यूपीपीसीएल (UPPCL) के एमडी नितीश कुमार (IAS) ने 6 मई 2026 को नया आदेश जारी किया है। आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगे सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब तत्काल पोस्टपेड में बदले जा रहे हैं। नई व्यवस्
Published at : 08 May 2026, 05:21 PM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
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UPPCL Converts All Smart Prepaid Meters to Postpaid in UP
लखनऊ (UP Electricity Latest News 2026): उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं की सहूलियत और बिलिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। 6 मई 2026 को UPPCL के प्रबंध निदेशक (MD) आईएएस नितीश कुमार द्वारा सभी डिस्कॉम (पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को) के प्रबंध निदेशकों को एक सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है।READ ALSO:-मेरठ में खौफनाक वारदात: रोटियां सेंक रही साली पर जीजा ने किया चाकू से ताबड़तोड़ हमला, वजह जानकर कांप जाएगी रूह!
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इस नए आदेश के तहत, प्रदेश में वर्तमान में जितने भी स्मार्ट मीटर 'प्रीपेड मोड' (Prepaid Mode) में चल रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से 'पोस्टपेड मोड' (Postpaid Mode) में परिवर्तित किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया UPPCL मुख्यालय के RMS बैकएंड सर्वर से ऑटोमैटिक तरीके से की जा रही है। इसका मतलब है कि अब आपको अपने मीटर को मोबाइल की तरह पहले से रिचार्ज करने की कोई जरूरत नहीं होगी।
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स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिये आवश्यक सूचना। \r\nउ0प्र0पा0का0लि0 द्वारा समस्त प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। \r\nसमस्त उपभोक्ताओं को माह मई 2026की खपत का बिल पोस्टपेड माध्यम से निर्गत करते हुए माह जून 2026 में SMS/WhatsApp द्वारा… pic.twitter.com/Dx21Ayd2iJ
आइए जानते हैं एमडी नितीश कुमार द्वारा जारी किए गए इस सर्कुलर की सबसे महत्वपूर्ण और बिंदुवार बातें, जिनका सीधा असर आपकी जेब और आपके बिजली कनेक्शन पर पड़ेगा:
1. बिलिंग साइकिल: हर महीने की 10 तारीख तक मिलेगा बिल
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपभोक्ताओं को उनकी मई 2026 की ऊर्जा खपत का पहला नया पोस्टपेड बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा।
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सख्त निर्देश: सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बिल हर हाल में प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक जनरेट (सृजित) कर दिया जाना चाहिए।
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मैनुअल रीडिंग (बैकअप प्लान): यदि नेटवर्क की समस्या (Non-Communication) के कारण महीने की 5 तारीख तक किसी स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग सर्वर को प्राप्त नहीं होती है, तो विभाग इंतजार नहीं करेगा। ऐसे मामलों में AMISPs (एजेंसी) के माध्यम से घर जाकर 'मैनुअल रीडिंग' ली जाएगी और 10 तारीख तक हर हाल में उपभोक्ता को बिल उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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2. सबसे बड़ा बदलाव: सिक्योरिटी धनराशि (Security Deposit) का नया नियम
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यह इस सर्कुलर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे हर उपभोक्ता को समझना चाहिए। जब पहले साधारण मीटरों को 'प्रीपेड स्मार्ट मीटर' में बदला गया था, तब विभाग ने आपकी जमा पुरानी 'सिक्योरिटी धनराशि' को आपके प्रीपेड बैलेंस (बिल) में एडजस्ट कर दिया था।
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चूंकि अब मीटर वापस 'पोस्टपेड' हो रहे हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के अनुसार, उपभोक्ताओं के खाते में सिक्योरिटी मनी होना अनिवार्य है। लेकिन UPPCL ने जनता पर एक साथ आर्थिक बोझ न डालने का शानदार फैसला किया है:
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4 आसान किस्तों में कटौती: वर्तमान 'कॉस्ट डाटा बुक-2026' के अनुसार आपके कनेक्शन के स्वीकृत भार (Load) के आधार पर जो भी सिक्योरिटी धनराशि बनेगी, उसे एकमुश्त नहीं लिया जाएगा।
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कब से कटेगा पैसा? यह सिक्योरिटी मनी 4 समान किस्तों में आपके बिल में जोड़ी जाएगी। इसकी पहली किस्त जून-2026 के बिल (जो जुलाई 2026 में जनरेट होगा) में जुड़कर आएगी और बाकी 3 किस्तें अगले 3 महीनों के बिलों में ली जाएंगी। यह काम RMS सिस्टम द्वारा अपने आप किया जाएगा।
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3. भुगतान की समय सीमा (Due Date) और कनेक्शन कटने के नियम
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पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद, उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा:
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15 दिन का समय: बिल जनरेट होने की तारीख से उपभोक्ता को बिल जमा करने के लिए 15 दिन की 'ड्यू डेट' (Due Date) दी जाएगी।
