नई दिल्ली (ख़बरीलाल विशेष): वैश्विक अर्थव्यवस्था के आसमान पर छाए अनिश्चितता के बादलों और पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार (Indian Bullion Market) से शुक्रवार को निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ व्यापारिक सत्रों से लगातार भारी गिरावट, मंदी और बिकवाली का सामना कर रही दोनों कीमती धातुओं—सोने और चांदी (Gold and Silver)—ने आज बाजार खुलते ही शानदार वापसी की है।READ ALSO:-मेरठ में 13.55 करोड़ का महा-GST घोटाला: 18 बोगस फर्मों के जरिए सरकार को लगाया चूना, मास्टरमाइंड 14 दिन की रिमांड पर
\r\n\r\n\r\n\r\n
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात सामान्य होने और तनाव कम होने की नई उम्मीदों ने कमोडिटी बाजार के सेंटिमेंट (Market Sentiment) को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत तक का जबरदस्त और अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया। इस जोरदार रिकवरी ने उन लाखों निवेशकों, व्यापारियों और आम खरीदारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है, जो पिछले सत्र की भारी गिरावट और पूंजी के नुकसान से घबराए हुए थे। ख़बरीलाल की इस विस्तृत और गहन व्यावसायिक रिपोर्ट में आइए विस्तार से समझते हैं MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक के ताजा हालात, इस भारी उछाल के पीछे के अर्थशास्त्र, बाजार विशेषज्ञों का भविष्य का नजरिया और घर बैठे असली चांदी पहचानने के बेहद कारगर तरीके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
MCX पर कीमतों का तूफान: सोने और चांदी ने लगाई रिकॉर्ड छलांग
\r\n\r\nघरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार सुबह का सत्र निवेशकों के लिए किसी बंपर दिवाली से कम नहीं था। बाजार खुलते ही शानदार खरीदारी (Buying Momentum) के दम पर दोनों कीमती धातुओं के ग्राफ हरे निशान (Green Mark) में मजबूती से ऊपर चढ़ते नजर आए। शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी के चलते भाव तेजी से ऊपर भागे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सोने (Gold) की लौटी असली चमक MCX पर अप्रैल वायदा (April Futures) सोने की कीमतों में सुबह के सत्र में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सुबह करीब 10:45 बजे सोने के भाव में 2.30 प्रतिशत (यानी लगभग 3,348 रुपये प्रति 10 ग्राम) की शानदार और मजबूत बढ़त देखी गई। इस भारी उछाल के साथ सोना 1,48,302 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने इंट्रा-डे हाई (Intra-day High) के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, जैसे-जैसे दिन का कारोबार आगे बढ़ा और ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली (Profit Booking) हावी हुई, इसमें मामूली उतार-चढ़ाव भी देखा गया। दिन के मध्य में यह 1,47,534 रुपये के स्तर के आसपास स्थिरता के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद यह स्तर निवेशकों के लिए एक मजबूत वापसी का और 'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) रणनीति की सफलता का संकेत है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
चांदी (Silver) ने तोड़े सारे बैरियर, बनी बाजार की 'सुपरस्टार' शुक्रवार के कारोबारी सत्र में अगर किसी एक कमोडिटी ने पूरे बाजार का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, तो वह चांदी रही। