उत्तर प्रदेश में बिजली का इस्तेमाल करने वाले और खासतौर पर 'स्मार्ट मीटर' (Smart Meter) उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को वापस पोस्टपेड में परिवर्तित कराने की प्रक्रिया में 'सिक्योरिटी धनराशि' (Security Deposit) के समायोजन को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है।READ ALSO:-UPPCL का महा-आदेश: यूपी में अब कोई 'प्रीपेड' स्मार्ट मीटर नहीं! सिक्योरिटी मनी और बिलिंग के बदल गए नियम, पढ़ें एमडी नितीश कुमार का पूरा सर्कुलर
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प्रबंध निदेशक नितीश कुमार द्वारा 7 मई 2026 को जारी किए गए इस संशोधित आदेश के मुताबिक, जो उपभोक्ता अपने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलवा रहे हैं, उन पर सिक्योरिटी मनी का एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। इसके बजाय, विभाग यह राशि बिल के जरिए 4 आसान किस्तों में वसूल करेगा।
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क्या है पूरा मामला और क्यों जारी हुआ यह नया आदेश?
\r\n\r\nदरअसल, जब उपभोक्ताओं ने अपने पुराने मीटरों को 'स्मार्ट प्रीपेड मीटर' (Smart Prepaid Meter) में बदलवाया था, तो नियम के अनुसार उनकी पहले से जमा की गई सिक्योरिटी धनराशि को उनके प्रीपेड खाते/बिल में समायोजित (Adjust) कर दिया गया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nस्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के पोस्टपेड में परिवर्तन पर सिक्युरिटी धनराशि के सम्बंध में आवश्यक सूचना।@CMOfficeUP @EMofficeUP @aksharmaBharat @mduppcl pic.twitter.com/1VnnBRkXSA
\r\n— UPPCL (@UPPCLLKO) May 8, 2026
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अब चूंकि कई उपभोक्ता वापस प्रीपेड से 'पोस्टपेड' (Postpaid) व्यवस्था की तरफ लौट रहे हैं, तो पोस्टपेड कनेक्शन के नियमों के तहत विभाग के पास एक निश्चित सिक्योरिटी धनराशि (Security Money) जमा होनी अनिवार्य है। इसी सिक्योरिटी धनराशि को उपभोक्ताओं से वापस लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए UPPCL ने पत्रांक संख्या: 306 (दिनांक 07.05.2026) के माध्यम से पूर्व के आदेश (दिनांक 06.05.2026) के बिंदु-7 में बड़ा संशोधन किया है।
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4 समान किस्तों में कटेगी धनराशि, नहीं पड़ेगा एकमुश्त बोझ
\r\n\r\nUPPCL के नए आदेश के अनुसार, उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी के नाम पर एक साथ बड़ी रकम जमा करने की कोई जरूरत नहीं होगी। विभाग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है:
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- \r\n किस्तों में वसूली: जो सिक्योरिटी धनराशि प्रीपेड में जाने पर समायोजित कर दी गई थी, उसे अब चार (4) समान मासिक किस्तों में बांटा जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n कब से शुरू होगी कटौती? इस धनराशि की पहली किस्त उपभोक्ता के जून-2026 के बिजली बिल में जुड़कर आएगी (ध्यान रहे, जून महीने का बिल जुलाई-2026 में जनरेट होता है)।\r\n \r\n
- \r\n इसके बाद लगातार आगे के 3 मासिक बिलों (जुलाई, अगस्त और सितंबर) में बाकी की किस्तें जुड़कर आएंगी, जिससे 4 महीनों में सिक्योरिटी धनराशि का पूरा समायोजन हो जाएगा।\r\n \r\n
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सॉफ्टवेयर (RMS) के जरिए स्वतः (Auto) होगा काम
\r\n\r\nउपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया के लिए बिजली विभाग के कार्यालय (Power House) के चक्कर लगाने की या अलग से कोई फॉर्म भरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। कारपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि बिल में किस्तों को जोड़ने का यह पूरा कार्य रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS - Revenue Management System) सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः (Automatically) कर दिया जाएगा। उपभोक्ता अपने मासिक बिल में ही इस किस्त का स्पष्ट विवरण देख सकेंगे।
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किन-किन बिजली वितरण निगमों पर लागू होगा यह आदेश?
\r\n\r\nUPPCL के प्रबंध निदेशक द्वारा जारी यह शासनादेश पूरे उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख विद्युत वितरण निगमों के लिए प्रभावी होगा। इसकी प्रतिलिपि प्रदेश के निम्नलिखित निगमों के प्रबंध निदेशकों को कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए भेजी गई है:
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- \r\n पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (वाराणसी)\r\n \r\n
- \r\n मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (लखनऊ)\r\n \r\n
- \r\n पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (मेरठ)\r\n \r\n
- \r\n दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा)\r\n \r\n
- \r\n केस्को (KESCO - कानपुर)\r\n \r\n
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यह नया शासनादेश उपभोक्ताओं को वित्तीय सुविधा देने के साथ-साथ विभाग की बिलिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जो भी उपभोक्ता अपना मीटर कन्वर्ट करवा चुके हैं या करवाने वाले हैं, वे जुलाई में आने वाले अपने बिजली बिल की कॉपी में इस किस्त का विवरण जरूर चेक करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.