पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में SIR (Special Summary Revision) फॉर्म भरने की अंतिम तारीख खत्म हो चुकी है। अब सबकी निगाहें कल यानी 16 दिसंबर (सोमवार) पर टिकी हैं, जब इन राज्यों में 'ड्राफ्ट वोटर लिस्ट' (Draft Voter List) का प्रकाशन किया जाएगा।READ ALSO:-कुदरत की आतिशबाजी: आज रात आसमान में होगी 'सितारों की बरसात', 1 घंटे में 70 बार टूटेंगे तारे; जानें इस खगोलीय घटना का पूरा सच
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चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। आयोग के मुताबिक, राज्य में करीब 58 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने की कगार पर हैं। वजह साफ है—या तो इन्होंने SIR फॉर्म नहीं भरा या फिर उनके फॉर्म में बड़ी गड़बड़ियां पाई गई हैं।
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बंगाल में 7.59% वोटर्स ने नहीं भरा फॉर्म

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चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया गया था।
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    बीएलओ (BLO) ने घर-घर जाकर तीन बार संपर्क किया।
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    ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी दी गई।
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    बावजूद इसके, 11 दिसंबर तक कुल 58,17,851 मतदाता फॉर्म जमा करने में विफल रहे। यह आंकड़ा राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 7.59% है। आयोग ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने फॉर्म नहीं भरा है या जिनके सत्यापन में कमी रह गई है, उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रखे जा सकते हैं।
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क्यों कट रहे हैं इतने नाम? (आंकड़ों का खेल)

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इन 58 लाख नामों में केवल लापरवाही ही वजह नहीं है, बल्कि कई अन्य कारण भी शामिल हैं। आयोग के डेटा के मुताबिक:
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    मृतक मतदाता: लगभग 24,19,158 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
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    लापता मतदाता: करीब 12,10,434 मतदाताओं का कोई पता नहीं चल पा रहा है।
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    शिफ्ट हो चुके लोग: 19,92,816 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
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    अन्य कारण: 1,37,747 लोग पहले से एनरोल हैं और 57,696 अन्य कारणों से लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
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गड़बड़ी मिली तो होगी 'सुनवाई'

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जिन मतदाताओं के SIR फॉर्म में गड़बड़ी मिली है, उन्हें ड्राफ्ट लिस्ट में जगह नहीं मिलेगी। हालांकि, आयोग ने उन्हें एक मौका दिया है। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई (Hearing) के लिए बुलाया जाएगा। सुनवाई के दौरान अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए उन्हें आयोग द्वारा मान्य 12 दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा। इनमें प्रमुख हैं:
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    पासपोर्ट (Passport)
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    डोमिसाइल सर्टिफिकेट (Domicile Certificate)
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    जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) इन दस्तावेजों की जांच और कठोर सत्यापन के बाद ही उनका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा।
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कैसे चेक करें अपना नाम? (Online & Offline Process)

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16 दिसंबर को लिस्ट जारी होते ही आप इन तरीकों से अपना नाम चेक कर सकते हैं:
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1. ऑनलाइन तरीका (Online Method):
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    सबसे पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट eci.gov.in या voters.eci.gov.in पर जाएं।
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    'Search in Electoral Roll' विकल्प चुनें।
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    अपना नाम, राज्य और EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर) दर्ज करें।
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    अगर आपका नाम लिस्ट में है, तो विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।
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2. ऑफलाइन तरीका (Offline Method):

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    अपने क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन (मतदान केंद्र) पर जाएं।
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    वहां मौजूद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ड्राफ्ट लिस्ट उपलब्ध होगी।
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    आप ब्रांच लेवल एजेंट (BLAs) की मदद से भी लिस्ट चेक कर सकते हैं।
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नाम नहीं मिला तो क्या करें?

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अगर आपका नाम 16 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
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    चुनाव आयोग ने इसके लिए एक महीने का समय दिया है।
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    आप नाम जोड़ने (Form 6), हटाने (Form 7) या सुधार के लिए संबंधित बूथ पर आवेदन कर सकते हैं।
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    मृत या डुप्लीकेट एंट्री के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आयोग इन दावों और आपत्तियों का सत्यापन करेगा और सुनवाई के बाद फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
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लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत होती है। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा और अन्य राज्यों के नागरिकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे 16 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2025 में अपना नाम जरूर चेक करें। अगर आपका नाम कट गया है, तो तुरंत निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराएं और सुनवाई प्रक्रिया में भाग लें। याद रखें, सजग मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
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