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश दोनों का फायदा उठाते हुए चांदी की चमक सोने से भी कहीं अधिक तेज और आक्रामक रही। MCX पर मई वायदा (May Futures) चांदी की कीमतों में 3.68 प्रतिशत (यानी लगभग 8,540 रुपये प्रति किलोग्राम) की भारी-भरकम और ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस जबरदस्त उछाल के साथ चांदी के भाव 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक और बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर को पार कर गए। गौरतलब है कि ठीक पिछले ट्रेडिंग सत्र में भारी बिकवाली (Sell-off) और पैनिक के चलते चांदी लुढ़ककर 2.20 लाख रुपये के बेहद निचले स्तर के करीब पहुंच गई थी। उस गर्त से निकलकर सीधे 2.40 लाख तक की यह वी-शेप रिकवरी (V-Shape Recovery) बाजार में चांदी की मजबूत अंतर्निहित डिमांड (Underlying Demand) को दर्शाती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अंतरराष्ट्रीय बाजार (Global Market) का परिदृश्य: कोमेक्स पर भी छाई तेजी
\r\n\r\nभारतीय सर्राफा बाजार कोई अलग-थलग द्वीप नहीं है; यह पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड्स और अंतरराष्ट्रीय मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा को फॉलो करता है। शुक्रवार को विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं का एकतरफा दबदबा देखने को मिला, जिसने भारतीय बाजारों को सीधा सहारा दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज 'कोमेक्स' (Comex) पर भी सोने और चांदी में शानदार खरीदारी देखी गई:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n गोल्ड (Gold on Comex): कोमेक्स पर सोना 2.40 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 4,716 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर भी केंद्रीय बैंकों और बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) ने निचले स्तरों पर जमकर सोने की जमाखोरी की है।\r\n \r\n
- \r\n सिल्वर (Silver on Comex): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी ने भी बेस मेटल्स में आई तेजी का फायदा उठाते हुए 3.61 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाई और यह 73.78 डॉलर प्रति औंस के शानदार स्तर पर कारोबार करती हुई नजर आई।\r\n \r\n
\r\n\r\n
आखिर क्यों आई बाजार में यह अचानक तेजी? (आर्थिक और भू-राजनीतिक कारण)
\r\n\r\nबाजार में आए इस अचानक और भारी उछाल के पीछे केवल एक कारण नहीं, बल्कि कई वैश्विक, कूटनीतिक और आर्थिक कारकों का एक जटिल मिश्रण छिपा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के जाने-माने कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने इस स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला है और बाजार की नब्ज टटोलने की कोशिश की है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मानव मोदी के अनुसार, "सोने की कीमतों में आज जो स्थिरता और तेज रिकवरी देखी गई है, वह निचले स्तरों पर आई आक्रामक वैल्यू बाइंग (Value Buying) का सीधा नतीजा है। बाजार को महसूस हुआ कि कीमतें ओवरसोल्ड (Oversold) ज़ोन में चली गई थीं। हालांकि, निवेशकों को अत्यधिक उत्साह में यह नहीं भूलना चाहिए कि साप्ताहिक आधार पर (Weekly Basis) सोना अभी भी पिछले छह वर्षों की अपनी सबसे खराब गिरावट के दौर से गुजर रहा है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
गिरावट और फिर अचानक रिकवरी के 4 प्रमुख कारण:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव (Middle East Geopolitical Tensions): पिछले कुछ महीनों से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक बाजार में भारी अस्थिरता पैदा कर दी थी। युद्ध की आशंकाओं ने ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) को बाधित करने की धमकी दी थी, जिससे पूरी दुनिया में मुद्रास्फीति (Inflation) की चिंताएं गहरा गई थीं। अब जब कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए तनाव कम होने की खबरें आ रही हैं, तो निवेशकों का जोखिम उठाने का माद्दा (Risk Appetite) वापस लौट रहा है।\r\n \r\n
