शनिवार का दिन पूरी तरह से सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति के नाम रहा।
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- \r\n आकर्षक झांकियां और वेशभूषा: छोटे-छोटे बच्चे महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस और रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान विभूतियों के रूप में सज-धज कर स्कूल पहुंचे। उनकी मासूमियत और जोश ने सभी का दिल जीत लिया।\r\n \r\n
- \r\n प्रतियोगिताओं का दौर: विभिन्न स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता, वीर रस की काव्य पाठ प्रतियोगिता और देशभक्ति गीत-संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए गए। "ऐ मेरे वतन के लोगों" और "कर चले हम फिदा" जैसे गीतों पर जब छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं, तो दर्शकों की आंखें नम हो गईं।\r\n \r\n
- \r\n विश्वविद्यालय में जश्न: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) कैंपस में भी कुलपति द्वारा ध्वजारोहण किया गया, जहां छात्र-छात्राओं ने 'सशक्त भारत - विकसित भारत' के विषय पर सेमिनार और नाटकों का मंचन किया।\r\n \r\n
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सड़कों पर उतरा युवाओं का हुजूम: पूरे शहर में निकली विशाल 'तिरंगा यात्रा'
\r\n\r\nस्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर मेरठ की सड़कों का नजारा किसी महाकुंभ से कम नहीं था। शहर के विभिन्न हिस्सों—बेगमपुल, हापुड़ अड्डा, आबू लेन, और शास्त्री नगर—में दर्जनों सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने भव्य 'तिरंगा यात्रा' (Tiranga Yatra) का आयोजन किया।
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- \r\n बाइकों और खुली जीपों पर युवाओं का जोश: सैकड़ों युवा अपनी बाइकों और खुली गाड़ियों पर बड़े-बड़े राष्ट्रीय ध्वज लेकर शहर की सड़कों पर निकले। डीजे की थाप पर बजते देशभक्ति गीतों और 'जय हिंद' के जयकारों ने पूरे शहर में एक अभूतपूर्व ऊर्जा भर दी।\r\n \r\n
- \r\n व्यापारिक संगठनों की भागीदारी: शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापार मंडलों ने हर दुकान को तिरंगे और गुब्बारों से सजाया था। कई जगह छबील लगाकर और बूंदी-लड्डू बांटकर आजादी का जश्न मनाया गया।\r\n \r\n
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चप्पे-चप्पे पर रही सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
\r\n\r\nजश्न के इस माहौल में कोई खलल न पड़े, इसके लिए मेरठ पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और तिरंगा यात्रा के मार्गों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों से शहर की निगरानी की गई, ताकि नागरिक बिना किसी डर के स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व का आनंद ले सकें।
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मेरठ में 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह जश्न सिर्फ एक रस्म या औपचारिकता नहीं था; यह उन अनगिनत बलिदानियों के प्रति 150 साल पुरानी 'क्रांतिधरा' की एक सच्ची और भावभीनी श्रद्धांजलि थी। आज शहर के हर नागरिक—चाहे वह नेता हो, अधिकारी हो, व्यापारी हो या छात्र—ने एक सुर में यही संदेश दिया है कि भारत की एकता, अखंडता और तिरंगे का सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है।
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