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7 दिन का ग्रेस पीरियड: यदि कोई उपभोक्ता ड्यू डेट तक बिल नहीं भर पाता है, तो उसे 7 दिन का अतिरिक्त समय (Disconnection Date) दिया जाएगा।
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पेनल्टी (LPS): यदि इस अवधि के बाद भी बिल का भुगतान नहीं होता है, तो उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 और प्रचलित टैरिफ के अनुसार 'विलंब अधिभार' (Late Payment Surcharge) लगाया जाएगा और लाइन काटी जा सकती है।
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4. घरेलू उपभोक्ताओं को बकाया जमा करने में बड़ी राहत
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एमडी नितीश कुमार के आदेश में घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रीपेड मोड से पोस्टपेड मोड में शिफ्ट होने वाले ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनका 30 अप्रैल 2026 तक का पुराना बकाया (विलंब अधिभार सहित) बाकी है, उन्हें उस भारी-भरकम बकाये को चुकाने के लिए 10 आसान किस्तों की बड़ी राहत दी गई है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपना पुराना कर्ज उतारने में बहुत आसानी होगी।
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5. सिर्फ डिजिटल बिलिंग: SMS और WhatsApp पर आएगा बिल
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कागज की बर्बादी रोकने और बिलिंग को फास्ट करने के लिए, सभी स्मार्ट पोस्टपेड बिल अब घर पर प्रिंट करके नहीं दिए जाएंगे। ये बिल उपभोक्ताओं को सीधे उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS और WhatsApp के जरिए भेजे जाएंगे।
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यदि नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, तो अपनाएं ये तरीके:
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अक्सर कई उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर विभाग (RMS) में रजिस्टर्ड नहीं होता या गलत होता है। ऐसे में बिल न मिलने की समस्या से बचने के लिए UPPCL ने मजबूत व्यवस्था की है:
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A. WhatsApp Chatbot की सुविधा: उपभोक्ता अपने डिस्कॉम के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर अपना 'संयोजन संख्या' (Account Number) भेजकर तुरंत अपना बिल प्राप्त कर सकते हैं। अपने क्षेत्र का नंबर आज ही सेव करें:
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पूर्वांचल वि०वि०नि०लि० (PUVVNL):+91 801-096-8292
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मध्यांचल वि०वि०नि०लि० (MVVNL):+91 766-900-3409
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पश्चिमांचल वि०वि०नि०लि० (PVVNL):+91 785-980-4803
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दक्षिणांचल वि०वि०नि०लि० (DVVNL):+91 801-095-7826
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केस्को-कानपुर (KESCO):+91 828-783-5233
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B. 1912 IVRS सुविधा: उपभोक्ता UPPCL के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके IVRS (कम्प्यूटरीकृत आवाज) के माध्यम से भी अपना बिल जान सकते हैं। विभाग ने 1912 पर स्मार्ट मीटर बिलिंग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष मॉनिटरिंग डेस्क स्थापित करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं।
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6. नए कनेक्शन के लिए क्या है नियम?
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आदेश के अंत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में उत्तर प्रदेश में जारी किए जाने वाले सभी नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट मीटर के माध्यम से 'पोस्टपेड मोड' में ही निर्गत किए जाएंगे। यानी अब यूपी में प्रीपेड मीटर का युग आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है।
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UPPCL के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार का यह फैसला उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा की दिशा में एक 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है। 10 तारीख तक बिल मिलने की गारंटी, सिक्योरिटी डिपॉजिट को 4 किस्तों में लेने की सहूलियत और बकायेदारों को 10 किस्तों की मोहलत, ये सभी कदम साबित करते हैं कि UPPCL अब पूरी तरह से 'कंज्यूमर-फ्रेंडली' (उपभोक्ता-हितैषी) दृष्टिकोण अपना रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे असुविधा से बचने के लिए तुरंत अपना सही मोबाइल नंबर बिजली विभाग के सिस्टम में अपडेट करवा लें।
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(डिस्क्लेमर: उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे साइबर ठगी से बचने के लिए केवल UPPCL के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर (1912) और ऊपर दिए गए आधिकारिक WhatsApp नंबरों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके बिल का भुगतान न करें।)
Sabse pehle comment karne wale banein.