- \r\n फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर सस्पेंस (US Fed Interest Rates): अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें लगातार कम हो रही थीं। अर्थशास्त्र का सीधा नियम है कि जब ब्याज दरें ज्यादा रहती हैं, तो सरकारी बांड्स में रिटर्न ज्यादा मिलता है, जिससे सोने जैसे 'बिना ब्याज वाले' (Non-yielding) निवेश का आकर्षण कम हो जाता है। लेकिन हालिया अमेरिकी रोजगार डेटा ने संकेत दिया है कि फेड जल्द ही दरें घटाने पर विचार कर सकता है, जिससे सोने को बूस्ट मिला है।\r\n \r\n
- \r\n डॉलर इंडेक्स और ट्रेजरी यील्ड का दबाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में आई हालिया मजबूती और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields) में बढ़ोतरी ने पिछले दिनों सोने की 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) वाली मांग पर भारी दबाव बनाया था। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स में मामूली नरमी ने सोने-चांदी को ऊपर उठने का स्पेस दिया।\r\n \r\n
- \r\n कच्चे तेल (Crude Oil) का खेल: कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने भी महंगाई की आग में घी डालने का काम किया है। जब महंगाई बढ़ती है, तो ऐतिहासिक रूप से सोना ही संपत्ति को बचाने का सबसे बेहतरीन हेज (Hedge against inflation) माना जाता है। कच्चे तेल की अस्थिरता ने निवेशकों को सोने की ओर वापस मोड़ा है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए तकनीकी स्तर (Crucial Technical Levels)
\r\n\r\nजो निवेशक या इंट्रा-डे ट्रेडर MCX पर सीधे ट्रेडिंग करते हैं, उनके लिए बाजार विशेषज्ञों और चार्ट एनालिस्ट्स ने कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट (Support) और रेजिस्टेंस (Resistance) स्तर बताए हैं। इन स्तरों को ध्यान में रखकर ही आगे की रणनीति बनानी चाहिए:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n सोने के तकनीकी स्तर (Gold Levels): MCX पर सोने के लिए नीचे की तरफ 1,47,000 रुपये का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट (सहारा) बना हुआ है। जब तक सोना इसके ऊपर टिका हुआ है, तब तक शॉर्ट-टर्म में तेजी की उम्मीद कायम है। वहीं, ऊपर की ओर 1,50,000 रुपये से लेकर 1,52,000 रुपये के बीच एक बहुत ही तगड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) ज़ोन है। इसे पार करने के बाद ही कोई नई और बड़ी रैली देखने को मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n चांदी के तकनीकी स्तर (Silver Levels): चांदी की प्रकृति हमेशा से सोने के मुकाबले अधिक अस्थिर (Volatile) रही है। वर्तमान स्थिति में चांदी के लिए 2,33,000 रुपये का सपोर्ट लेवल सबसे अहम है। अगर बाजार में यह तेजी बरकरार रहती है, तो ऊपर की तरफ इसे 2,43,000 से लेकर 2,46,000 रुपये के कड़े रेजिस्टेंस लेवल का सामना करना होगा। ट्रेडर्स को सलाह है कि बिना स्टॉप-लॉस (Stop Loss) के कोई भी बड़ी पोजीशन न बनाएं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
ख़बरीलाल विशेष जन-जागरूकता मार्गदर्शिका: असली और नकली चांदी की पहचान कैसे करें?
\r\n\r\nत्यौहारी सीजन हो, शादियों का मौसम हो या फिर बाजार में आई यह ताजा तेजी, जब भी चांदी की कीमतें आसमान छूती हैं, तो बाजार में मिलावटखोर और जालसाज भी पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं। आम जनता अक्सर गहने, बर्तन, सिक्के या मूर्तियां खरीदते समय असली और नकली के बीच का फर्क नहीं समझ पाती और अपनी गाढ़ी कमाई गवां बैठती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी खरीदी गई चांदी 100% शुद्ध (Pure Silver) है या उसमें गिलट, एल्युमिनियम या कॉपर की मिलावट की गई है। ख़बरीलाल आपके लिए लेकर आया है 4 ऐसे बेहद आसान, प्रामाणिक और वैज्ञानिक 'होम टेस्ट', जिन्हें आप बिना किसी केमिकल के घर बैठे कर सकते हैं और चंद सेकंड में असली और नकली चांदी का दूध का दूध और पानी का पानी कर सकते हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
1. मैग्नेट टेस्ट (The Magnet Test - चुंबक से अचूक जांच)
\r\n\r\nयह सबसे आसान, प्राथमिक और दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है। विज्ञान के अनुसार, असली और शुद्ध चांदी 'पैरामैग्नेटिक' (Paramagnetic) धातु की श्रेणी में आती है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि इसमें चुंबकीय गुण शून्य होते हैं और यह चुंबक की ओर बिल्कुल भी आकर्षित नहीं होती।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n टेस्ट कैसे करें: एक मजबूत चुंबक लें (अगर 'नियोडिमियम चुंबक' - Neodymium magnet हो तो सबसे बेहतर है, क्योंकि यह बहुत शक्तिशाली होता है)। इस चुंबक को अपने खरीदे गए चांदी के गहने, बर्तन या सिक्के के बिल्कुल पास ले जाएं।\r\n \r\n
- \r\n सटीक नतीजा: अगर आपकी वस्तु चुंबक से तुरंत चिपक जाती है, तो वह निश्चित रूप से 100% नकली है या उसमें लोहे, निकल या स्टील की बहुत भारी मिलावट है। अगर चुंबक फिसल जाता है और बिल्कुल नहीं चिपकता, तो यह इस बात का पहला संकेत है कि चांदी असली हो सकती है। (ध्यान दें: यह टेस्ट प्राथमिक है, क्योंकि कुछ अन्य गैर-चुंबकीय धातुएं भी होती हैं, इसलिए अन्य टेस्ट भी जरूरी हैं।)\r\n \r\n
\r\n\r\n
2. आइस टेस्ट (The Ice Test - बर्फ से तापीय चालकता की जांच)
\r\n\r\nयह टेस्ट विज्ञान के 'थर्मल कंडक्टिविटी' (Thermal Conductivity) यानी ऊष्मा चालकता के सिद्धांत पर काम करता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सभी ज्ञात धातुओं में चांदी ऊष्मा (Heat) की सबसे अच्छी और सबसे तेज सुचालक होती है। इसका मतलब है कि यह अपने आस-पास के तापमान को बहुत तेजी से सोखती है और ट्रांसफर करती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n टेस्ट कैसे करें: अपने चांदी के सिक्के, बिस्कुट या किसी सपाट बर्तन को टेबल पर रखें। अब फ्रीजर से बर्फ का एक छोटा टुकड़ा (Ice cube) निकालें और उसे ठीक चांदी के ऊपर रख दें।\r\n \r\n
- \r\n सटीक नतीजा: असली चांदी पर रखी बर्फ सामान्य कमरे के तापमान के मुकाबले बहुत ज्यादा तेजी से पिघलने लगेगी। आपको ऐसा लगेगा मानो आपने बर्फ के टुकड़े को किसी गर्म तवे या हीटर पर रख दिया हो। बर्फ का पानी तेजी से चारों ओर फैलने लगेगा। इसके विपरीत, अगर धातु नकली है या उसमें भारी मिलावट है, तो बर्फ अपने प्राकृतिक और सामान्य समय में ही धीरे-धीरे पिघलेगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
3. स्मेल टेस्ट (The Smell Test - गंध से मिलावट की पहचान)
\r\n\r\nहमारी नाक भी कई बार सबसे अच्छी टेस्टिंग मशीन साबित होती है। रसायन विज्ञान (Chemistry) के अनुसार, शुद्ध धातुओं (जैसे सोना, चांदी, प्लैटिनम) की अपनी कोई भी तेज या विशिष्ट गंध (Odorless) नहीं होती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n टेस्ट कैसे करें: अपनी चांदी की वस्तु को हाथों के बीच या किसी कपड़े से थोड़ी देर तक जोर से रगड़ें ताकि थोड़ा घर्षण (Friction) पैदा हो। इसके बाद वस्तु को अपनी नाक के पास ले जाकर गहराई से सूंघें।\r\n \r\n
- \r\n सटीक नतीजा: असली और उच्च शुद्धता वाली (99.9% या 92.5% स्टर्लिंग) चांदी में से कोई भी गंध नहीं आनी चाहिए। लेकिन, अगर आपको सूंघने पर उसमें से तांबे (Copper), पीतल, लोहे या किसी अन्य धातु जैसी अजीब सी खट्टी, मेटैलिक या जंग लगी गंध आ रही है, तो समझ लीजिए कि उसमें भारी मिलावट की गई है। अक्सर चांदी की पॉलिश चढ़े हुए तांबे के बर्तनों में से ऐसी गंध आती है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
4. क्लॉथ टेस्ट (The Cloth Test - ऑक्सीडेशन और कपड़े से जांच)
\r\n\r\nयह एक बेहद पुराना और कारगर सुनार का नुस्खा है। असली चांदी हवा में मौजूद हाइड्रोजन सल्फाइड (Hydrogen Sulfide) गैस और नमी के साथ बहुत जल्दी रासायनिक प्रतिक्रिया (Chemical reaction) करती है। इसी वजह से असली चांदी समय के साथ काली पड़ने लगती है (इसे ऑक्सीडेशन या टार्निशिंग कहते हैं)। इस प्राकृतिक गुण का इस्तेमाल उसकी शुद्धता जांचने के लिए आसानी से किया जा सकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n टेस्ट कैसे करें: एक एकदम साफ, मुलायम और सफेद रंग का सूती कपड़ा (White Cotton Cloth) लें। इस सफेद कपड़े से अपनी चांदी की वस्तु को थोड़ी ताकत लगाकर अच्छी तरह रगड़ें।\r\n \r\n
- \r\n सटीक नतीजा: अगर रगड़ने के बाद उस सफेद कपड़े पर काले रंग का हल्का दाग, धब्बा या निशान (Black/Dark Marks) आ जाता है, तो यह इस बात का स्पष्ट और पक्का संकेत है कि आपकी चांदी असली है। दरअसल रगड़ने से चांदी के ऊपर जमी हुई अदृश्य टार्निश कपड़े पर आ जाती है। इसके विपरीत, नकली, स्टेनलेस स्टील या केवल चांदी का पानी (Silver Plating) चढ़ी हुई धातुओं को आप कितना भी रगड़ लें, कपड़े पर कोई काला निशान नहीं आएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
निवेशकों के लिए ख़बरीलाल की विशेष सलाह (Investment Strategy)
\r\n\r\nबाजार के इस उथल-पुथल भरे माहौल में, विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं लेना चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n डायवर्सिफिकेशन (Diversification): अपने पूरे पोर्टफोलियो का केवल 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही सोने या चांदी में निवेश करें।\r\n \r\n
- \r\n सॉवरेन गोल्ड बांड (SGB): अगर आप केवल निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो फिजिकल गोल्ड (गहने/सिक्के) के बजाय भारत सरकार द्वारा जारी सॉवरेन गोल्ड बांड्स (SGB) या गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) को प्राथमिकता दें। इसमें मेकिंग चार्ज नहीं लगता, शुद्धता की गारंटी होती है और सरकार सालाना 2.5% का अतिरिक्त ब्याज भी देती है।\r\n \r\n
- \r\n हॉलमार्क (Hallmark): यदि भौतिक आभूषण ही खरीदने हैं, तो हमेशा BIS हॉलमार्क वाला (जैसे 22K916) ही खरीदें। बिना पक्के बिल (GST Invoice) के कोई भी कीमती धातु खरीदना भविष्य में परेशानी का सबब बन सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
सर्राफा बाजार अपनी अंतर्निहित प्रकृति से ही बेहद संवेदनशील और अस्थिर (Volatile) होता है। दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली घटना, भू-राजनीतिक खबरें, या वैश्विक आर्थिक आंकड़े इसके ग्राफ को पल भर में जमीन से आसमान या आसमान से जमीन पर ला सकते हैं। शुक्रवार की यह भारी 3 प्रतिशत की तेजी निश्चित रूप से भारतीय सर्राफा बाजार के लिए एक पॉजिटिव और नई ऊर्जा भरने वाला संकेत है। पश्चिम एशिया में शांति की हर खबर इस बाजार को और मजबूती प्रदान करेगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हालांकि, अल्पकालिक (Short-term) ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस के साथ ही काम करना चाहिए, जबकि दीर्घकालिक (Long-term) निवेशकों को किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के ट्रेंड का अध्ययन करने और अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की राय जरूर लेनी चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सोना और चांदी केवल दिखावे के आभूषण नहीं हैं, बल्कि ये पीढ़ियों से संकट के समय के सबसे बेहतरीन और सच्चे आर्थिक साथी (Safe Haven) रहे हैं। इनकी खरीदारी करते समय सतर्क रहें, जागरूक रहें और ऊपर बताए गए टेस्ट्स का उपयोग करके अपनी गाढ़ी कमाई को ठगों से बचाएं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
व्यापार जगत, शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट और देश-दुनिया की हर महत्वपूर्ण खबर की सबसे तेज और सटीक अपडेट के लिए जुड़े रहें आपके भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल ख़बरीलाल के साथ।
Sabse pehle comment karne wale banein.